AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 6 अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी

AP State Board Syllabus AP SSC 10th Class Hindi Textbook Solutions Chapter 6 अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी Textbook Questions and Answers.

AP State Syllabus SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 6 अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी

10th Class Hindi Chapter 6 अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी Textbook Questions and Answers

InText Questions (Textbook Page No. 30)

प्रश्न 1.
आवाज़ का पर्याय क्या है?
उत्तर:
आवाज़ का पर्याय है ध्वनि, बोली, स्वर, भाषा।

प्रश्न 2.
किसी प्राणी की अनोखी विशेषता बताइए।
उत्तर:
किसी प्राणी की अनोखी विशेषता उसकी भाषा है।

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प्रश्न 3.
इस गद्यांश के लिए उचित शीर्षक दीजिए।
उत्तर:
इस गद्यांश के लिए उचित शीर्षक है – “पशु – पक्षियों की भाषा”

InText Questions (Textbook Page No. 32)

प्रश्न 1.
भारत देश को स्वतंत्र कराने में हिंदी भाषा का क्या योगदान रहा होगा?
उत्तर:
भारत के अलग – अलग प्रांतों में अलग – अलग भाषाएँ बोली जाती हैं। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में देश को एकता के सूत्र में बाँधने के लिए एक भाषा की आवश्यकता हुई। यह काम हिंदी से ही साध्य हो सका। भारत के सभी प्रांतों से जुड़ने के लिए एक भाषा की आवश्यकता होती हैं जिसे सारे भारत के वासी जानते हैं। वैसी भाषा ही हिंदी है। वह हिंदी भाषा ही उस समय भारतदेश को स्वतंत्र कराने में उनमें एकता दिलायी होगी। सारे भारतीयों को एकता के सूत्र में बाँधी होगी। इस प्रकार भारत देश को स्वतंत्र कराने में हिंदी भाषा का अच्छा योगदान रहा होगा।

प्रश्न 2.
हिंदी भाषा की क्या विशेषता है?
उत्तर:

  • हिंदी संस्कृति, सभ्यता व गरिमा का प्रतीक है।
  • हिंदी करोडों लोगों की जीविका बन चुकी है।
  • हिंदी भाषा से सारे भारत की पहचान अच्छी तरह से कर सकते हैं।
  • हमें भारत के सभी प्रांतों से जुडने के लिए हिंदी भाषा की आवश्यकता होती है।
  • हिंदी सारे भारतीयों को एकता के सूत्र में बाँधती है।
  • हिंदी अपने शाब्दिक अर्थ से भी भारतीय कहलाती है।

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प्रश्न 3.
हिंदी भाषा सीखने से क्या – क्या लाभ हैं?
उत्तर:

  • हिंदी भाषा सीखने से ये लाभ मिलते हैं।
  • हिंदी से हम सारे भारत की पहचान अच्छी तरह से कर सकते हैं।
  • हमें भारत के सभी प्रांतों से यह भाषा जुडाती है।
  • यह भाषा हमें एकता के सूत्र में बाँधती है।।
  • मीडिया, फिल्म उद्योग, बैंक आदि क्षेत्रों में हिंदी की उपयोगिता बढ़ती जा रही है।
  • हिंदी भाषा से कई रोज़गार हमें मिलते हैं।
  • हिंदी से अपने भविष्य का निर्माण करने के लिए कई वेबसाइट सेवा में तत्पर हैं।
  • हम हिंदी भाषा से अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

अर्थव्राह्यता-प्रतिक्रिया

अ) प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

प्रश्न 1.
“हिंदी विश्वभाषा है।’ इस कथन के बारे में अपने विचार व्यक्त कीजिए।
(या)
हिंदी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोभित है। अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर:

  • अब हिंदी न केवल भारत की बल्कि विश्व की भाषा बन चुकी है।
  • संसार के विविध क्षेत्रों में हिंदी करोड़ों लोगों की जीविका बन चुकी है।
  • आज भारत के अलावा बंग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, भूटान, फिज़ी, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिडाड एवं टुबेगो, द.अफ्रिका, बहरीन, कुवैत, ओमान, कत्तर, सौदी अरब गण राज्य, श्रीलंका , अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, जापान, मॉरिशस और ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में हिंदी की माँग बढती ही जा रही है।
  • विदेशों में भी हिंदी की रचनाएँ लिखी जा रही हैं।
  • विदेशों में भारतीयों से आपसी व्यवहार के लिए वहाँ के लोग भी हिंदी सीख रहे हैं।
  • भारत के अलावा अन्य देशों में भी कई संस्थाएँ हिंदी के प्रचार व प्रसार में जुटी हुई हैं।
  • आज विश्व भर में करीब डेढ़ सौ से अधिक विश्व विद्यालय हिंदी संबंधी कोसों का संचालन कर रहे हैं।
  • बैंक, मीडिया, फिल्म उद्योग आदि क्षेत्रों में हिंदी की उपयोगिता दिन – ब – दिन बढ़ती ही जा रही है।
  • हिंदी नये – बये रोजगारों का प्रमुख आधार बन चुकी है। :- सारा विश्व हिंदी का महत्व जान चुका है।
  • हर वर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाते हैं। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि हिंदी “विश्व भाषा” है।

प्रश्न 2.
‘भारत में अनेकता में एकता का प्रतीक हिंदी है।’ कैसे?
उत्तर:
भारत देश एक विशाल देश है। इसमें विभिन्न जातियों, धर्मों और भाषाओं के लोग रहते हैं, इस कारण इस देश में विभिन्नता बनी हुयी है।

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में देश को एकता के सूत्र में लाने एक भाषा की आवश्यकता हुई। यह काम तो हिंदी से ही साध्य हो सका। हिंदी से हम सारे देश की पहचान अच्छी तरह कर सकते हैं। हिंदी को सभी प्रांतों के भारतवासी जानते हैं और समझ सकते हैं। हिंदी अपने शाब्दिक अर्थ से भी भारतीय कहलाती है। हिंदी भारतीयों को जोडनेवाली भाषा बन गयी है। इससे ही भारत देश के वासियों के बीच एकता बनी हुयी है।

यह एक ही भाषा है जो सारे भारतीयों को एक सूत्र में बाँधती है। इसलिए हम कह सकते हैं कि भारत में अनेकता में एकता का प्रतीक हिंदी ही है।

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आ) पाठ के आधार पर निम्न प्रश्नों के उत्तर हाँ या नहीं में दीजिए।

प्रश्न 1.
हिंदी देश को एकता के सूत्र में बाँधती है।
उत्तर:
हाँ

प्रश्न 2.
14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।
उत्तर:
हाँ

प्रश्न 3.
10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है।
उत्तर:
हाँ

प्रश्न 4.
हिंदी भाषा से रोज़गार की संभावनाएँ अधिक हैं।
उत्तर:
हाँ

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इ) नीचे दिये गये वाक्य पाठ के आधार पर उचित क्रम में लिखिए।

1. भारतीय हिंदी शाब्दिक अर्थ भी कहलाती है से अपने
2. हिंदी 14 सितंबर मनाते हैं को दिवस
3. तरह इस हिंदी अंतर्राष्ट्रीय पर शोभित है स्तर
4. स्वास्थ्य ध्यान पूरा रखना का अपने
उत्तर:
1. हिंदी अपने शाब्दिक अर्थ से भी भारतीय कहलाती है।
2. 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाते हैं।.
3. इस तरह हिंदी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोभित है।
4. अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखना।

ई) नीचे दिया गया विज्ञापन पढ़िए। प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
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प्रश्न 1.
यह विज्ञापन किस बैंक का है?
उत्तर:
यह विज्ञापन भारतीय स्टेट बैंक का है।

प्रश्न 2.
किस नौकरी के लिए यह विज्ञापन दिया गया है?
उत्तर:
राज भाषा अधिकारियों की (सहायक प्रबंधक – राजभाषा) भर्ती के लिए यह विज्ञापन दिया गया है।

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प्रश्न 3.
आवेदन करने से पहले वेबसाइट से अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए क्यों कहा गया होगा?
उत्तर:
आवेदन करने से पहले वेबसाइट से अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए इन निम्न लिखित कारणों से कहा गया होगा –

  • वह योग्य आवेदक है या नहीं इसे जानने के लिए जानकारी प्राप्त करने के लिए।
  • आवेदक शुल्क के विवरण जानने के लिए।
  • आवेदक की शैक्षणिक तथा सांकेतिक योग्यताओं के बारे में जानने।
  • आवेदक का आयु और अन्य विवरण जानने के लिए।

अभिव्यक्ति – सृजनात्मकता

अ) इन प्रश्नों के उत्तर तीन – चार पंक्तियों में लिखिए।

प्रश्न 1.
सांस्कृतिक दृष्टि से हिंदी का क्या महत्व है?
उत्तर:
हिंदी केवल एक भाषा का नाम नहीं है। यह भारतीयों की साँसों में बसी भाषा है। यह सबकी संस्कृति, सभ्यता व गरिमा का प्रतीक है। भारत देश की संस्कृति इस भाषा में निहित है। हिन्दी के प्रमुख कवियों ने सांस्कृतिक तथा देश की एकता के लिए भी अपनी रचनाओं में ज़ोर दी।

प्रश्न 2.
हिंदी देश को जोड़नेवाली कड़ी है। इसे अपने शब्दों में सिद्ध कीजिए।
(या)
हिंदी देश को जोड़नेवाली कड़ी है। अपने विचार लिखिए।
उत्तर:

  • हिंदी भारतीयों की साँसों में बसी भाषा है।
  • यह सबकी संस्कृति, सभ्यता तथा गरिमा का प्रतीक है।
  • हिंदी भाषा का अपने जीवन में महत्व है।
  • भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी देश को एकता के सूत्र में बाँध दी।
  • आज हमें एक से अधिक भाषाएँ सीखना ज़रूरी है। इसलिए हिंदी का स्थान महत्वपूर्ण है।
  • हिंदी से हम सारे भारत की पहचान अच्छी तरह से कर सकते हैं।
  • हमें भारत के सभी प्रांतों से जुड़ने के लिए हिंदी की आवश्यकता होती है।
  • हिंदी को सारे भारतवासी जानते हैं।
  • हिंदी शाब्दिक अर्थ से भी भारतीय कहलाती है। इसलिए हम कह सकते हैं कि हिंदी जोड़नेवाली भाषा है तोडनेवाली नहीं। हिंदी देश को जोडनेवाली कडी है।

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आ) राष्ट्रीय एकता की दृष्टि से हिंदी महत्वपूर्ण भाषा है। इस पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर:

  • अब हिंदी न केवल भारत की बल्कि विश्व की भाषा बन चुकी है।
  • संसार के विविध क्षेत्रों में हिंदी करोड़ों लोगों की जीविका बन चुकी है।
  • आज भारत के अलावा बंग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, भूटान, फिज़ी, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिडाड एवं टुबेगो, द.आफ्रिका, बहरीन, कुवैत, ओमान, कत्तर, सौदी अरबगणराज्य, श्रीलंका, अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, जापान, मॉरिशस, आस्ट्रेलिया आदि देशों में हिंदी की माँग बढ़ती ही जा रही है।
  • हिंदी की साहित्य रचना में वहाँ के हिंदी साहित्यकारों का विशेष योगदान हैं।
  • विदेशों में भारतीयों से आपसी व्यवहार करने के लिए वहाँ के लोग भी हिंदी सीख रहे हैं।
  • भारत के अलावा अन्य देशों में भी कई संस्थाएँ हिंदी के प्रचार व प्रसार में जुटी हुई हैं।
  • विश्व भर में आज करीब डेढ़ सौ विश्व विद्यालय हिंदी संबंधी कोसों का संचालन कर रहे हैं। * सारा विश्व हिंदी का महत्व जान चुका है।
  • हिंदी की कई वेबसाइट भी सेवा में तत्पर हैं।
  • हर वर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाते हैं।

इसलिए हम कह सकते हैं कि राष्ट्रीय एकता की दृष्टि से हिंदी महत्त्वपूर्ण भाषा है।

इ) ‘हिंदी भाषा’ पर एक छोटा सा निबंध लिखिए।
उत्तर:
हिंदी केवल एक भाषा का नाम नहीं हैं। यह भारतीयों की साँसों में बसी भाषा है। यह सबकी संस्कृति, सभ्यता व गरिमा का प्रतीक है। गाँधीजी ने अपना जीवन देश की स्वतंत्रता के साथ – साथ हिंदी की सेवा में समर्पित कर दिया था।

भारतीय स्वतंत्र संग्राम में देश को एकता के सूत्र में बाँधने के लिए हिंदी की आवश्यकता हुई। हिंदी से हम सारे भारत की पहचान अच्छी तरह से कर सकते हैं। हमें भारत के सभी प्रांतों से जुड़ने के लिए हिंदी भाषा की आवश्यकता होती है। इसे सारे भारत के वासी जानते हैं। हिंदी सारे भारतीयों को एकता को सूत्र में बाँधती है। हिंदी शाब्दिक अर्थ से भी भारतीय कहलाती है।

इसलिए देश की वर्तमान और भविष्य की परिस्थितियों को दृष्टि में रखकर भारतीय संविधान ने अनुच्छेद 343(1) के तहत हिंदी को 14 सितंबर 1949 को राजभाषा के रूप में गौरवान्वित किया है। तब से हम हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाते हैं।

आज कल भारत के अलावा विश्व भर कई देशों में हिंदी की माँग बढ़ती जा रही है। अन्य देशों में भी हिंदी के प्रचार व प्रसार में कई संस्थाएँ जुटी हुई हैं। हिंदी की सेवा में कई वेबसाइट भी तत्पर हैं। 10 जनवरी को हर वर्ष विश्व हिंदी दिवस के रूप में सारी दुनिया मनाती है।

हिंदी राष्ट्र भाषा के साथ – साथ राज भाषा भी होने के कारण भारत देश के सारे काम काज हिंदी में ही हो रहे हैं।

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ई) मनोरंजन की दुनिया में हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
मानव शारीरिक या मानसिक रूप से काम करके थक जाता है। तब उसे मनोरंजन की ज़रूरत होती है। वैसे तो मनोरंजन से शारीरिक नस ढीली पढती है। इससे फिर से शक्ति एकत्रित होकर नव उल्लास व चेतनता का संचार होता है। खेलकूद, सिनेमा, रेडियो, भ्रमण, पुस्तक – पठन दूरदर्शन आदि अनेक साधनों से मनोरंजन होता है।

संसार के अधिक लोगों द्वारा बोली जानेवाली भाषाओं में हिंदी का दूसरा स्थान है। इस तरह हिंदी मनोरंजक साधनों को प्रमुख भाषा भी हुई है। हमारे भारत में अधिकतर फ़िल्में हिन्दी में ही बन रही हैं। ये फ़िल्में देश विदेशों में प्रदर्शित हो रही हैं। इससे कई लोग मनोरंजन के साथ हिंदी भी सीखते हैं। रेडियो, एफ. एम रेडियो, मोबाइल फ़ोन, आइ – पॉड आदि से अनेक कार्यक्रम हिंदी में प्रसारित हो रहे हैं। दूरदर्शन के ज़रिये अधिकतर कार्यक्रम हिन्दी में ही प्रसारित हो रहे हैं। इनसे हिंदी जानने और सीखनेवाले मनोरंजन पा रहे हैं। कई नेटवर्क के चानलों का प्रसार भी तीव्रगति से हो रहा है।

राष्ट्रीय स्तर पर होनेवाले खेलकूदों की टीका – टिप्पणी भी अधिकतर हिंदी में ही होने लगी है। बिना किसी रुकावट के सारे भारत में पर्यटन कर सकते हैं।

इस तरह मनोरंजन की दुनिया में हिंदी का महत्व आज सशक्त और प्रशंसनीय रहा है।

भाषा की बात

अ) कोष्ठक में दी गयी सूचना पढ़िए और उसके अनुसार कीजिए।

प्रश्न 1.
भाषा, समाधान, संकल्प (एक – एक शब्द का वाक्य प्रयोग कीजिए और उसके पर्याय शब्द लिखिए।)
उत्तर:
वाक्य प्रयोग

  1. भाषा – आंध्र प्रदेश में तेलुगु भाषा बोली जाती है।
  2. समाधान – अध्यापक छात्र जिज्ञासा का समाधान दे रहे हैं।
  3. संकल्प – मन में यदि संकल्प करें तो हम हर काम आसानी से कर सकेंगे।

पर्याय शब्द

  1. भाषा – बोली, वाणी
  2. समाधान – उत्तर, जवाब
  3. संकल्प – निर्णय, दृढ निश्चय

प्रश्न 2.
एकता, स्वदेश, प्राचीन (एक – एक शब्द का विलोम शब्द लिखिए और उससे वाक्य प्रयोग कीजिए।)
उत्तर:
विलोम शब्द

  1. एकता × अनेकता
  2. स्वदेश × विदेश/परदेश
  3. प्राचीन × नवीन/नया, अर्वाचीन

वाक्य प्रयोग

  1. एकता : भारत देश में अनेकता में एकता का दर्शन होता है।
  2. स्वदेश : हमें स्वदेश में रहने से जितना आनंद मिलेगा उतना विदेश में नहीं मिलेगा।
  3. प्राचीन : हमारा भारत प्राचीन और नवीन विशाल देश है।

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प्रश्न 3.
परीक्षा, संस्था, दिशा (एक – एक शब्द का वचन बदलिए और वाक्य प्रयोग कीजिए।)
उत्तर:
वचन

  1. परीक्षा – परीक्षाएँ
  2. संस्था – संस्थाएँ
  3. दिशा – दिशाएँ

वाक्य प्रयोग

  1. परीक्षा – अंतिम परीक्षाओं में भी हमें सफलता मिली।
  2. संस्था – आज देश में अनेक संस्थाएँ खोली जा रही हैं।
  3. दिशा – दुनिया के चारों दिशाओं के समाचार हमें समाचार पत्रों के द्वारा मिलते हैं।

आ) सूचना पढ़िए और उसके अनुसार कीजिए।

1. सकुशल, अनुक्रम, अनुचित (उपसर्ग पहचानिए।)

  1. सकुशल – स
  2. अनुक्रम – अनु
  3. अनुचित – अन

2. वार्षिक, खुशी, भारतीय (प्रत्यय पहचानिए।)

  1. वार्षिक – इक
  2. खुशी – ई
  3. भारतीय – ईय

प्रश्न 3.
देश को एकता के सूत्र में बाँधने के लिए एक भाषा की आवश्यकता हुई। (कारक पहचानिए।)
उत्तर:
इस वाक्य में, को, के, में, के लिए, की कारक हैं।

इ) सूचना पढ़िए और उसके अनुसार कीजिए।

प्रश्न 1.
सलाह, सरकार, संविधान, संस्कृति, समाधान (लिंग की पहचान कीजिए।)
उत्तर:

  1. सलाह – स्त्रीलिंग
  2. सरकार – स्त्रीलिंग
  3. सवधिान – पुंलिंग
  4. संस्कृति – स्त्रीलिंग
  5. समाधान – पुंलिंग

प्रश्न 2.
जो विश्व के सभी देशों से जुड़ा हो। (एक शब्द में लिखिए।)
उत्तर:
अंतर्राष्ट्रीय/वैश्वीकरण

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प्रश्न 3.
अद्वितीय (अनेक शब्दों में लिखिए।)
उत्तर:
जिसके समान कोई दूसरा न हो

ई) नीचे दिये गये वाक्य रचना की दृष्टि से समझिए।
1. मुझे पूरा विश्वास है कि तुम हिंदी से अपना भविष्य बनाओगे।
2. जो जानकारी दी गयी है उसे समझिए।
3. तुमने पूछा कि हिंदी का क्या महत्व है?
उत्तर:
i) ये तीन वाक्य मिश्रित वाक्य है।
ii) यहाँ सरल वाक्य के साथ उपवाक्य का मेल हुआ है।
iii) सरल वाक्य के साथ किसी आश्रित वाक्य का मेल होता उसे मिश्रित वाक्य कहते हैं।

परियोजना कार्य

इस पुस्तक के पहले पाठ से पाँचवें पाठ तक आये चित्रों में अपने मनपसंद चित्र का चयन कीजिए और उसके बारे में पाँच वाक्य लिखिए। उसका प्रदर्शन कक्षा में कीजिए।
उत्तर:
मेरा मनपसंद चित्र चौथा पाठ “कण – कण का अधिकारी” नामक कविता पाठ का है। मैं इसे यहाँ पेश कर रहा हूँ।
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इस चित्र के बारे में पाँच वाक्य :

  • इस चित्र के द्वारा श्रम के महत्व के बारे में हमें मालूम होता है।
  • इस चित्र में एक व्यक्ति कोयले के खान में काम करनेवाला है।
  • इस चित्र में एक किसान का चित्र भी अंकित किया गया है जो खेतीबारी से संबंधित हल को भुजा पर धारण किया हुआ है।
  • एक व्यक्ति के हाथ में एक हथौड़ा है। जो लोहे का है। जिससे लुहारों के कठिन श्रम हमें मालूम होता है। एक आदमी के हाथ में खंता है। वह खंते से जमीन खोद रहा है।
  • एक स्त्री के कंधे पर घास का बोझा है और उसके एक हाथ में हँसिया है।
  • एक स्त्री के सिर पर सिमेंट (चूने) का थाला है। – इस चित्र में श्रमिकों से बनाया गया एक बाँध भी है।
  • इन सारे चित्रों से हमें श्रम का महत्व मालूम हो रहा है।
  • सच हैं श्रमिक ही कण – कण का अधिकारी है। श्रम जीवन ही सौंदर्य जीवन है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी Summary in English

Hyderabad,
8-9 – 2014.

Dear friend,
How are you? I hope you and all of your family members are safe. I feel very glad when I came to know that you were participating in various programmes regarding Hindi.
In your letter you wanted me to write the greatness of the Hindi language in our life. I am going to answer in this letter.

During the freedom movement, we were in need of a language for the integrity of the whole country. It was possible with the Hindi language. Nowadays, we should learn more than one language. Of these, Hindi and English are of great importance. We can identify India to a great extent through the Hindi language. Different languages are spoken in different regions of India.

We are in need of a language to have connectivity with all other regions of India. That language should be acquainted with every Indian. That language is nothing but Hindi. It binds all Indians with the doctrine of unity. Even we observe Hindi in its literal meaning, it is called an Indian language. Hence, taking all these into consideration, the article 343(1) in the Indian Constitution declared Hindi as our national language on 14 September 1949. Since then we have been celebrating 14 September as Hindi Day.

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Nowadays besides in India, there is growing concern about Hindi in the countries such as Bangladesh, Nepal, Myanmar, Bhutan, Fizi, Gayana, Surinam, Trinidad & Tobago, South Africa, Bahrain, Kuwait, Onam, Qatar. Saudi Arabia, Sri Lanka, America, England, Germany, Japan, Mauritius, Australia etc. In foreign countries too, works of literature are being done in Hindi. In those works, the native writers are also playing a significant role. What is the matter of pride is that those foreigners are learning to negotiate with the Indian in foreign countries. In this way passion towards Hindi is growing. So many organizations are taking part in the publicity and the transmission of Hindi not only in India but also in other countries. In this regard, the ser oradora rawatan varausta vices of central Hindi Organization are worth mentioned. Nowadays more than 1500 universities are offering courses concerning Hindi throughout world. The significance of Hindi is increasing in the fields of banking media, film industry etc. Thus, today Hindi became a main source for many new occupations. The web sites such as www. rajbhasha .nic. in, www. ildc .gov.in, www. bhashaindia. com, www. ssc. nic.in, www. parliamentofindia. nic. in,www. ibps. in,www.khsindia.org, www.hindinideshalaya.nic. in etc., are committed to render their services to those who desire to build their future with Hindi. Knowing the magnificience of Hindi, the whole world is celebrating 10 January every year as Universal Hindi Day. It is a matter of pride to us. In this way, Hindi is glittering on the international platform.

You asked my advice in choosing Hindi as second language to continue your studies. We are well aware of the glory of Hindi nationally as well as internationally. We can build our bright future through this Hindi language. Therefore, choosing Hindi alone as first language or second language is advantageous to you for your further studies. I fondly hope that you having connectivity with Hindi, would illuminate the name of our country at international level.

Convey my regards to the elders at your home. Take care of your health.

Your loving friend,
Basheer Ahmed

Address
To
S. Abhinav Kumar,
10th class,
AP Model School,
Velidanda,
Mahaboobnagar – 509 360.

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी Summary in Telugu

హైదరాబాద్,
8-9-2014.
ప్రియమైన మిత్రమా,

నీవు ఎలా ఉన్నావు? నీవు నీ కుటుంబ సభ్యులందరూ క్షేమంగా ఉన్నారని ఆశిస్తున్నా. నీవు హిందీకి సంబంధించి వివిధ కార్యక్రమాలలో పాల్గొనుచున్నావని తెలిసి చాలా సంతోషించితిని.

నీవు, నీవు వ్రాసిన ఉత్తరంలో మన జీవితంలో హిందీ భాష గొప్పతనం ఏమిటో తెలిసిగొన కోరితివి. దానికి నేను సమాధానం ఈ ఉత్తరంలో తెలియజేయుచున్నాను.

భారతదేశ స్వాతంత్ర్య సంగ్రామంలో దేశం మొత్తాన్ని ఐకమత్యంగా ఉంచడానికి ఒక భాష అవసరమైనది. హిందీ భాషతో ఆ పని సాధ్యమైనది. ఈ రోజు మనం ఒకటి కంటే ఎక్కువ భాషలను నేర్చుకొనవలసియున్నది. వీటిలో హిందీ మరియు ఆంగ్ల భాషల స్థానము ప్రాధాన్యత గొన్నవి. హిందీ భాష ద్వారా మనందరము భారతదేశమును బాగా గుర్తించగలిగెదము. భారతదేశంలో వివిధ ప్రాంతాలలో వివిధ భాషలు మాట్లాడబడుచున్నవి.

మనం భారతదేశంలోని అన్ని ప్రాంతాలతో సంబంధంను కలిగి యుండుటకు ఒక భాష అవసరమైయున్నది. ఆ భాష భారతీయులందరికీ తెలిసినదై యుండవలెను. ఆ భాషయే హిందీ భాష. ఆ భాష (హిందీ) భారతీయులందర్నీ . ఐక్యతా సూత్రంలో బంధిస్తుంది. హిందీని శాబ్దిక అర్థంతో పరిశీలించినా అది భారతీయ భాష అని పిలువబడును. అందువలన దేశంలోని వర్తమాన, భవిష్యత్ పరిస్థితులను దృష్టిలో పెట్టుకుని భారతీయ రాజ్యాంగంలోని అనుచ్ఛేదం 343 (1) ఆధారంగా హిందీ భాషను 14 సెప్టెంబర్ 1949 సం||లో “రాజ భాష” (అధికార భాష) గా ప్రకటించి గౌరవించడమైనది. అప్పటి నుండి మనం ప్రతి సంవత్సరం 14 సెప్టెంబర్ ను. హిందీ దినంగా జరుపుకుంటున్నాం.

ఈ రోజున భారతదేశంలోనే కాక బంగ్లాదేశ్, నేపాల్, మయన్మార్, భూటాన్, ఫిజీ, గయానా, సూరినామ్, ట్రినిటాడ్ & టుబేగో, ద.ఆఫ్రికా, బహరైన్, కువైట్, ఒమన్, కతార్, సౌదీ అరేబియా, శ్రీలంక, అమెరికా, ఇంగ్లాండ్, జర్మనీ, జపాన్, మారిశస్, ఆస్ట్రేలియా మొదలగు దేశాలలో హిందీపై మక్కువ పెరుగుచున్నది. విదేశాలలో కూడా హిందీలో రచనలు జరుగుచున్నవి. ఆ రచనలలో అక్కడి సాహిత్యకారుల విశేష పాత్ర కూడా ఉన్నది. మనందరికీ గర్వకారణమైన విషయం ఏమిటంటే విదేశాలలోని భారతీయులతో పరస్పర వ్యవహారాల కోసం అక్కడి విదేశీయులు హిందీ నేర్చుకుంటున్నారు. ఈ విధంగా హిందీపై అభిరుచి ప్రపంచ వ్యాప్తంగా పెరిగిపోతూ ఉన్నది. అందువలన భారతదేశంలోనే కాక అన్య ఇతర దేశాలలో కూడా ఎన్నో సంస్థలు హిందీ ప్రచారం మరియు ప్రసారంలో పాలుపంచుకొనుచున్నవి. దీనిలో కేంద్రీయ హిందీ సంస్థాన్ వారి సేవలు కూడా మహత్య పూర్ణమైనవి. ఈ రోజు ప్రపంచ వ్యాప్తంగా దాదాపు 1500 పైగా విశ్వవిద్యాలయాలు హిందీకి సంబంధించిన కోర్సులను నిర్వహించుచున్నవి. బ్యాంకులు, మీడియా, ఫిల్మ్ ఇండస్ట్రీస్ మొదలగు రంగాలలో కూడా హిందీ ఆవశ్యకత (ఉపయోగం) రోజు రోజుకూ పెరిగిపోతూనే ఉంది. ఈ విధంగా ఈ రోజు హిందీ కొత్త కొత్త జీవన వృత్తులకు ప్రధాన భూమిక (ఆధారం) అయినది. హిందీతో తమ భవిష్యతను నిర్మించుకొనువారికి www. rajbhasha .nic. in., www. ildc.gov.in, www. bhashaindia. com, www. ssc. nic.in, www. parliamentofindia.nic. in,www. ibps. in,www.khsindia.org, www.hindinide shalaya.nic.in మొదలగు వెబ్ సైట్లు హిందీ సేవలో తత్పరత కలిగియున్నవి. మనందరికీ గర్వకారక విషయం ఏమిటంటే ప్రపంచం అంతా హిందీ గొప్పతనాన్ని తెలిసికొని ప్రతి సం||రం జనవరి 10వ తారీఖును విశ్వహిందీ దినోత్సవంగా జరుపుకొనుచున్నది. ఈ విధంగా హిందీ అంతర్జాతీయ వేదికపై కూడా శోభిల్లుచున్నది.

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అవును, నీవు నీ చదువును కొనసాగించుటకు రెండవ భాషగా హిందీని ఎంపిక చేసికొను విషయంలో సలహా అడిగితివి. మనం జాతీయంగా, అంతర్జాతీయంగా హిందీ మహత్యాన్ని తెలిసికొనియున్నాము. మనం ఈ హిందీ భాష ద్వారా మన ఉజ్వల భవిష్యత్ ను నిర్మించుకొనవచ్చు. అందువలన నీవు నీ ముందలి చదువు కోసం ప్రథమ భాష లేదా ద్వితీయ భాషగా హిందీని ఎంపిక చేసుకొనడమే లాభదాయకము. నీవు హిందీతో సంబంధాన్ని కలిగియుండి అంతర్జాతీయ స్థాయిలో మన దేశ పేరును ప్రకాశింపజేస్తావని నాకు పూర్తి నమ్మకం ఉన్నది.

ఇంటిలోని పెద్దలకు నా నమస్కారములు తెలియజేయుము. నీ ఆరోగ్యం పట్ల పూర్తి జాగ్రత్త వహించవలెను.
నీ ప్రియ మిత్రుడు,
బశీర్ అహ్మద్

చిరునామా :
శ్రీ.యస్. అభినవ్ కుమార్,
10వ తరగతి,
ఏ.పీ. మోడల్ స్కూల్, వెలిదండ,
మహబూబ్ నగర్ – 509360.

अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता

2 Marks Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो या तीन वाक्यों में लिखिए।

प्रश्न 1.
राष्ट्रीय एकता की दृष्टि से हिन्दी का क्या महत्व है?
उत्तर:
भारत के स्वतंत्र संग्राम में देश को एकता के सूत्र में बाँधने का पवित्र कार्य हिन्दी भाषा के द्वारा ही साध्य हो सका। विभिन्न भाषाएँ बोलनेवाले, विभन्नि प्रान्तों के लगों को जोड़ने का पावन काम हिन्दी ही करती है। भारतीय भाषा, आसान भाषा और राष्ट्रीय भाषा होने के कारण जनता की भाषा बनकर सारे भारतीयों को एकता के सूत्र में बाँधती है। ।

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प्रश्न 2.
हिंदी राजभाषा के रूप में कब गौरवान्वित हुई?
(या)
हिंदी को राजभाषा के रूप में कब गौरवान्वित किया है? क्यों?
उत्तर:
14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने अनुचछेद 343 (1) के तहत, हिंदी को राजभाषा के रूप में गौरवान्वित किया। इसका कारण ये हैं कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में देश को एकता के सुत्र में बाँधने के लिए एक भाषा की आवश्यकता हुई। जिसे सारे भारत के वासी जानते हैं। वैसे भाषा हिंदी, हिंदी अपने शब्दिक अर्थ से भी भारतीय कहलाती हैं।

प्रश्न 3.
“भारत में अनेक भाषाएँ हैं, फिर भी हिंदी को ही राष्ट्रभाषा का दर्जा मिला” – क्यों?
उत्तर:
भारत विशाल देश है। भारत में अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं। भारत में हिन्दी बोलनेवालों की संख्या अधिक है। हिन्दी सबको जोड़ने का काम करती है। भारतीयों को एकता के सूत्र में बाँधने में हिन्दी सक्षम है। इसीलिए हिन्दी को ही राष्ट्रभाषा का दर्जा मिली।

प्रश्न 4.
हिंदी भाषा से रोजगार की संभावनाएँ अधिक हैं। कैसे ?
उत्तर:

  • हिंदी भाषी से रोजगार की संभावनाएँ अधिक हैं।
  • बैंक, मीडिया, फिल्म उद्योग आदि क्षेत्रों में हिंदी की उपयोगिता बढ़ रही है।
  • शिक्षा के क्षेत्र में भी रोजगार संबंधी हिंदी का प्रचार और प्रसार बढ़ रहा है।

प्रश्न 5.
बशीर अहमद ने अपने मित्र को आगे की पढ़ाई के लिए हिन्दी के संबंध में क्या सलाह दी?
उत्तर:
बशीर अहमद ने अपने मित्र को आगे की पढ़ाई के लिए हिंदी के संबंध में यह सलाह दी कि अल राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी का महत्वपूर्ण स्थान है। हम इससे अपने उच्चत भविच का निर्माण कर सकते हैं। इसलिए आगे की पढ़ाई के लिए प्रथम भाषा हो या द्वितीय भाषा, हिंदी का चयन करना ही लाभदायक है।

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प्रश्न 6.
भारत के अलावा किन – किन देशों में हिंदी की मांग बढ़ रही है?
उत्तर:
भारत के अलावा बंग्लादेश, नेपाल, स्यांमार, भूटान, फिनी, मुकना, सूरीनाम, त्रिनिटाड एवं टुवेगो, दक्षिण अफ्रीका, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सौदी अरब गणराज्य, श्रीलंका, अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी,
जापान, मारिशस, आस्ट्रेलिया आदि देशों में हिंदी की मांग बढ़ रही है ।

प्रश्न 7.
हिंदी की उपयोगिता किन – किन क्षेत्रों में बढ़ती जा रही है?
उत्तर:

  • हिंदी की उपयोगिता बैंक, मीडिया, फिल्म उद्योग आदि क्षेत्रों में बढ़ती जा रही है ।
  • हिंदी आज नये – नये रोजगारों का प्रमुख आधार बन चुकी है।

अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता

4 Marks Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर छह पंक्तियों में लिखिए।

प्रश्न 1.
हिंदी अनेकता में एकता को दर्शानेवाली भाषा है । अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर:

  • हिंदी अनेकता में एकता को दर्शानेवाली भाषा है।
  • भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में देश को एकता के सूत्र में बाँधने हिंदी भाषा की ही आवश्यकता हुयी।
  • हिंदी से ही हम सारे भारत की पहचान अच्छी तरह कर सकते हैं।
  • हमें भारत के सभी प्रांतों से जुडने के लिए हिंदी की ही आवश्यकता है । क्योंकि हिंदी ही भारतीयों को एकता के सूत्र में बाँधती है।
  • भारत में विभिन्न जातियों, धर्मों और भाषाओं के लोग रहते हैं । इसलिए इस देश में विभिन्नता है । इस
    विभिन्नता को दूर करके उसमें एकता लानेवाली भाषा हिंदी ही है ।
  • भारत में हिंदी बोलनेवालों की संख्या अधिक है । इसलिए हिंदी एकता को बढ़ानेवाली भाषा है ।
  • हिंदी अपने शाब्दिक अर्थ से भी भारतीय कहलाती है ।

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प्रश्न 2.
एक से अधिक भाषाएँ सीखने से क्या लाभ हैं?
उत्तर:

  • एक से अधिक भाषाएँ सीखने से हमें ये लाभ मिलते हैं
  • हमें सारे प्रांतों की पहचान अच्छी तरह होती है ।
  • सभी प्रांतों से हम जुड़ सकते हैं।
  • उद्योग धंधे, और जीविका के लिए अधिक भाषाओं की जानकारी की आवश्यकता है।
  • देश तथा विदेश भर में घूमने के लिए विविध भाषाओं की ज्ञान की आवश्यकता है।

प्रश्न 3.
भारत में हिंदी का प्रचार किन – किन संस्थाओं के द्वारा हो रहा है?
उत्तर:

  • भारत में हिंदी का प्रचार करने के लिए दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा के नाम से आंध्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु आदि राज्यों में संस्थाएँ कार्यरत हैं।
  • इसके अलावा केंद्रीय हिंदी संस्थान हिंदी का प्रसार एवं प्रचार में योगदान दे रहा है ।
  • इनके अलावा अनेक वेबसाइट हिंदी की सेवा में तत्पर हैं – जिनमें मुख्य हैं – www. rajbasha. nic.in, www.basha india. com, www. ssc. nic.in आदी ।

प्रश्न 4.
भारत में हिंदी दिवस क्यों मनाया जा रहा है?
उत्तर:

  • भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में देश को एकता के सूत्र में बाँधने हिंदी भाषा की ही आवश्यकता हुयी।
  • हिंदी से हम सारे भारत की पहचान अच्छी तरह से कर सकते हैं ।
  • हमें भारत के सभी प्रांतों से जुडने के लिए हिंदी की आवश्यकता है।
  • देश के वर्तमान और भविष्य को ध्यान में रखकर भारतीय संविधान ने अनुच्छेद 343(1) के तहत हिंदी को 14 सितंबर 1949 को राज भाषा के रूप में गौरवान्वित किया है ।
  • इस कारण हम तब से हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस भारत में मनाते आ रहे हैं ।

अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता

8 Marks Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 8-10 पंक्तियों में लिखिए।

प्रश्न 1.
स्वतंत्रता संग्राम में हिन्दी भाषा की भूमिका महत्वपूर्ण है। अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:

  • स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी भाषा की भूमिका महत्वपूर्ण है।
  • भारत देश अनेक छोटे – छोटे राज्यों में विभाजित था।
  • भारत को एकता के सूत्र में बाँधने के लिए एक भाषा की ज़रूरत थी।
  • स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए अनेक प्रकार के आंदोलन चलाये गये।
  • देश को आपस में जोड़ने के लिए एक कड़ी की ज़रूरत है।
  • उनमें हिंदी की भूमिका महान है।
  • देश के विविध प्रांतों के लोगों को मिलाने में हिंदी का स्थान महत्वपूर्ण रह्या

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प्रश्न 2.
अब हिन्दी न केवल भारत की बल्कि विश्व की भाषा बन चुकी है। इस कथन पर अपने विचार बताइए।
(या)
आज हिंदी भारत की ही नहीं बल्कि विश्व की भाषा बन चुकी है। अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:

  • आज हिंदी केवल राष्ट्र भाषा ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में अवतरित हुयी।
  • इसलिए आजकल हिंदी विश्व भाषा है ।
  • आज भारत के अलावा बंग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, भूटान, फिजी, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिडाड एवं टुबेगो, दक्षिण अफ्रीका, बहरीन, कुवैत, ओमन, कतर, सौदी अरब गणराज्य, श्रीलंका, अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, जापान, मॉरिशस, आस्ट्रेलिया आदि देशों में हिंदी की मांग बढ़ती ही जा रही है।
  • विदेशों में भी हिंदी में रचनाएँ लिखी जा रही हैं।
  • विदेशों में भारतीयों से आपसी व्यवहार के लिए वहाँ के लोग भी हिंदी सीख रहे हैं।
  • विदेशी हिंदी साहित्यकारों का योगदान भी मिल रहा है।
  • अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी कई संस्थाएँ हिंदी के प्रसार एवं प्रचार में जुटी हुई हैं।
  • आज विश्व भर में करीब डेढ़ सौ से अधिक विश्वविद्यालय हिंदी संबंधी कोसों का संचालन कर रहे हैं।
  • सारे विश्व में 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिक्स मनाया जाता है।

इसलिए कह सकते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी भाषा का महत्व अधिक है। उपर्युक्त इन सभी विषयों से हम कह सकते हैं कि आज हिंदी भारत की ही नहीं बल्कि विश्व की भाषा बन चुकी है।

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प्रश्न 3.
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी की उन्नति व प्रगति पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
भारत एक विशाल देश है। इसकी गौरवशाली परंपरा है। भारत की राष्ट्र भाषा बनने का सौभाग्य हिंदी को ही मिला है। यह सबकी संस्कृति, सभ्यता का गरिमा का प्रतीक है।

  • अब हिंदी न केवल भारत की बल्कि विश्व की भाषा बन चुकी है।
  • संसार के विविध क्षेत्रों में हिंदी करोड़ों लोगों की जीविका बन चुकी है।
  • आज भारत के अलावा बंग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, भूटान, फिजी, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिडाड एवं दुबेगो, द.अफ्रीका, बहरीन, कुवैत, ओमान, कत्तर, सौदी अरब गण राज्य, श्रीलंका, अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, जापान, मॉरिशस और ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में हिंदी की माँग बढ़ती ही जा रही है। विदेशों में भी हिंदी की रचनाएँ लिखी जा रही हैं।
  • इसमें वहाँ के साहित्यकारों का भी योगदान है। : विदेशों में भारतीयों से आपसी व्यवहार के लिए वहाँ के लोग भी हिंदी सीख रहे हैं।
  • भारत के अलावा अन्य देशों में भी कई संस्थाएँ हिंदी के प्रचार व प्रसार में जुटी हुई हैं।
  • आज विश्व भर में करीब डेढ़ सौ से अधिक विश्व विद्यालय हिंदी संबंधी कोसों का संचालन कर रहे हैं।
  • बैंक, मीडिया. फिल्म उद्योग आदि क्षेत्रों में हिंदी की उपयोगिता दिन – ब – दिन बढ़ती ही जा रही है।
  • हिंदी नये – नये रोजगारों का प्रमुख आधार बन चुकी है।
  • सारा विश्व हिंदी का महत्त्व जान चुका है। – हर वर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाते हैं। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि हिंदी “विश्व

प्रश्न 4.
‘अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी भाषा का क्या महत्व है?
उत्तर:

  • आज हिंदी केवल राष्ट्र भाषा ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में अवतरित हुयी।
  • इसलिए आजकल हिंदी विश्व भाषा है ।
  • आज भारत के अलावा बंग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, भूटान, फिजी, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिडाड एवं टुबेगो, दक्षिण अफ्रीका, बहरीन, कुवैत, ओमन, कत्तर, सौदी अरब गणराज्य, श्रीलंका, अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, जापान, मॉरिशस, आस्ट्रेलिया आदि देशों में हिंदी की माँग बढ़ती ही जा रही है।
  • विदेशों में भी हिंदी में रचनाएँ लिखी जा रही हैं।
  • विदेशों में भारतीयों से आपसी व्यवहार के लिए वहाँ के लोग भी हिंदी सीख रहे हैं ।
  • विदेशी हिंदी साहित्यकारों का योगदान भी मिल रहा है।
  • अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी कई संस्थाएँ हिंदी के प्रसार एवं प्रचार में जुटी हुई हैं ।
  • आज विश्व भर में करीब डेढ़ सौ से अधिक विश्वविद्यालय हिंदी संबंधी कोसों का संचालन कर रहे हैं।
  • सारे विश्व में 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है ।

इसलिए कह सकते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी भाषा का महत्व अधिक है।

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प्रश्न 5.
भारत के सभी प्रांतों को जोड़ने में हिंदी की क्या भूमिका है?
उत्तर:

  • हिंदी दिलों को जोडनेवाली भाषा है, तोडनेवाली नहीं ।
  • भारत देश के कई राज्यों में हिंदी बोली जाती है।
  • भारत देश में हिंदी बोलने वालों की संख्या अधिक है।
  • अर्थात् देश भर में कई करोड़ों लोग हिंदी को अच्छी तरह बोल एवं जान सकते हैं ।
  • स्वतंत्रता संग्राम में भी हिंदी भाषा देश को एकता के सूत्र में बाँधी ।
  • आज हमें एक से अधिक भाषाएँ सीखना ज़रूरी है।
  • जिनमें हिंदी का योगदान ही अधिक है।
  • हिंदी से हम सारे भारत की पहचान अच्छी तरह से कर सकते हैं।
  • भारत के अलग – अलग प्रांतों में अलग – अलग भाषाएँ बोली जाती हैं।
  • इसलिए हमें सभी प्रांतों से जुड़ने के लिए हिंदी भाषा की ही आवश्यकता है ।

प्रश्न 6.
‘हिंदी को भारत की राज भाषा का दर्जा दिया गया । क्यों?
उत्तर:

  • हिंदी दिलों को जोडनेवाली भाषा है, तोडनेवाली नहीं ।
  • भारत देश के कई राज्यों में हिंदी बोली जाती है ।
  • भारत देश में हिंदी बोलने वालों की संख्या अधिक है।
  • अर्थात् देश भर में कई करोडों लोग हिंदी को अच्छी तरह बोल एवं जान सकते हैं |
  • स्वतंत्रता संग्राम में भी हिंदी भाषा देश को एकता के सूत्र में बाँधी ।
  • आज हमें एक से अधिक भाषाएँ सीखना ज़रूरी है।
  • जिनमें हिंदी का योगदान ही अधिक है।
  • हिंदी से हम सारे भारत की पहचान अच्छी तरह से कर सकते हैं।
  • भारत के अलग – अलग प्रांतों में अलग – अलग भाषाएँ बोली जाती हैं।
  • हमें सभी प्रांतों से जुडने के लिए हिंदी भाषा की ही आवश्यकता है ।
    इसलिए हिंदी को भारत की राज भाषा का दर्जा दिया गया ।

प्रश्न 7.
भारत की एकता को बनाये रखने की शक्ति हिंदी में हैं – अपने शब्दों में लिखिए ।
(या)
भारत की एकता को बनाये रखने में हिंदी का स्थान महत्वपूर्ण है। समझाइए।
उत्तर:

  • भारत की एकता को बनाये रखने की शक्ति हिंदी में ही है।
  • इस प्रकार कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं है ।
  • हिंदी भाषा भारत के स्वतंत्रता संग्राम में देश को एकता के सूत्र में बाँधी ।
  • हिंदी से हम सारे भारत की पहचान अच्छी तरह से कर सकते हैं ।
  • हमें भारत के सभी प्रांतों से जुडने के लिए हिंदी का ही विशेष महत्व एवं भूमिका है।
  • हिंदी सारे भारतीयों को एकता के सूत्र में बाँधती है ।
  • हिंदी अपनी शाब्दिक अर्थ से भी भारतीय कहलाती है।
  • भारत देश में विभिन्न जातियों, धर्मों और भाषाओं के लोग रहते हैं ।
  • इसलिए भारत देश में विभिन्नता है।
  • हिंदी भाषा इस विभिन्नता में एकता लाती है ।
  • क्योंकि देश में हिंदी बोलनेवालों की संख्या अधिक है ।
  • हिंदी.दिलों को जोड़ने वाली भाषा है, तोडने वाली नहीं ।

इसलिए हम कह सकते हैं कि भारत की एकता को बनाये रखने की शक्ति हिंदी में है।

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प्रश्न 8.
अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी की मांग बढ़ रही है । इसके क्या कारण हैं?
उत्तर:

  • आज भारत के अलावा कई देशों में अर्थात अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी की माँग बढ़ रही है । इसके ये कारण बता सकेंगे
  • अन्य देशों में भी हिंदी में रचनाएँ लिखी जा रही हैं जिसमें वहाँ के साहित्यकारों का भी विशेष योगदान
  • विदेशों में भारतीयों से आपसी व्यवहार करने के लिए वहाँ के लोग भी हिंदी सीख रहे हैं।
  • आज हिंदी विश्व भाषा रूप में अवतरित होने के कारण भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी की मांग बढ़ रही है।
  • आजकल अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी में उद्योग धंधे अधिक मिलने के कारण भी आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी की मांग बढ़ रही है ।
  • हिंदी आसानी से सीखी जानेवाली भाषा है।
  • इस कारण से भी हिंदी की माँग अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है।

 

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 6 Progressions InText Questions

AP State Syllabus SSC 10th Class Maths Solutions 6th Lesson Progressions InText Questions

AP State Board Syllabus AP SSC 10th Class Maths Textbook Solutions Chapter 6 Progressions InText Questions and Answers.

10th Class Maths 6th Lesson Progressions InText Questions and Answers

Question 1.
Write three examples for finite A.P and three for infinite A.P. (Page No. 130)
Answer:
Examples for finite A.P
i) 3, 5, 7, 9, 11 where a = 3; d = 2.
ii) x, x + a, x + 2a, x + 3a, x + 4a, x + 5a where a = x; d = a.
iii) [latex]\frac{1}{9}[/latex], [latex]\frac{2}{9}[/latex], [latex]\frac{3}{9}[/latex], [latex]\frac{4}{9}[/latex], [latex]\frac{5}{9}[/latex], [latex]\frac{6}{9}[/latex], [latex]\frac{7}{9}[/latex], ….
where a = [latex]\frac{1}{9}[/latex]; d = [latex]\frac{1}{9}[/latex].

Examples for infinite A.P
i) 10, 20, 30, 40, ……
where a = 10, d = 10.
ii) 5.5, 6.6, 7.7, 8.8, 9.9,……
where a = 5.5; d = 1.1.
iii) -100, -95, -90, -85,…..
where a = – 100, d = 5.

Do these

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 6 Progressions InText Questions

Question 1.
Write three examples for finite A.P and three for infinite A.P. (Page No. 130)
Answer:
Examples for finite A.P
i) 3, 5, 7, 9, 11 where a = 3; d = 2.
ii) x, x + a, x + 2a, x + 3a, x + 4a, x + 5a where a = x; d = a.
iii) [latex]\frac{1}{9}[/latex], [latex]\frac{2}{9}[/latex], [latex]\frac{3}{9}[/latex], [latex]\frac{4}{9}[/latex], [latex]\frac{5}{9}[/latex], [latex]\frac{6}{9}[/latex], [latex]\frac{7}{9}[/latex], ….
where a = [latex]\frac{1}{9}[/latex]; d = [latex]\frac{1}{9}[/latex].
Examples for infinite A.P
i) 10, 20, 30, 40, ……
where a = 10, d = 10.
ii) 5.5, 6.6, 7.7, 8.8, 9.9,……
where a = 5.5; d = 1.1.
iii) -100, -95, -90, -85,…..
where a = – 100, d = 5.

(Page Nos. 131, 132)

Question 2.
Take any Arithmetic Progression.
Answer:
4, 7, 10, 13, 16, ……

Question 3.
Add a fixed number to each and every tetm of A.P. Write the resulting numbers as a list.
Answer:
4, 7, 10, 13, 16, …….
Adding ‘5’ to each term of the above A.P. we get
4 + 5, 7 + 5, 10 + 5, 13 + 5, 16 + 5,…
9, 12, 15, 18, 21, ……
In the list obtained the first term
a1 = 9; a2 = 12, a3 = 15, a4 = 18,
Also a2 – a1 = 12 – 9 = 3
a3 – a2 = 15 – 12 = 3
a4 – a3 = 18 – 15 = 3
……………………………………
i.e.,
d = a2 – a1 = a3 – a2 = a4 – a3 = …. = 3
∴ The resulting list forms an A.P.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 6 Progressions InText Questions

Question 4.
Similarly subtract’a fixed number from each and every term of A.P. Write the resulting numbers as a list.
Answer:
4, 7, 10, 13, 16, ……
Subtracting ‘2’ from the each term of A.P in given series, we get
4 – 2, 7 – 2, 10- 2, 13 – 2, 16 – 2, ……
2, 5, 8, 11, 14, ……
In the list obtained, the first term
a1 = 2 , a2 = 5, a3 = 8, a4 = 11,
Also a2 – a1 = 5 – 2 = 3
a3 – a2 = 8 – 5 = 3
a4 – a3 = 11 – 8 = 3
……………………………………
i.e., d = a2 – a1 = a3 – a2 = a4 – a3 = 3
∴ The resulting list forms an A.P.

Question 5.
Multiply and divide each term of A.P by a fixed number and write the resulting numbers as a list.
Answer:
4, 7, 10, 13, 16, ……
Multiplying each term by 3, we get
4 × 3, 7 × 3, 10 × 3, 13 × 3, 16 × 3, ……
12, 21, 30, 39, 48, …….
In the list obtained the first term a1 = 12 and a2 = 21, a3 = 30, ….
Also a2 – a1 = a3 – a2 = …… = 9
∴ The resulting list also forms an A.P.
Now divide every term by 7, we get
[latex]\frac{4}{7}[/latex], [latex]\frac{7}{7}[/latex], [latex]\frac{10}{7}[/latex], [latex]\frac{13}{7}[/latex], [latex]\frac{16}{7}[/latex], …… is the resulting list.

Question 6.
Check whether the resulting lists are AP in each case.
Answer:
The first term
∴ d = a2 – a1 = a3 – a2 = a4 – a3 = ….. = [latex]\frac{3}{7}[/latex]
and the above list forms an A.P.

Question 7.
What is your conclusion?
Answer:
If a1, a2, a3, …… are in A.P, then
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 6
i.e., “If each term of an A.P is added/ multiplied / divided by a fixed number, the resulting terms also form an A.P” and fixed term is subtracted from each term of an A.P, then the resulting terms also form an A.P.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 6 Progressions InText Questions

Try these

Question 1.
i) Which of these are arithmetic progressions and why?  (Page No. 128)
a) 2, 3, 5, 7, 8, 10, 15, ……
Answer:
2, 3, 5, 7, 8, 10, 15, …… is not an A.P.
∵ a2 – a1 = 3 – 2 = 1
a3 – a2 = 5 – 3 = 2
a4 – a3 = 7 – 5 = 2
i.e., The difference between any two successive terms is not same throughout the series.
(or)
Every number is not formed by adding a fixed number to its preceding term.

b) 2, 5, 7, 10, 12, 15 ……
Answer: The given list does not form an A.P, since each term is not obtained by adding a fixed number to its preceding term.

c) -1,-3,-5,-7, ……
Answer: -1,-3,-5,-7,….. is an A.P.
a2 – a1 = – 3 – (- 1) = -3 + 1 = -2
a3 – a2 = – 5 – (-3) = -5 + 3 = -2
a4 – a3 = – 7 – (- 5) = -7 + 5 = -2
Every number is formed by adding a fixed number to its preceding term,

ii) Write 3 more Arithmetic Progressions.
Answer:
a) a = -7;d = -3 and
A.P. is-7, – 10, – 13, – 16, …….
b) a = 15; d = 4 and
A.P. is 15, 19, 23, 27, 31, …….
c) a = 100; d = 50 and
A.P. is 100, 150, 200, 250, ……..

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 6 Progressions InText Questions

Think & Discuss

(Page No. 129)

Question 1.
Think how each of the list given above form an A.P. Discuss with your friends.
a) Heights (in cm) of some students of a school standing in a queue in the morning assembly are 147,148, 149,…, 157.
Answer:
The given list forms an A.P, since each term starting from the second is obtained by adding a fixed number + 1 to its preceding term.

b) Minimum temperatures (in degree ‘ Celsius) recorded for a week, in the month of January in a city, arranged in ascending order are -3.1, -3.0, -2.9, -2.8, -2.7, -2.6, -2.5, …….
Answer:
The given list forms an A.P, since every term starting from the second is obtained by adding a fixed number +0.1 to its preceding term.

c) The balance money (in Rs.) after paying 5% of the total loan of Rs. 1000 every month is 950, 900, 850, 800, …, 50.
Answer:
The given list forms an A.P, since each term starting from the second is obtained by adding a fixed number (-50) to its preceding term.

d) Cash prizes (in Rs.) given by a school to the toppers of Classes I to XII are 200, 250, 300, 350, ….., 750 respectively.
Answer:
The given list forms an A.P, since each term starting from the second is obtained by adding a fixed number 50 to its preceding term.

e) Total savings (in Rs.) after every month for 10 months when Rs. 50 are saved each mouth are 50, 100, 150, 200, 250, 300, 350, 400, 450, 500.
Answer:
The given list forms an A.P, since every term starting from the second term is obtained by adding a fixed number 50 to its preceding term.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 6 Progressions InText Questions

Question 2.
Find the common difference of each of the above lists. Think when is it positive?
Answer:
Common difference d = a2 – a1
a) 148 – 147 = 1
b) -3.0 – (-3.1) = 0.1
c) 900 – 950 = -50
d) 250 – 200 = 50
e) 100 – 50 = 50
Common difference is positive when a2 > a1

Question 3.
Make a positive Arithmetic Progression in which the common difference is a small positive quantity.
Answer:
a = 50 ; d = 0.5 then A.P is 50, 50.5, 51, 51.5, 52, ……

Question 4.
Make an A.P in which the common difference is big (large) positive quantity.
Answer:
a = 100; d = 1000 then A.P. is 100, 1100, 2100, 3100, 4100, ……

Question 5.
Make an A.P in which the common difference is negative.
Answer:
a = 80, d = -7
then A.P. is 80, 73, 66, 59, 52, ……

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 6 Progressions InText Questions

Do these

(Page No. 143)

Find the sum of indicated number of terms in each of the following A.Ps.
i) 16, 11, 6, …..; 23 terms.
Answer:
Given: 16, 11, 6, …..; S23
t1 = a = 16; t2 = 11; t3 = 6,
d = t2 – t1 = 11 – 16 = -5
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 7
= -23 × 39 = -897

ii) -0.5, -1.0, -1.5,…..; 10 terms.
Answer:
Given : -0.5, -1.0, -1.5, …. S10
a = – 0.5
d = t2 – t1 = (-1.0) – (-0.5)
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 8

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 6 Progressions InText Questions

iii) -1, [latex]\frac{1}{4}[/latex], [latex]\frac{3}{2}[/latex], …… ;10 terms.
Answer:
Given: -1, [latex]\frac{1}{4}[/latex], [latex]\frac{3}{2}[/latex], …… ;S10.
a = – 1
d = t2 – t1 = [latex]\frac{1}{4}[/latex] – (-1) = 1 + [latex]\frac{1}{4}[/latex] = [latex]\frac{5}{4}[/latex]
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 9

Do these

(Page No. 149)

Find which of the following are not G.P.

Question 1.
6, 12, 24, 48, ……
Answer:
Given: 6, 12, 24, 48, ……
a1 = a = 6; a2 = 12; a3 = 24, a4 = 48,…
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 10
The given list is of the form
a, ar, ar2, ar3,
∴ The given numbers are in G.P.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 6 Progressions InText Questions

Question 2.
1, 4, 9, 16, ……
Answer:
Given: 1, 4, 9, 16, …..
a1 = a = 1
a2 = 4; a3 = 9, a4 = 16
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 11
∴ The given numbers do not form a G.P.

Question 3.
1, -1, 1, -1, …..
Answer:
Given: 1, -1, 1, -1, …….
a1 = a = 1
a2 = -1; a3 = 1, a4 = -1, …..
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 12
∴ The given list forms a G.P.

Question 4.
-4, -20, -100, -500, ……
Answer:
Given: -4, -20, – 100, -500, ……
a1 = a = -4, a2 = -20, a3 = -100, a4 = -500,
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 13
∴ The given list forms a G.P.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 6 Progressions InText Questions

Think & Discuss

(Page No. 149)

Question 1.
Explain why each of the lists above is a G.P.
i) 1, 4, 16, 64, 256, …….
Answer:
Here
a = 1 = a1; a2 = 4; a3 = 16; a4 = 64,….
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 14
i.e., Common ratio r = 4.

ii) 550, 605, 665.5, ……..
Answer:
The given series is in G.P. Since every term can be obtained by multiplying its preceding term by a fixed number ‘1.1’.
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 15

iii) 256, 128, 64, 32,…….
Answer:
The given series forms a G.P.
Since every term, starting from the second can be obtained by multiplying its preceding term by a fixed number [latex]\frac{1}{2}[/latex].
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 16

iv) 18, 16.2, 14.58, 13.122, …….
Answer:
The given list forms a G.P.
Since each term, starting from the second can be obtained by multiplying its preceding term by a fixed number 0.9.
here AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 17

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 6 Progressions InText Questions

Question 2.
To know about a G.P. what is minimum information that we need?
Answer:
To know whether a number pattern forms a G.P or not, we should check that the ratio between the successive terms is equal or not.

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत

AP State Board Syllabus AP SSC 10th Class Hindi Textbook Solutions Chapter 5 लोकगीत Textbook Questions and Answers.

AP State Syllabus SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत

10th Class Hindi Chapter 5 लोकगीत Textbook Questions and Answers

InText Questions (Textbook Page No. 23)

प्रश्न 1.
हाथों में क्या रचनेवाली है?
उत्तर:
हाथों में मेहंदी रचनेवाली है।

प्रश्न 2.
इस तरह के गीतों को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
इस तरह के गीतों को लोकगीत कहा जाता है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत

प्रश्न 3.
किन – किन संदर्भो में लोकगीत गाये जाते हैं?
उत्तर:
त्यौहारों और विशेष अवसरों पर ये लोकगीत गाये जाते हैं।

InText Questions (Textbook Page No. 24)

प्रश्न 1.
लोकगीत के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
हमारी संस्कृति में लोकगीत विशिष्ट स्थान रखते हैं। मनोरंजन की दुनिया में इनका महत्वपूर्ण स्थान है। देहाती क्षेत्रों में ये अधिक गाये जाते हैं। लोकगीत सीधे जनता के संगीत हैं। ये घर, गाँव, और नगर की जनता के गीत हैं। ये त्यौहारों और विशेष अवसरों पर गाये जाते हैं। इनके लिए साधना की ज़रूरत नहीं होती । इनके रचनेवाले गाँव के आम पुरुष व महिलाएँ होती हैं। लोकगीत की भाषा जनभाषा है। इन्हें साधारण ढोलक, झाँझ, करताल, बाँसुरी आदि की मदद से गाया जाता है।

प्रश्न 2.
लोकगीत और संगीत का क्या संबंध है?
उत्तर:
लोकगीत अपनी लोच, ताज़गी और लोकप्रियता में शास्त्रीय संगीत से भिन्न हैं। लोकगीत सीधे जनता के संगीत हैं। इनके लिए साधना की ज़रूरत नहीं होती, जब कि शास्त्रीय संगीत में अधिक साधना की जरूरत होती है। संगीत की भाषा साहित्यक होती है जब कि लोकगीत की भाषा जन भाषा है। लोकगीत बाजों की मदद के बिना ही ढोलक, झाँझ, करताल, बाँसुरी आदि की मदद से गाये जाते हैं।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत

प्रश्न 3.
‘पहाड़ी’ किसे कहा जाता है?
उत्तर:
पहाडी क्षेत्रों में रहनेवाली पिछडी जातियों को ‘पहाडी’ कहा जाता है। पहाडियों के अपने – अपने गीत हैं। उनके अपने – अपने भिन्न रूप होते हुए भी अशास्त्रीय होने के कारण उनमें अपनी एक समान भूमि है। गढ़वाला, किन्नौर, काँगडा आदि पहाडियों के अपने – अपने गीत हैं। इन्हें गाने की अपनी – अपनी विधियाँ हैं। उनका अलग नाम ही “पहाडी” कहा जाता है।

InText Questions (Textbook Page No. 25)

प्रश्न 4.
वास्तविक लोकगीत कैसे होते हैं?
उत्तर:
वास्तविक लोकगीत देश के गाँवों और देहातों में हैं। इनका संबंध देहाती की जनता से है। इनमें बडी जान होती हैं। ये गीत अधिकतर दैनिक जीवन की घटनाओं पर आधारित होते हैं। ये ग्रामीण बोलियों में गाये जाते हैं। बाउल और भतियाली बंगाल के लोकगीत हैं। माहिया, हीर – रांझा, सोहनी महीवाल संबंधी गीत पंजाब के हैं। ढोलामारु आदि राजस्थान के हैं। ये सब लोकगीत बड़े चाव से गाये जाते हैं।

प्रश्न 5.
बारहमासा लोकगीतों के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
बारहमासा लोकगीत तो बारह मासों से संबंधित हैं। इन लोकगीतों में बारह मासों से संबंधित प्रकृति वर्णन के बारे में गीत गाये जाते हैं। जिनमें प्राकृतिक विशेषताओं और महत्व का वर्णन किया जाता है।

प्रश्न 6.
“बिदेसिया’ लोकगीत के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
भोजपुरी में करीब तीस – चालीस बरसों बिदेसिया का प्रचार हुआ है। गानेवालों में अनेक समूह इन्हें गाते हुए देहात में फिरते हैं। बिहार में बिदेसिया से बढ़कर दूसरे गाने लोकप्रिय नहीं है। इन गीतों में अधिकतर रसिकप्रियों और प्रियाओं की बात रहती हैं। परदेशी प्रेमी की और इनसे करुणा और विरह का रस बरसता है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत

प्रश्न 7.
स्त्रियों के लोकगीत कैसे होते हैं?
उत्तर:
भारत में स्त्रियों के लोकगीत अनंत संख्या में होते हैं। इनका संबंध स्त्रियों से है। इन्हें अधिकतर स्त्रियाँ ही लिखती और गाती हैं। ये गीत ढोलक की मदद से गाती हैं। गाने के साथ नाच का भी पुट होता है।

प्रश्न 8.
लोकगीत किसके प्रतीक हैं?
उत्तर:
लोकगीत हमारी संस्कृति तथा सभ्यता के प्रतीक हैं। आनंद और उल्लास के प्रतीक हैं। लोकगीत उद्दाम जीवन के ही गाँवों के अनंत संख्यक गाने के प्रतीक हैं। ये त्यौहारों के भी प्रतीक हैं। समस्त मानव जीवन के प्रतीक हैं।

अर्थग्राह्यता-प्रतिक्रिया

अ) प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

प्रश्न 1.
लोकगीत ग्रामीण जनता का मनोरंजक साधन है। कैसे?
(या)
ग्रामीण जनता के मनोरंजन का साधन लोकगीत है। इस पर अपने विचार बताइए।
उत्तर:
शीर्षक का नाम : “लोकगीत”
निबन्धकार का नाम : “श्री भगवतशरण उपाध्याय” है

  • लोकगीत लोकप्रियता में शास्त्रीय संगीत से भिन्न हैं। ये जनता के संगीत है।
  • ये घर, गाँव और नगर की जनता के गीत हैं।
  • इनके लिए साधना की ज़रूरत नहीं होती।
  • इनकी रचना करनेवाले भी ज़्यादातर गाँव के लोग हैं।
  • स्त्रियों ने भी इनकी रचना में विशेष भाग लिया है।
  • लोकगीत देश के गाँवों और देहातों में हैं।
  • इनका सम्बन्ध देहात की जनता से है।
  • इनकी रचना करनेवाले अपने गीतों के विषय रोज़मर्रा के जीवन से लेते हैं।
  • लोकगीतों की भाषा गाँवों और इलाकों की बोलियों से संबंधित है।
  • ये ढोलक, झाँझ, करताल, बाँसुरी की मदद से गाये जाते हैं।
  • ये लोकगीत कश्मीर से कन्याकुमारी तक प्रसिद्ध हैं।
  • इसके आधार पर हम कह सकते हैं कि ग्रामीण जनता के मनोरंजन का साधन लोकगीत है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत

प्रश्न 2.
हिंदी या अपनी मातृभाषा का कोई लोकगीत सुनाइए।
उत्तर:
मेरी मात्रु भाषा तेलुगु होने के कारण मैं तेलुगु का लोकगीत लिख रहा हूँ।

“కోడలా కోడలా కొడుకు పెళ్ళామా
పచ్చిపాల మీద మీగడలేవి ?
వేడిపాల మీద వెన్నల్లు యేవి ?
నూనె ముంతల మీద నురగల్లు యేవి ?”
“అత్తరో ఓయత్త ఆరళ్ళు అత్త
పచ్చిపాల మీద మీగడుంటుందా ?
వేడిపాల మీద వెన్నలుంటాయా ?
నూనె ముంతల మీద నురగల్లు ఉంటాయా?”
ఇరుగు పొరుగులారా ఓ చెలియలార
అత్తగారి ఆరళ్ళు చిత్తగించరా ?
పెత్తనం లాగేస్తే పేచీలు పోను
ఆరళ్ళ అతయిన సవతి పోరయిన
తల్లిల్లు దూరమైన భరియించలేము.”
కోడలా కోడలా కొడుకు పెళ్ళామా |
కోడుకు ఊళ్ళో లేడు మల్లిరిక్కడివి?
“గంపంత మట్చేసి గాలి విసిరింది. ఈ
కొల్లలుగ మల్లెలు కొప్పులో రాలి.

आ) वाक्य उचित क्रम में लिखिए।

1. लोकगीत हैं संगीत सीधे जनता के।
2. वास्तव में प्रकार हैं अनंत के गीतों के गाँव।
3. मदद ढोलक की से स्त्रियाँ हैं गाती।
उत्तर:
1. लोकगीत सीधे जनता के संगीत हैं।
2. गाँव के गीतों के वास्तव में अनंत प्रकार हैं।
3. स्त्रियाँ ढोलक की मदद से गाती हैं।

इ) दिया गया गद्यांश पढ़िए और इसके मुख्य शब्द पहचानकर लिखिए।

गाँव के गीतों के वास्तव में अनंत प्रकार हैं। जीवन जहाँ इठला – इठलाकर लहराता है, वहाँ भला आनंद के स्त्रोतों की कमी हो सकती है? उददाम जीवन के ही वहाँ के अनंत संख्यक गाने के प्रतीक हैं।

जैसे : गीत
…………………..
…………………..
उत्तर:
जीवन, इठला – इठलाकर लहराना, अनंत प्रकार, आनंद के स्रोत, उद्दाम जीवन, अनंत संख्यक आदि।

ई) नीचे दिया गया लोकगीत पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

चलत मुसाफिर मोह लिया रे पिंजड़े वाली मुनिया।
उड़ – उड़ बैठी हलवैया दुकनिया
बर्फी के सब रस ले लिया रे पिंजड़े वाली मुनिया।
उड़ – उड़ बैठी बजजया दुकनिया
कपडा के सब रस ले लिया रे पिंजड़े वाली मुनिया।
उड़ – उड़ बैठी पनवडिया दुकनिया
बीड़ा के सब रस ले लिया रे पिंजड़े वाली मुनिया। (- शैलेंद्र कुमार)

प्रश्न 1.
चिड़िया (मुनिया) हलवे की दुकान पर किसका रस लेती है?
उत्तर:
चिड़िया (मुनिया) हलवे की दुकान पर बर्फी के रस लेती है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत

प्रश्न 2.
चिड़िया (मुनिया) हलवे की दुकान के बाद किस दुकान पर जाती है?
उत्तर:
चिड़िया (मुनिया) हलवे की दुकान के बाद कपडे की दुकान पर जाती है।

प्रश्न 3.
चिड़िया (मुनिया) पान की दुकान पर किसका रस लेती है?
उत्तर:
चिड़िया (मुनिया) पान की दुकान पर बीड़ा का रस लेती है।

प्रश्न 4.
इस गीत का मूल भाव क्या है?
उत्तर:
इस गीत का मूल भाव यह है कि पिंजड़े में बंदी चिड़िया स्वेच्छा सुख का मज़ा ले रही है। आनंद के साथ उड रही है।

अभिव्यक्ति – सृजनात्मकता

अ) इन प्रश्नों के उत्तर तीन-चार पंक्तियों में लिखिए।

प्रश्न 1.
निबंध में लोकगीतों के किन पक्षों की चर्चा की गयी है? इसके मुख्यांश बिंदुओं के रूप में लिखिए।
उत्तर:
यह प्रश्न ‘लोकगीत निबंध पाठ से दिया गया है। इसके लेखक श्री भगवत शरण उपाध्याय हैं। हमारी संस्कृति में लोकगीत और संगीत का अटूट संबंध है। मनोरंजन की दुनिया में लोकगीत का महत्वपूर्ण स्थान है।

  • लोकगीत सीधे जनता के संगीत हैं। घर, गाँव और नगर की जनता के गीत हैं। इनके लिए साधना की ज़रूरत नहीं होती।
  • विविध बोलियों पर लोकगीत गाए जाते हैं। गीतों का विषय रोजमर्रा के जीवन से लिया जाता है।
  • अधिकतर संख्या में लोकगीत औरतें ही गाती हैं। ये मार्मिक होते हैं।
  • लोकगीत, शुभ अवसरों पर, मनोरंजन के उद्देश्य से रस्मों को पूर्ति करने हेतु गाये जाते हैं।
  • आल्हा, बारह मासा आदि लोकगीत अत्यधिक प्रसिद्ध हैं।

इस निबंध में विभिन्न गीतों के प्रकार, गाये जानेवाले क्षेत्र, बोलियाँ, विषय आदि पक्षों की चर्चा की गई है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत

प्रश्न 2.
जैसे – जैसे शहर फैल रहे हैं और गाँव सिकुड़ रहे हैं, लोकगीतों पर उनका क्या प्रभाव पड़ रहा है?
उत्तर:
यह प्रश्न ‘लोकगीत’ निबंध पाठ से दिया गया है। इसके लेखक श्री भगवत शरण उपाध्याय हैं। नगरीकरण के कारण शहर फैल रहे हैं और गाँव सिकुड रहे हैं इसका प्रभाव लोकगीतों पर पड़ रहा है। गाँवों की अपेक्षा शहरों में मनोरंजन के विभिन्न साधनों के होने के कारण उनका ध्यान इस ओर से हट रहा है। पाश्चात्य संगीत से लोग उसकी ओर आकृष्ट हो रहे हैं। एवं वैश्वीकरण ने लोगों के आचार – विचारों में भी परिवर्तन ला दिया है। अब गाँव में भी लोकगीतों की ओर से मन हट रहे हैं।

आ) ‘लोकगीत’ पाठ का सारांश अपने शब्दों में लिखिए।

लोकगीत सीधे जनता के संगीत हैं। लोकगीतों के बारे में आप क्या जानते हैं? लिखिए।
उत्तर:
पाठ का नाम : लोकगीत
पाठ का लेखक : श्री भगवतशरण उपाध्याय
पाठ की विधा : निबंध

सारांश : हमारी संस्कृति में लोकगीत और संगीत का अटूट संबंध है। मनोरंजन की दुनिया में आज भी लोकगीतों का महत्वपूर्ण स्थान है। गीत – संगीत के बिना हमारा मन रसा से नीरस हो जाता है।

लोकगीत अपनी लोच, ताज़गी और लोकप्रियता में शास्त्रीय संगीत से भिन्न हैं। लोकगीत सीधे जनता का संगीत है। ये घर, गाँव और नगर की जनता के गीत हैं इनके लिए साधना की ज़रूरत नहीं होती। त्यौहारों और विशेष अवसरों पर ये गाये जाते हैं।

स्त्री और पुरुष दोनों ही इनकी रचना में भाग लेते हैं। ये गीत बाजों, ढोलक, करताल, झाँझ और बाँसुरी आदि की मदद से गाये जाते हैं।

लोकगीतों के कई प्रकार हैं। इनका एक प्रकार बडा ही ओजस्वी और सजीव है। यह इस देश के आदिवासियों का संगीत है। मध्यप्रदेश, दक्कन और छोटा नागपुर में ये फैले हुए हैं।

पहाडियों के अपने – अपने गीत हैं। वास्तविक लोकगीत देश के गाँवों और देहातों में हैं। सभी लोकगीत गाँवों और इलाकों की बोलियों में गाये जाते हैं। चैता, कजरी, बारहमासा, सावन आदि मीर्जापुर, बनारस और उत्तर प्रेदश के पूरवी जिलों में गाये जाते हैं।

बाउल और भतियाली बंगला के लोकगीत हैं। पंजाब में महिया गायी जाती है। राजस्थानी में ढ़ोला – मारू आदि गीत गाते हैं। भोजपुर में बिदेसिया का प्रचार हुआ है।

इन गीतों में अधिकतर रसिकप्रियों और प्रियाओं की बात रहती हैं। इन गीतों में करुणा और बिरह का रस बरसता है।

जंगली जातियों में भी लोकगीत गाये जाते हैं। एक दूसरे के जवाब के रूप में दल बाँधकर ये गाये जाते हैं। आल्हा एक लोकप्रिय गान है।

गाँवों और नगरों में गायिकाएँ होती हैं। स्त्रियाँ ढोलक की मदद से गाती हैं। उनके गाने के साथ नाच का पुट भी होता है।

नीति : वैश्वीकरण के कारण लोकगीतों का नाश हो रहा है। इन्हें बचाये रखना हमारा कर्तव्य है।

इ) अपने आसपास के क्षेत्र में प्रचलित किसी लोकगीत का हिंदी में अनुवाद कीजिए।
उत्तर:
लल्ला लल्ला लोरी

मुकेश
लल्ला लल्ला लोरी, दूध की कटोरी
दूध में बताशा, मुन्नी करे तमाशा
छोटी – छोटी प्यारी – प्यारी सुन्दर परियों जैसी है
किसी की नज़र ना लगे, मेरी मुन्नी ऐसी है
शहद से भी मीठी, दूध से भी गोरी
चुपके – चुपके, चोरी – चोरी, चोरी
लल्ला लल्ला लोरी …
कारी रैना के माथे पे, चमके चाँद सी बिंदिया
मुन्नी के छोटे – छोटे नैनों में खेले निंदिया
सपनों का पलना, आशाओं की डोरी
चुपके – चुपके, चोरी – चोरी, चोरी
लल्ला लल्ला लोरी ……….

लता

लल्ला लल्ला लोरी, दूध की कटोरी
दूध में बताशा, जीवन खेल तमाशा
आधी मुरझा जाती है, थोड़ी सी कलियाँ खिलती हैं
सारी की सारी खुशियाँ, जीवन में किसको मिलती हैं
या टूटे पलना, या टूटे डोरी
चुपके – चुपके, चोरी – चोरी, चोरी
लल्ला लल्ला लोरी ….
लिखने को लिखवाती मैं, आगे क्या है गाना
लेकिन मैं क्या करती, तेरे पापा को था जाना
मुझसे भी छिपकर, तुझसे भी चोरी
चुपके – चुपके, चोरी – चोरी, चोरी
लल्ला लल्ला लोरी …..

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत

ई) लोकगीतों में मुख्यतः ग्रामीण जनता की मार्मिक भावनाएँ हैं। अपने शब्दों में इसे सिद्ध कीजिए।
उत्तर:

  • त्यौहारों और विशेष अवसरों पर लोकगीत गाये जाते हैं। ये गाँवों और देहातों में गाये जाते हैं। इसलिए इन लोकगीतों में मुख्यतः ग्रामीण जनता की मार्मिक भावनाएँ हैं।
  • लोकगीतों को गाने वाली भी अधिकतर गाँवों की स्त्रियाँ ही हैं। इसलिए इन लोकगीतों में मुख्यतः ग्रामीण जनता की मार्मिक भावनाएँ हैं।
  • इनके लिए कोई साधना की जरूरत भी नहीं होती है। * इसलिए इनमें मुख्यतः ग्रामीण जनता की मार्मिक भावनाएं हैं।
  • इन देहाती गीतों के रचयिता कोरी कल्पना को मान न देकर अपने गीतों के विषय रोजमर्रा के बहते जीवन से लेते हैं जिससे वे सीधे मर्म को छू लेते हैं।
  • इनके राग भी साधारणतः पीलु, सारंग, दुर्गा, सावन, सोरठ आदि हैं। इसलिए भी इन गीतों में ग्रामीण जनता की मार्मिक भावनाएँ हैं।
  • इन लोकगीतों की भाषा के संबंध में कहा जा चुका है कि ये सभी लोकगीत गाँवों और इलाकों की बोलियों में गाये जाते हैं।
  • इस कारण ये आलादकारक और आनंददायक होते हैं। इसीलिए भी इनमें ग्रामीण जनता की मार्मिक भावनाएँ हैं।

भाषा की बात

अ) कोष्ठक में दी गयी सूचना पढ़िए और उसके अनुसार कीजिए।

प्रश्न 1.
साधना, त्यौहार, देहात (एक – एक शब्द का वाक्य प्रयोग कीजिए। पर्याय शब्द लिखिए।)
उत्तर:
वाक्य प्रयोग

  1. साधना . – शास्त्रीय संगीत गाने के लिए साधना की ज़रूरत होती है।
  2. त्यौहार – दीपावली हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है।।
  3. देहात – लोकगीतों का संबंध देहात की जनता से है।

पर्याय शब्द

  1. साधना – अभ्यास, तपस्या
  2. त्यौहार – पर्व, उत्सव
  3. देहात – गाँव, ग्राम

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत

प्रश्न 2.
सजीव, परदेशी, शास्त्रीय (एक – एक शब्द का विलोम शब्द लिखिए। वाक्य प्रयोग कीजिए ।)
उत्तर:
विलोम शब्द

  1. सजीव × निर्जीव
  2. परदेशी × स्वदेशी
  3. शास्त्रीय × अशास्त्रीय

वाक्य प्रयोग

  1. सजीव – जो आज सजीव है कल यह निर्जीव अवश्य होगा।
  2. परदेशी – यह परदेशी होने पर भी हमारे स्वदेशी जैसे ही भारतीय संस्कृति को अपनाकर रहता है।
  3. शास्त्रीय – तुम जो राग का आलापना कर रही हो यह शास्त्रीय संगीत का नहीं अशास्त्रीय संगीत का है।

प्रश्न 3.
यह आदिवासी का संगीत है। (वचन बदलकर वाक्य फिर से लिखिए।)
उत्तर:
यह आदिवासियों का संगीत है।

आ) सूचना पढ़िए और उसके अनुसार कीजिए।

प्रश्न 1.
लोकगीत, लोकतंत्र (इस तरह ‘लोक’ शब्द के साथ बने दो शब्द लिखिए।)
उत्तर:
लोकपालक, लोकसभा

प्रश्न 2.
गायक, कवि, लेखक (लिंग बदलिए। याक्य प्रयोग कीजिए।)
उत्तर:

  1. गायक – गायिका, गायनी
  2. कवि – कवइत्री
  3. लेखक – लेखिका

वाक्य प्रयोग

  1. गायक – लताजी एक प्रसिद्ध गायिका हैं।
  2. कवि – हिंदी साहित्य में महादेवी वर्मा सफल कवयित्री मानी जाती है।
  3. लेखक – सरोजिनी नायुडु एक अच्छी लेखिका भी है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत

प्रश्न 3.
धर्म, मास, दिन, उत्साह (“इक” प्रत्यय जोड़कर वाक्य प्रयोग कीजिए।)
उत्तर:
धार्मिक, मासिक, दैनिक, औत्साहिका
वाक्य प्रयोग

  • दशहरा एक धार्मिक पर्व है।
  • लोकगीतों से दैनिक जीवन में उत्साह मिलता है।
  • विपुला एक मासिक पत्रिका है।
  • आज अनेक औत्साहिक गायक गा सकते हैं।

इ) इन्हें समझिए और अतंर स्पष्ट कीजिए।

1. उपेक्षा – अपेक्षा
2. कृतज्ञ – कृतघ्न
3. बहार – बाहर
4. दावत – दवात
उत्तर:
1. उपेक्षा – अपेक्षा
उपेक्षा = उदासीनता, अवहेलना, तिरस्कार आदि अर्थों में इसका प्रयोग होता है। यह “अपेक्षा” शब्द का विलोम शब्द भी है।

अपेक्षा = तुलना, चाह, आशा आदि अर्थों में इस शब्द का प्रयोग किया जाता है। यह उपेक्षा शब्द का विलोम शब्द है।

2. कृतज्ञ – कृतघ्न
कृतज्ञ = अनुग्रहीत, आभारी, ऋणी आदि अर्थों में इसका प्रयोग होता है। यह कृतघ्न का विलोम शब्द है। उपकार मानने वाले को कृतज्ञ कहा जाता है।

कृतघ्न = उपकार न माननेवाला, ना शुक्रा यह कृतज्ञ का विलोम शब्द भी है।

3. बहार – बाहर
बहार = खिलती हुई जवानी, वंसत ऋतु, शोभा मजा, तमाशा आदि अर्थों में इस शब्द का प्रयोग किया जाता है।

बाहर = स्थान या वस्तु विशेष की सीमा के उस पार, अलग, दूर, अन्यत्र आदि अर्थों में इस शब्द का प्रयोग होता है।

4. दावत – दवात
दावत = भोज का निमंत्रण – इस शब्द का अर्थ है।
दवात = इस शब्द का अर्थ है स्याही रखने का बरतन या शीसा।

5. पेड़ पर बड़ा पक्षी है पर उसके छोटे – छोटे पर हैं।
उत्तर:
यहाँ “पर” शब्द का प्रयोग तीन अर्थों में किया गया है।
1) पर → कारक के रूप में
2) पर → लेकिन के अर्थ में और
3) पर → पंख के अर्थ में।

6. हल चलाने से मात्र ही किसान की समस्याएँ हल नहीं होती।
उत्तर:
यहाँ “हल” शब्द का प्रयोग दो अर्थों में किया गया है।
1) हल = खेत जोतने का एक साधन
2) हल = सुलझाव या परिष्कार

ई) नीचे दिया गया उदाहरण समझिए। उसके अनुसार दिये गये वाक्य बदलिए।
1.
AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत 1
उत्तर:
AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत 2
2.
AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत 3

उत्तर:
1. स्त्रियाँ ढोलक की मदद से गाती हैं।
क्या स्त्रियाँ ढोलक की मदद से गाती हैं?
स्त्रियाँ ढोलक की मदद से गाती हैं न!

2. लोकगीत के कई प्रकार हैं।
क्या लोकगीत के कई प्रकार हैं?
लोकगीत के कई प्रकार हैं न !

परियोजना कार्य

यहाँ दिये गये चित्र ध्यान से देखिए। ये चित्र भारतेंदु हरिश्चंद्र द्वारा लिखे गये एक प्रहसन नाटक से संबंधित हैं। इसी नाटक को कवि सोहनलाल द्विवेदी जी ने कविता के रूप में सृजन किया है। अपने पुस्तकालय या अन्य स्त्रोतों से उस नाटक या कविता का संग्रह कर कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।
AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत 4

उत्तर:
यदि हम सूझ – बूझ से काम लेंगे तो बड़ी से बड़ी विपत्ति का सामना भी आसानी से कर सकते हैं। इस भावना पर आधारित प्रहसन नाटक “अंधेर नगरी’ यहाँ प्रस्तुत है।
पात्र
(महंत, नारायणदास, गोवर्धनदास, घासीराम, हलवाई, शिष्य, राजा, फ़रियादी, कल्लू, कारीगर, चूने वाला, भिश्ती, कमाई, गड़रिया, कोतवाल, सिपाही।)

लोकगीत Summary in English

There is a difference between the freshness of folk songs and classical music. Folk songs are classical music. They are the songs of family and the people of villages and cities. They need no practice. They are sung on special occasions and festivals. They are mostly written by the village people. Women also take part in these works. These songs are sung with the help of drum, cymbals, castanets, flute, etc.

Once, compared with the classical music, these songs were regarded low. Until recently they were not regarded well. But with the change of the common people’s outlook, the change also occurred in the fields of art and literature. Many people came forward to collect folk songs from different languages. This type of compilations had already been printed.

Folk songs are of many kinds. One of these is very lively and exciting. This is the music of the Adivasis of this country. The tribes namely Gond – Khand, Orav – Munda, Bheel – Santal are spread over Madhya Pradesh, Deccan region and Chota Nagpur. The songs and dances of these people are mostly done one with another or with groups.
The people of hilly regions have their own songs. There are some specific songs for the people of Gadwal, Kinnoure and Kangada, etc. They have their own methods to sing those songs.

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The folk songs are actually concerned with the people of the rural areas of the country. The songs of Chaita, Kajari, Barahmasa, Shravana, etc., are sung in Mirzapur, Banaras, eastern Uttar Pradesh and western districts of Bihar.

Baol and Bhatiali etc., are the folk songs belonged to Bengal. The songs of Mahia in Punjab also fall in this category. The songs concerned with ‘Heer – Ram Jha’, ‘Sohani – ‘Mahival’ of Punjab, the songs such as ‘Dhola – Maru’ of Rajasthan are sung with much enthusiasm and fervour.

The writers of these songs of rural areas, without giving importance to imaginations, take the issues concerned with daily life and write songs on them. So they are heart – touching. The tunes of those songs are Pilu, Sarangam, Durga, Sawan, Sorat, etc. The songs Kaharwa, Biraha, Dhobia, etc., are mostly sung in villages and they attract a large number of people.

The language of these folk songs is familiar and tunes are catchy and so they have been successful. Bidesia was propagated for almost 30 – 40 years in Bhojapuri. The groups of singers roam about the villages while singing these songs. There were no more popular songs than these songs in the districts of Bihar. In these songs the main aspect is about romance of lovers and lovesick of alien lovers.

In the regions like Biraha the songs belonging to tribal races are mostly sung. But of late, these songs are losing their prominence.

Another type of most popular one is the song Alha. The people in the region of Bundelkhand sing these songs. The royal poet Jaganik of the Chandel kings is said to be the originator of these songs. In his great epic, he described the powers of Alha – Udal. Following the prosody in his works, other village poets wrote songs which are being sung even now zestfully.

There are numerous songs of women in our country. These too are folk songs. Generally women alone sing these songs. Men are also there among the writers and singers of these songs. There are mostly women related aspects in these songs. In this regard, India is different from all other countries.

The women sing melodious songs on some auspicious occasions – while going to take river bath ; during festivals; during feasts, marriages, birthday celebrations, etc. These songs are being sung since ancient times. The great poet Kalidas also included these songs in his works.

The songs such as Maithil, Kokil, Vidyapati are mostly sung in eastern regions. There are many educated people who sing these songs from Kashmir to Kanyakumari, from Katiyavada to Gujarat, from Rajasthan to Odisha – Andhra.

Gorba is one kind of group song in Gujarat. Women sing this song while dancing in a circular way. It became popular in all regions.

The songs of rural areas are really of many kinds. As their lives go in a peaceful and harmonious way, there would be no deficiency for delightful experiences. It can be said that the songs are the symbols of their blithesome lives.

लोकगीत Summary in Telugu

జానపద గీతాల తాజాదనం, లోక ప్రియత్వంతో శాస్త్రీయ సంగీతంతో తేడా కలదు. జానపద గీతాలు ప్రజల సంగీతం. కుటుంబ, గ్రామ, నగర ప్రజల పాటలు. వీటికి సాధన అవసరం లేదు. పండుగలు మరియు విశేష అవసరాలప్పుడు వీటిని పాడతారు. ఎప్పుడూ ఇవి పాడబడతాయి. వీటిని రచించేవారు కూడా ఎక్కువగా గ్రామ ప్రజలే. స్త్రీలు కూడా వీటి రచనలో విశేషంగా పాల్గొన్నారు. ఈ పాటలు బాజాల సహాయంతో కాకుండా సాధారణ డోలు, చేతితాళం, తప్పెట్లు, పిల్లనగ్రోవి మొ॥గు వాని సహాయంతో పాడబడతాయి.

ఒకనాడు శాస్త్రీయ సంగీతం ముందు వీటిని చులకనగా, హేయంగా భావించేవారు. ఈ మధ్యవరకు వీటిని బాగా ఉపేక్షించేవారు. కానీ ఇటు సాధారణ ప్రజల వైపునుండి దృష్టి మరలడం వల్ల సాహిత్యం మరియు కళా రంగాలలో కూడా మార్పు వచ్చింది.

అనేక మంది వివిధ భాషలకు చెందిన జానపద గీతాలను సంగ్రహించుటకు నడుము బిగించారు. ఇలాంటి సంగ్రహాలు ఎన్నో ఇప్పటికీ ముద్రించబడియున్నవి.

జానపద గీతాలు ఎన్నో రకములు. వీటి ఒక రకం చాలా ఉత్తేజకంగా సజీవంగా ఉంటాయి. ఇది ఈ దేశ ఆదివాసీల సంగీతం. మధ్యప్రదేశ్, దక్కన్, చోటానాగపూర్‌లో గోండ్ – ఖాండ్, ఓరావ్ – ముండా, భీల్ – సంతాలు వ్యాపించి యుండిరి. వీరి పాటలు – నృత్యాలు ఎక్కువగా ఒకరితో ఒకరు లేదా గుంపులు గుంపులుగా పాడబడతాయి. నాట్యం చేయబడతాయి. 20 – 20 మంది, 30 – 30 మంది పురుషులు – స్త్రీల దళాలు ఒకరికి ఒకరు జవాబుగా పాడతారు, దిక్కులన్నీ పిక్కటిల్లుతాయి (ప్రతిధ్వనిస్తాయి).

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పర్వత ప్రాంతాలవారికి వారి – వారి పాటలు ఉంటాయి. వారి మధ్య భిన్న – భిన్న రూపాలు ఉన్నప్పటికి అశాస్త్రీయం కారణంగా వారికి ఒక సమాన భూమి ఉంది. గద్వాల్, కిన్నోర్, కాంగడా మొ||వారికి తమ తమ పాటలు ఉన్నవి. వాటిని, పాడడానికి వారి – వారి పద్ధతులున్నవి. వాటి వేరొక పేరే “పహాడీ” అని వచ్చినది.

వాస్తవిక జానపద గీతాలు దేశంలోని గ్రామ ప్రాంతాలవారివి. వీటి సంబంధం కూడా గ్రామ ప్రాంతాల ప్రజలతోనే ఉంది. చైతా (చైత్రం) కజరీ, బారహ్మ సా (12 నెలలు), శ్రావణం మొ||నవి. మీర్జాపూర్, బనారస్ మరియు తూర్పు ఉత్తరప్రదేశ్ లో మరియు బీహార్ లోని పశ్చిమ జిల్లాల్లో, పాడబడుచున్నవి.

బావుల్ మరియు భతియాలీ అనునవి బెంగాలకు చెందిన జానపద గీతాలు, పంజాబ్ లోని మాహియా మొ||నవి ఇలాంటివే. “హీర్ – రాం ఝా”, “సోహనీ – మహీవాల్”లకు సంబంధించిన పాటలు పంజాబ్ లో “డోలా – మారు” మొదలగు పాటలు రాజస్థాన్లలో చాలా ప్రీతిగా (ఇష్టంగా) పాడబడుచున్నవి.

ఈ గ్రామీణ ప్రాంతాల పాటల రచయితలు ఊహ (కల్పన)లకు ప్రాధాన్యతనీయక రోజువారి జీవితానికి సంబంధించిన విషయాలను తీసుకుని వాటిపై పై పాటలు వ్రాస్తారు. అందువలన అవి హృదయాలను స్పృశిస్తాయి. వాటి రాగాలు కూడా సాధారణంగా పీటా, సారంగం, దుర్గా, సావన్, సోరన్ మొ||నవి.

కహార్ వా, బిరహా, ధోబియా అనునవి పల్లెల్లో ఎక్కువగా పాడబడును. ఇవి ఎందరినో ఆకర్షించును.

వీని భాషను గురించి చెప్పవలెనన్న ఈ జానపద గీతాలు అన్నియూ గ్రామాలు మరియు ఇలాకాలకు సంబంధించిన భాషలలోనే పాడబడును. ఈ కారణంగానే ఇవి ఆహ్లాదభరితంగా ఆనందదాయకంగా ఉండును. ఈ పాటల రాగం కూడా ఆకర్షణీయంగా ఉంటుంది. వీరికి తెలిసిన భాష కావడం కూడా వీటి విజయానికి కారణం.

భోజపురిలో దాదాపుగా 30 – 40 సం||లో “బిదేసియా” కు ప్రచారం జరిగినది. పాటలు పాడే అన్ని సమూహాలు ఈ పాటలను పాడుతూ గ్రామాల్లో తిరుగుతారు. విశేషంగా బీహార్ లోని జిల్లాల్లో బిదేసియాను మించి పాటలు లోకప్రియమైనవి లేవు. ఈ పాటల్లో ఎక్కువగా రసికప్రియ మరియు ప్రేయసి ప్రియుల విషయాలు ఉంటాయి. పరదేశీ ప్రేమికుల విరహరసం వీటిలో ఉంటాయి.

ఆటవిక జాతుల దళాలకు సంబంధించిన పాటలు కూడా ఎక్కువగా బిరహా మొ||గు ప్రాంతాలలో పాడబడుచున్నవి. ఒకవైపు పురుషులు మరొకవైపు స్త్రీలు ఒకరికొకరు జవాబు (బదులు)గా దళంగా ఏర్పడి దిక్కులు పిక్కటిల్లేలా (ప్రతిధ్వనించేలా) పాడతారు. కానీ ఇక్కడ కొంతకాలం నుండి ఈ విధమైన గుంపులతో కూడిన పాటలు తగ్గిపోయినవి.

మరొక విధమైన గొప్ప లోకప్రియమైన పాట ఆలా ఎక్కువగా వీటిని బుందేల్ ఖండ్ ప్రాంతంలో పాడెదరు. వీటి ప్రారంభకునిగా చందేలు రాజుల రాజకవి జగనిక్ గా చెప్పబడుతుంది. ఆయన ఆలా – ఊదల్ల వీరత్వాన్ని గురించి తన మహాకావ్యంలో వర్ణించెను. ఈయన రచించిన ఛందస్సును తీసుకుని వేరే గ్రామ కవులు వివిధ సమయాలలో తమ పాటల్లో చేర్చిరి. ఈ పాటలు (గీతాలు) ఈ రోజున కూడా చాలా ప్రేమగా పాడబడుచున్నవి. వీటిని పాడు గాయకులు గ్రామ గ్రామం ఢోలు తీసుకుని పాడుతూ తిరుగుతారు. కొందరు నటులు తాళ్ళపై ఆడుతూ పాడే పాటలు కూడా ఈ కోవకు చెందినవి. ఎక్కువగా ఇవి గద్య – పద్యాత్మకంగా ఉంటాయి.

మన దేశంలోని స్త్రీల పాటలు కూడా అనంత సంఖ్యలో ఉంటాయి. ఇవి కూడా జానపద గీతాలే. ఎక్కువగా వీటిని ఆడవారే పాడతారు.

అలాగని మగవారు వ్రాసేవారు మరియు పాడేవారు కూడా ఎక్కువగానే ఉన్నారు. కాని ఈ పాటలు ఎక్కువగా స్త్రీలకు సంబంధించిన విషయాల పైనే ఉంటాయి. ఈ విషయంలో భారతదేశం ఇతర అన్ని దేశాలతో భిన్నంగా ఉన్నది. ఎందుకంటే ప్రపంచంలోని ఇతర దేశాలలో స్త్రీల పాటలు మగవారి పాట లేదా జానపద గీతాలకు భిన్నంగా ఉండవు. కలసి మెలసి ఉంటాయి.

పండుగలప్పుడు నదులలో స్నానం చేస్తూ స్నానానికి వెళుతూ దారిలో పాడే పాటలు, వివాహ సమయంలో, విందుల సందర్భాలలో బంధువులను ప్రేమగా తిడుతూ, పుట్టిన సందర్భం మొ||గు అవసరాలకు సంబంధించిన వేరు – వేరు పాటలు స్త్రీలు పాడతారు. ఈ అవసరాలకు సంబంధించి కొంతమంది ఇప్పుడే కాదు చాలా ప్రాచీన కాలం నుండి పాడుతున్నారు. మహాకవి కాళిదాసు మొ||గు వారు కూడా తమ గ్రంథాలలో ఈ పాటలను చేర్చిరి. సోహర్, బానీ, సహరా మొ॥గు వారి అనంతమైన పాటల్లోని ముఖ్యమైనవి. పన్నెండు నెలల (బారహ్ మాసా) పాటలను పురుషులతో పాటు స్త్రీలు కూడా పాడతారు.

ఒక విశేషమైన మాట (విషయం) ఏమిటంటే ఆడవారి పాటలు సాధారణంగా ఒంటరిగా పాడబడవు గుంపులుగా ఏర్పడి పాడబడతాయి. అనేక గొంతులు ఒక్కసారిగా కలసి పాటను అందుకుంటాయి. ఎక్కువగా ఈ పాటలను పండుగలు, శుభసందర్భాలలో చాలా బాగా పాడతారు. గ్రామాలలో, నగరాలలో గాయకురాళ్ళు కూడా ఉంటారు. వీరు వివాహం పుట్టిన రోజు మొదలగు అవసరాలలో (సందర్భాలలో) పాడటానికి పిలువబడతారు. అన్ని ఋతువుల్లో స్త్రీలు ఉల్లాసంగా గుంపులుగా ఏర్పడి పాడతారు. హోళీ వర్షాకాలపు కజరీలు మొ॥గు సమయాలలో వీరి పాటలు వినసొంపుగా ఉంటాయి. తూర్పు ప్రాంతాలలో ఎక్కువగా మైథిల్, కోకిల్, విద్యాపతి పాటలు పాడబడతాయి. కాశ్మీరు నుండి కన్యాకుమారి వరకు, కాటియవాడ నుండి గుజరాత్, రాజస్థాన్ నుండి ఒరిస్సా – ఆంధ్ర వరకు ఎందరో తమ తమ పాటలను పాడు విద్యావంతులు కలరు.

స్త్రీలు డోలక్ సహాయంతో పాడతారు. ఎక్కువమంది వారి పాటలతో పాటు నాట్యం కూడా చేస్తారు. గుజరాత్ లో ఒక విధమైన గుంపు పాట గర్ బా. దీన్ని విశేషరీతిలో గుండ్రంగా ఉండి తిరిగి – తిరిగి ఆడవాళ్ళు పాడతారు. వీరికి తోడు బాలికలు కూడా బాజాలు వాయిస్తారు. దీనిలో నాట్యం – పాడటము వెంట – వెంట జరుగుతాయి. వస్తుతః ఇది నాట్యం. అన్ని ప్రాంతాల్లో కూడా ఇది లోక ప్రసిద్ధి చెందినది. ఇదేవిధంగా హోళీ సందర్భంగా బ్రజంలో రసియా ఆడతారు. దీనిని దళంలోని సభ్యులు పాడతారు. ముఖ్యంగా స్త్రీలే పాడెదరు.

గ్రామంలోని పాటలు వాస్తవంగా అనేక రకాలు. జీవితం వైభవోపేతంగా సాగిపోతూ ఉంటే అక్కడ ఆనందభరిత ఆధారాలకు కొరత ఏముంటుంది? ‘ఆనందమయమైన జీవనానికీ పాటలు సంకేతం.

अभिव्यक्ति-सजनात्मकता

2 Marks Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो या तीन वाक्यों में लिखिए।

प्रश्न 1.
पहाडी लोकगीतों के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:

  • पहाडियों के अपने – अपने गीत हैं।
  • उनके अपने – अपने भिन्न रूप होते हुए भी अशास्त्रीय होने के कारण उनमें अपनी एक समान भूमिका है।
  • गढ़वाल, किन्नौर, काँगडा आदि के अपने – अपने गीत और उन्हें गाने की अपनी – अपनी विधियाँ हैं।
  • उनका अलग नाम ही पहाड़ी पड गया है।

प्रश्न 2.
‘गरबा’ लोकगीत के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
गरबा गुजरात का लोकप्रिय दलीय गायन है। इसमें स्त्रियाँ ढोलक की मदद से गाती हैं। एक विशेष विधि से घेरे में घूम-घूमकर औरतें गाती हैं। इसमें नाच-गान साथ – साथ चलते हैं।

उपर्युक्त इन सभी कारणों से लोकगीत का चलन अधिकतर देहातों में ही रहता है।

प्रश्न 3.
लोकगीत और शास्त्रीय संगीत में क्या अंतर है?
उत्तर:

  • लोकगीत अपनी लोच, ताज़गी और लोकप्रियता में शास्त्रीय संगीत से भिन्न है।
  • लोकगीत सीधे जनता के संगीत है । लोकगीत घर, गाँव और नगर की जनता के गीत है।
  • त्यौहारों और विशेष अवसरों पर ये गाये जाते हैं।

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इनके अलावा शास्त्रीय संगीत के लिए तो कई साधनों की ज़रूरत नहीं होती । शास्त्रीय संगीत के लिए साधना की भी ज़रूरत है।

प्रश्न 4.
लोकगीत किन – किन रागों में गाये जाते हैं?
उत्तर:
लोकगीत साधारणतः पीलू, सारंग, दुर्गा, सावन, सोरठा आदि रागों में गाये जाते हैं।

प्रश्न 5.
लोकगीतों की भाषा कैसी होती है?
उत्तर:
लोकगीतों की भाषा के संबंध में कहा जा चुका है कि ये सभी लोकगीत गाँवों और इलाकों की बोलियों में गाये जाते हैं । इसी कारण ये बडे आलाद कारक और आनंददायक होते हैं ।

प्रश्न 6.
“पहाड़ी’ किसे कहा जाता है?
उत्तर:
पहाडी क्षेत्रों में रहने वाले पिछडे जातियों को पहाडी कहा गया है। इनके अपने – अपने गीत हैं।जैसे गढवाल, किन्नौर, काँगडा आदि के अपने – अपने गीत होते हैं। इनके गाने की विधियाँ भी अलग हैं। उनका
अलग नाम ही ‘पहाडी’ पड गया हैं।

प्रश्न 7.
वास्तविक लोकगीत कैसे होते हैं?
उत्तर:
वास्तविक लोकगीत गाँवों और इलाकों की बोलियों में गाये जाते हैं। इसी कारण ये बडे आहलादकर और आनंददायक होते हैं। राग तो इन गीतों के आकर्षक होते ही हैं। इनकी समझी जा सकने वाली भाषा भी इनकी सफलता का कारण है। अतः इसका पूर्व संबंध देहातों की जनता से है।

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प्रश्न 8.
“बिदेसिया’ लोकगीत के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
बिदेसिया लोकगीत का प्रचार तीस – चालीस वर्षों से बिहार में भोजपुरी भाषा में हुआ। बिहार में “बिदेसिया” लोकगीत लोकप्रिय हैं। इन लोकगीतों में रसिक प्रिय, प्रियाओं की बात रहती है। इनमें परदेशी प्रेमी की और । इनसे करुणा और विरह का रस बरसता है।

प्रश्न 9.
पंजाब के लोकगीतों के बारे में लिखिए।
उत्तर:

  • लोकगीत सीधे जनता के संगीत है। ये ओजस्वी और सजीव हैं।
  • पंजाब में माहिया आदि इसी प्रकार के हैं।
  • हीरा – राँझा, सोहनी – महीवाल आदि लोकगीत पंजाब में बड़े चाव से गाये जाते हैं।

अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता

4 Marks Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर छह पंक्तियों में लिखिए।

प्रश्न 1.
लोकगीतों का चलन अधिकतर देहातों में ही क्यों रहता है?
उत्तर:
लोकगीत अपनी लोच, ताज़गी और लोकप्रियता में शास्त्रीय संगीत से भिन्न हैं। लोकगीत सीधे जनता के संगीत हैं। घर, गाँव और नगर की जनता के गीत हैं ये। इनके लिए साधना की ज़रूरत नहीं होती। त्यौहारों और विशेष अवसरों पर ये गाये जाते हैं। सदा से ये गाये जाते रहे हैं और इनके रचनेवाले भी अधिकतर गाँव के लोग ही हैं। स्त्रियों ने भी इनकी रचना में विशेष भाग लिया है। ये गीत बाजों की मदद के बिना ही या साधारण ढोलक, झाँझ, करताल, बाँसुरी आदि की मदद से गाये जाते हैं।

लोकगीतों के कई प्रकार हैं। इनका एक प्रकार तो बड़ा ही ओजस्वी और सजीव है। यह इस देश के आदिवासियों का संगीत है। वास्तविक लोकगीत देश के गाँवों और देहातों में हैं। इनका संबंध देश के देहाती जनता से संबंध हैं। उनके राग भी साधारणतः पीलु, सारंग, दुर्गा, सावन, सोरठ आदि हैं।

प्रश्न 2.
‘आल्हा’ के गीतों के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:

  • एक – दूसरे प्रकार के बड़े लोकप्रिय गाने आल्हा के हैं ।
  • अधिकतर ये बुंदेलखंडी में गाये जाते हैं |
  • आरंभ तो इसका चंदेल राजाओं के राज कवि जगनिक से माना जाता है।
  • उन्होंने आल्हा – ऊदल की वीरता का अपने महाकाव्य में बखान किया ।
  • ये गीत हमारे गाँवों में आज भी बहुत प्रेम से गाये जाते हैं ।
  • इन्हें गानेवाले गाँव – गाँव ढोलक लिये गाते फिरते हैं। अधिकतर ये पद्य – गद्यात्मक हैं |

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प्रश्न 3.
स्त्रियाँ किन – किन अवसरों पर लोकगीत गाती हैं?
उत्तर:

  • त्यौहारों और विशेष अवसरों पर स्त्रियाँ लोकगीत गाती हैं।
  • त्यौहारों पर नदियों में नहाते समय के, नहाने जाते हुए राह के, विवाह के , मटकोड, ज्यौनार के संबंधियों के लिए प्रेमयुक्त गाली के, जन्म आदि सभी अवसरों के अलण – अलण गीत भी स्त्रियों से गायी जाती हैं | बारहमासा गीत भी स्त्रियाँ गाती हैं |
  • विवाह और जन्म आदि के अवसरों पर स्त्रियाँ लोकगीत गाती हैं ।

प्रश्न 4.
शास्त्रीय संगीत के सामने लोकगीत हेय माने जाते हैं – क्यों?
उत्तर:

  • शास्त्रीय संगीत तो सचमुच शास्त्रीय है ।
  • शास्त्रीय संगीत के लिए साधना की आवश्यकता है।
  • शास्त्रीय संगीत के लिए शिक्षण की भी आवश्यकता है |
  • शास्त्रीय संगीत के लिए विभिन्न राग, ताल तथा लय तथा संगीत का अध्ययन की आवश्यकता है ।
  • शास्त्रीय संगीत के लिए विविध प्रकार के संगीत वाद्यों और साधनों की आवश्यकता है।’
  • लेकिन लोकगीतों के लिए इन सबकी कोई आवश्यकता नहीं । इसलिए शास्त्रीय संगीत के सामने एक समय लोकगीत हेय माने जाते हैं।

प्रश्न 5.
मनोरंजन की दुनिया में लोकगीत का महत्वपूर्ण स्थान है । साबित कीजिए।
उत्तर:

  • मनोरंजन की दुनिया में लोकगीतों का महत्वपूर्ण स्थान है ।
  • इस विषय में कोई अतिशयोक्ति नहीं है ।
  • हमारी संस्कृति में लोकगीत और संगीत का अटूट संबंध है।
  • गीत – संगीत के बिना हमारे मन रसा से नीरस हो जाता है ।
  • लोकगीत जो हैं वे घर गाँव और जनता के गीत हैं ।
  • त्यौहारों और विशेष अवसरों पर ये गाये जाते हैं ।
  • इन के लिए कोई साधना तथा साधन की ज़रूरत नहीं होती।
  • ये बड़े आहलादकर और आनंददायक होते हैं ।
  • त्यौहारों पर, नदियों में नहासमय के, नहाने जाते हुए राह के, विवाह के, मटकोड, ज्यौनार के, संबंधियों के प्रेमयुक्त गाली के, जन्म आदि सभी अवसरों में ये गाये जाते हैं।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत

प्रश्न 6.
बारहमासा लोकगीतों के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
बारहमासा लोकगीत बारह महीनों में आवश्यकतानुसार गाये जा सकते हैं। जायसी का “पद्मावत्” नागमति का विरह वर्णन बारहमासा में ही लिखा गया है। बारहमासा लोकगीत की परंपरा अत्यन्त प्राचीन है। आषाढ मास में बारहमासा गीत प्रारम्भ हो जाता है। विरहिणी नारी के लिए बारह महीनों का प्रत्येक क्षण बडा भारी होता है। उसे एक – एक पल घुट – घुट कर महसूस – महसूसकर बिताना पडता है।
विरहिणी स्त्री अपनी प्रियतम का स्मरण कर हर वक्त रोती – कराहती रहती है।

प्रश्न 7.
लोकगीतों को आज मनोरंजन का साधन कैसे बनाया जा सकता है?
उत्तर:

  • लोच, ताजगी भरा कर लोकगीतों को मनोरंजन का साधन बनाया जा सकता है।
  • साधारण ढोलक, झाँझ, करताल, बाँसुरी आदि की मदद से लोकगीतों को मनोरंजन का साधन बनाया जा सकता है।
  • गाँवों और इलाकों की बोलियों के कारण इन्हें मनोरंजन का साधन बनाया जा सकता हैं।
  • नाच – गान दोनों साथ-साथ चलाने के कारण इन्हें मनोरंजन का साधन बना सकेंगे।

अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता

8 Marks Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर आठ या दस पंक्तियों में लिखिए।

प्रश्न 1.
हमारे जीवन में लोकगीतों का क्या महत्व है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
पाठ का नाम : “लोकगीत” है।
लेखक का नाम : “श्री भागवतशरण उपाध्याय” है।
हमारी संस्कृति में लोकगीत और संगीत का अटूट संबंध है। मनोरंजन की दुनिया में आज भी लोकगीतों का महत्वपूर्ण स्थान है। गीत – संगीत के बिना हमारा मन रसा से नीरस हो जाता है।

लोकगीत अपनी लोच, ताज़गी और लोकप्रियता में शास्त्रीय संगीत से भिन्न हैं। लोकगीत सीधे जनता का संगीत है। ये घर, गाँव और नगर की जनता के गीत हैं इनके लिए साधना की ज़रूरत नहीं होती। त्यौहारों और विशेष अवसरों पर ये गाये जाते हैं।

स्त्री और पुरुष दोनों ही इनकी रचना में भाग लिये हैं। ये गीत बाजों, ढोलक, करताल, झाँझ और बाँसुरी आदि की मदद से गाये जाते हैं।

लोकगीतों के कई प्रकार हैं। इनका एक प्रकार बडा ही ओजस्वी और सजीव है। यह इस देश के आदिवासियों का संगीत है। मध्यप्रदेश, दक्कन और छोटा नागपुर में ये फैले हुए हैं।

पहाडियों के अपने – अपने गीत हैं। वास्तविक लोकगीत देश के गाँवों और देहातों में हैं। सभी लोकगीत गाँवों और इलाकों की बोलियों में गाये जाते हैं। चैता, कजरी, बारहमासा, सावन आदि मीर्जापुर, बनारस और उत्तर प्रेदश के पूरवी जिलों में गाये जाते हैं।

बाउल और भतियाली बंगला के लोकगीत हैं। पंजाब में महिया गायी जाती है। राजस्थानी में ढोला – मारू आदि गीत गाते हैं। भोजपुर में बिदेसिया का प्रचार हुआ है।

इन गीतों में अधिकतर रसिकप्रियों और प्रियाओं की बात रहती हैं। इन गीतों में करुणा और बिरह . का रस बरसता है।

जंगली जातियों में भी लोकगीत गाये जाते हैं। एक दूसरे के जवाब के रूप में दल बाँधकर ये गाये जाते हैं। आल्हा एक लोकप्रिय गान है।

गाँवों और नगरों में गायिकाएँ होती हैं। स्त्रियाँ ढोलक की मदद से गाती हैं। उनके गाने के साथ नाच. का पुट भी होता है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत

प्रश्न 2.
“लोकगीतों का संबंध विशेषतः स्त्रियों से है।” – इस कथन का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर:

  • अनंत संख्या अपने देश में स्त्रियों के गीतों की है। ये भी लोकगीत हैं।
  • इन गीतों का संबंध विशेषतः स्त्री से हैं।
  • एक विशेष बात यह है कि नारियों के गाने साधारणतः अकेले नहीं गाये जाते हैं, दल बाँधकर गाये जाते हैं।
  • अनेक कंठ एक साथ फूटते हैं यद्यपि अधिकतर उनमें मेल नहीं होता, फिर भी त्यौहारों और शुभ अवसरों पर वे बहुत ही भले गाते लगते हैं।
  • गाँवों और नगरों में गायिकाएँ भी होती हैं जो विवाह, जन्म आदि के अवसरों पर गाने के लिए बुला ली जाती हैं।
  • सभी ऋतुओं में स्त्रियाँ उल्लासित होकर दल बाँधकर गाती हैं। पर होली,बरसात की कजरी आदि तो उनकी अपनी चीज़ है, जो सुनते ही बनती है।पूरब की बोलियों में अधिकतर मैथिल – कोकिल के गीत गाये जाते हैं। पर सारे देश के कश्मीर से कन्याकुमारी तक और कठियावाड – गुजरात – राजस्थान से उड़ीसा-तेलंगाणा तक अपने – अपने विद्यापति हैं।
  • स्त्रियाँ ढोलक की मदद से गाती हैं। अधिकतर उनके गाने के साथ नाच का भी पुट होता है।
  • गुजरात का एक प्रकार का दलीय गायन ‘गरबा’ है जिसे विशेष विधि से घेरे में घूम-घूमकर औरतें
    गाती हैं। * साथ ही लकड़ियाँ भी बजाती जाती हैं। जो बाजे का काम करती हैं।
  • इसमें नाच-गान साथ-साथ चलते हैं। वस्तुतः यह नाच ही है। सभी प्रांतों में यह लोकप्रिय हो चला है।
  • इसी प्रकार होली के अवसर पर ब्रज में रसिया चलता है जिसे दल के दल लोग गाते हैं, स्त्रियाँ विशेष तौर पर।

प्रश्न 3.
शास्त्रीय संगीत की तुलना में लोकगीत अपना एक विशेष स्थान रखते हैं, इस कथन की पुष्टि करते हुए अपने क्षेत्रीय लोकगीतों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
मनोरंजन की दुनिया में आज भी लोकगीतों का महत्वपूर्ण स्थान है। ये गीत साधारण ढोलक, झाँझ, करताल, बाँसुरी आदि की मदद से माये जाते हैं। ये घर, गाँव और नगर की जनता के गीत हैं। इनके लिए साधना की ज़रूरत नहीं होती । त्यौहारों और विशेष अवसरों पर ये गाये जाते हैं।

लोकगीतों के कई प्रकार हैं। आदिवासियों का लोकगीत बड़ा ही ओजस्वी और सजीव है। ये मध्य प्रदेश, दक्कन, छोटा नागपुर में गोंड – खांड, भील संथाल आदि में फैले हुए हैं।

इनकी भाषा के संबंध में कहा जाय तो ये सभी लोकगीत गाँवों और इलाकों की बोलियों में गाये जाते हैं। यही इनकी सफलता का कारण है। स्त्रियाँ भी लोकगीतों को सिरजती हैं और गाती हैं। नारियों के गाने साधारणतः दल बाँधकर गाये जाते हैं। विवाह, जन्म, सभी ऋतुओं में, होली, बरसात में ये गीत गाये जाते हैं। सारे देश के कश्मीर से कन्याकुमारी तक और काठियावाड़ गुजरात – राजस्थान से उड़ीसा – आंध्र तक लोकगीत गाये जाते हैं। इनके अपने अपने विद्यापति हैं। गुरजात का दलीय गायन “गरबा” है। होली के अवसर पर ब्रज में रसिया चलता है।

गाँव के गीतों के अनंत प्रकार हैं। जीवन जहाँ इठला – इठलाकर लहराता है, वहाँ भला आनंद के स्रोतों की कमी हो सकती है। उदाम जीवन के ही वहाँ के अनंत संख्यक गाने के प्रतीक हैं।

प्रश्न 4.
भारतीय संस्कृति लोकगीतों में झलकती है । कैसे?
उत्तर:

  • हमारी संस्कृति में लोकगीत और संगीत का अटूट संबंध है ।
  • मनोरंजन की दुनिया में आज भी लोकगीतों का महत्वपूर्ण स्थान है।
  • लोकगीतों से हमें उत्तेजना, उत्साह आदि मिलते हैं ।
  • भारतीय संस्कृति देश के उत्सव, त्यौहार एवं देश के देहातियों और गाँवों के जनता पर निर्भर रहती है।
  • लोकगीतों में अपने – अपने प्रांत की संस्कृति झलकती है।
  • लोकगीत बडा ही ओजस्वी और सजीव है ।
  • इनके द्वारा विभिन्न प्रांतों के लोगों के रहन – सहन, आचार – व्यवहार, रीति – रिवाज़ आदि हमें मालूम होते हैं । लोकगीत त्यौहारों और विशेष अवसरों पर गाये जाते हैं ।
  • लोकगीतों में लोच, ताज़गी और लोकप्रियता है ।
  • त्यौहारों के समय, नदियों में नहाते समय, विवाह के, मटकोड, ज्यौनार के संबंधियों के प्रेमयुक्त गाली के, जन्म आदि सभी अवसरों के अलग – अलग लोकगीत गाये जाते हैं | जो देश की संस्कृति को प्रतिबिंबित करते हैं। इसीलिए कहा गया कि भारतीय संस्कृति लोकगीतों से झलकती हैं।

प्रश्न 5.
भारत के विविध प्रकार के लोकगीतों के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
हमारी संस्कृति में लोकगीत और संगीत का अटूट संबंध है । मनोरंजन की दुनिया में आज भी लोकगीतों का महत्वपूर्ण स्थान है । गीत – संगीत के बिना हमारा मन रसा से नीरस हो जाता है ।

लोकगीत अपनी लोच, ताज़गी और लोकप्रियता में शास्त्रीय संगीत से भिन्न हैं । लोकगीत सीधे जनता का संगीत है । ये घर, गाँव और नगर की जनता के गीत हैं। इनके लिए साधना की ज़रूरत नहीं होती। त्यौहारों और विशेष अवसरों पर ये गाये जाते हैं ।

स्त्री और पुरुष दोनों ही इनकी रचना में भाग लिये हैं । ये गीत बाजे, ढोलक, करताल, झाँझ और बाँसुरी आदि की मदद से गाये जाते हैं ।

लोकगीतों के कई प्रकार हैं । इनका एक प्रकार बडा ही ओजस्वी और सजीव है । यह इस देश के आदिवासियों का संगीत है | मध्यप्रदेश, दक्कन और छोटा नागपुर में ये फैले हुए हैं।

पहाडियों के अपने – अपने गीत हैं । वास्तविक लोकगीत देश के गाँवों और देहातों में हैं । सभी लोकगीत गाँवों और इलाकों की बोलियों में गाये जाते हैं । चैता, कजरी, बारहमासा, सावन आदि मीर्जापुर, बनारस
और उत्तर प्रदेश के पूरवी जिलों में गाये जाते हैं ।

बाउल और भतियाली बंगला के लोकगीत हैं | पंजाब में महिया गायी जाती है | राजस्थानी में ढोला – मारू आदि गीत गाते हैं । भोजपुर में बिदेसिया का प्रचार हुआ है ।

इन गीतों में अधिकतर रसिकप्रियों और प्रियाओं की बात रहती है । इन गीतों में करुणा और बिरह का रस बरसता है।

जंगली जातियों में भी लोकगीत गाये जाते हैं । एक-दूसरे के जवाब के रूप में दल बाँधकर ये गाये जाते हैं । आल्हा एक लोकप्रिय गान है।

गाँवों और नगरों में गायिकाएँ होती हैं । स्त्रियाँ ढोलक की मदद से गाती हैं । उनके गाने के साथ नाच का पुट भी होता है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत

प्रश्न 6.
ग्रामीण जनता के गीतों का वर्णन लोकगीत पाठ में कैसे प्रस्तुत किया गया है?
उत्तर:
हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध रचनाकार हैं श्री भगवतशरण उपाध्याय । उनका विरचित निबंध है – लोकगीत। इसमें भारतीय लोकगीतों की जानकारी बडे ही सुंदर ढंग से दी गयी है।

लोकगीत ताजा, लयीला, मार्मिक और लोकप्रिय होते हैं वे सीधे जनता के संगीत हैं और गानेवाले भी अधिकतर ग्रामीण ही हैं। लोकगीतों के विषय ग्रामीण लोगों की दैनिक गति विधियों से संबंधित होते हैं। इनकी भाषा भी जन भाषा और बोली होती है। स्त्री पुरुष मिलकर नाचते इनको गाते हैं। ये लोकगीत शादी, जन्म, त्यौहार, मनोरंजन आदि विशेष संदर्भो मैं गाये जाते हैं। एक बात में कहना है तो ये ग्रामीण लोगों के मुख्य मनोरंजन साधन हैं। ये गीत बडे आह्लादकर और आनंद दायक होते हैं।

लोकगीतों के कई प्रकार हैं। इनका एक प्रकार बडा ही ओजस्वी और सजीव है। यह इस देश के आदिवासियों का संगीत है |मध्यप्रदेश, दक्कन और छोटा नागपुर में ये फैले हुए हैं।

पहाडियों के अपने – अपने गीत हैं। चैता, कजरी, बारहमासा, सावन आदि मिर्जापुर, बनारस और उत्तर प्रदेश के पूरबी जिलों में गाये जाते हैं। बाउल और भतियाली बंगाल के लोकगीत हैं। माहिया, हीरा – राँझा सोहनी – महीवाल गीत पंजाब के हैं। राजस्थान में ढोला – मारू आदि गीत गाते हैं। भोजपुर में बिदेसिया का प्रचार हुआ है। इन गीतों में अधिकतर रसिकप्रियों और प्रयाओं की बात रहती है। इन गीतों में करुणा और विरह का रस बरसता है।

नगरों और गाँवों में गायिकाएँ होती हैं। वे होली, बरसात की कजरी आदि गीत गाती है। पूरब की बोलियों में अधिकतर मैथिल – कोकिल विद्यापति के गीत गाये जाते हैं। गुजरात में गरबा ‘गायन’ होता है। जिसमें विशेष विधि से घेरे में घूम-घूम कर गाती हैं। इसमें नाच – गाना एक साथ चलना है। होली पर ब्रज में रसिया भी चलता है। इस प्रकार ग्रामीण जनता के गीतों का वर्णन लोकगीत पाठ में प्रस्तुत किया
गया है।

प्रश्न 7.
लोकगीतों में ग्रामीण जीवन शैली प्रतिबिंबित होती है । कैसे?
उत्तर:
हमारी संस्कृति में लोकगीत और संगीत का अटूट संबंध है | मनोरंजन की दुनिया में आज भी लोकगीतों का महत्वपूर्ण स्थान है। गीत – संगीत के बिना हमारा मन रसा से नीरस हो जाता है।

ये लोकगीत घर, गाँव और जनता के गीत हैं। इनके लिए कोई साधना की ज़रूरत नहीं होती। त्यौहारों और विशेष अवसरों पर ये गाये जाते हैं। ये गाँवों और इलाकों की बोलियों में गाये जाते हैं। ये बडे आह्लादकर और आनंददायक होते हैं। इसलिए हम कह सकते हैं कि ये ग्रामीण जनता के मनोरंजक साधन हैं।

  • त्यौहारों और विशेष अवसरों पर लोकगीत गाये जाते हैं। ये गाँवों और देहातों में गाये जाते हैं। इसलिए इन लोकगीतों में मुख्यतः ग्रामीण जनता की मार्मिक भावनाएँ हैं।
  • लोकगीतों को गाने वाले भी अधिकतर गाँवों की स्त्रियाँ ही हैं। इसलिए इन लोकगीतों में मुख्यतः ग्रामीण जनता की मार्मिक भावनाएँ हैं।
  • इनके लिए कोई साधना की ज़रूरत भी नहीं होती है।
  • इसलिए इनमें मुख्यतः ग्रामीण जनता की मार्मिक भावनाएं हैं।
  • इन देहाती गीतों के रचयिता कोरी कल्पना को मान न देकर अपने गीतों के विषय रोजमर्रा के बहते जीवन से लेते हैं । जिससे वे सीधे मर्म को छू लेते हैं।
  • इनके राग भी साधारणतः पीलू, सारंग, दुर्गा, सावन, सोरठ आदि हैं।
  • इसलिए भी इन गीतों में ग्रामीण जनता की मार्मिक भावनाएं हैं।
  • इन लोकगीतों की भाषा के संबंध में कहा जा चुका है कि ये सभी लोकगीत गाँवों और इलाकों की बोलियों में गाये जाते हैं।
  • इस प्रकार हम कह सकेंगे कि लोकगीतों में ग्रामीण जीवनशैली प्रतिबिंबित होती है ।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 5 लोकगीत

प्रश्न 8.
भगवतशरण उपाध्याय जी ने भारत के विविध प्रकार के लोकगीतों के बारे में क्या बताया?
उत्तर:
हमारी संस्कृति में लोकगीत और संगीत का अटूट संबंध है । मनोरंजन की दुनिया में आज भी लोकगीतों का महत्वपूर्ण स्थान है । गीत – संगीत के बिना हमारा मन रसा से नीरस हो जाता है ।

लोकगीत अपनी लोच, ताज़गी और लोकप्रियता में शास्त्रीय संगीत से भिन्न हैं । लोकगीत सीधे जनता का संगीत है । ये घर, गाँव और नगर की जनता के गीत हैं | इनके लिए साधना की जरूरत नहीं होती। त्यौहारों और विशेष अवसरों पर ये गाये जाते हैं ।

स्त्री और पुरुष दोनों ही इनकी रचना में भाग लिये हैं । ये गीत बाजे, ढोलक, करताल, झाँझ और बाँसुरी आदि की मदद से गाये जाते हैं ।

लोकगीतों के कई प्रकार हैं | इनका एक प्रकार बडा ही ओजस्वी और सजीव है | यह इस देश के आदिवासियों का संगीत है | मध्यप्रदेश, दक्कन और छोटा नागपुर में ये फैले हुए हैं।

पहाडियों के अपने – अपने गीत हैं । वास्तविक लोकगीत देश के गाँवों और देहातों में हैं | सभी लोकगीत गाँवों और इलाकों की बोलियों में गाये जाते हैं । चैता, कजरी, बारहमासा, सावन आदि मीर्जापुर, बनारस और उत्तर प्रदेश के पूरवी जिलों में गाये जाते हैं ।

बाउल और भतियाली बंगला के लोकगीत हैं । पंजाब में महिया गायी जाती है। राजस्थानी में ढोला – मारू आदि गीत गाते हैं । भोजपुर में बिदेसिया का प्रचार हुआ है ।

इन गीतों में अधिकतर रसिकप्रियों और प्रियाओं की बात रहती है । इन गीतों में करुणा और बिरह का रस बरसता है।

जंगली जातियों में भी लोकगीत गाये जाते हैं । एक – दूसरे के जवाब के रूप में दल बाँधकर ये गाये जाते हैं । आल्हा एक लोकप्रिय गान है ।

गाँवों और नगरों में गायिकाएँ होती हैं । स्त्रियाँ ढोलक की मदद से गाती हैं । उनके गाने के साथ नाच का पुट भी होता है।

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions

AP State Syllabus SSC 10th Class Maths Solutions 5th Lesson Quadratic Equations InText Questions

AP State Board Syllabus AP SSC 10th Class Maths Textbook Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions and Answers.

10th Class Maths 5th Lesson Quadratic Equations InText Questions and Answers

Try this

Question 1.
Check whether the following equations are quadratic or not. (Page No. 102)
i) x2 – 6x – 4 = 0
ii) x3 – 6x2 + 2x – 1 = 0
iii) 7x = 2x2
iv) x2 + [latex]\frac{1}{\mathbf{x}^{2}}[/latex] = 2
v) (2x + 1) (3x + 1) = 6(x – 1) (x – 2)
vi) 3y2 = 192
Answer:
i) x2 – 6x – 4 = 0
Yes. It’s a quadratic equation.
ii) x3 – 6x2 + 2x – 1 =0
No. It is not a quadratic equation. [∵ degree is 3]
iii) 7x = 2x2
Yes. It’s a quadratic equation.
iv) 2 + [latex]\frac{1}{\mathbf{x}^{2}}[/latex] = 2
No. It is not a quadratic equation. [∵ degree is 4]
v) (2x + 1) (3x + 1) = 6(x – 1) (x – 2) No. It is not a quadratic equation, [∵ co-efficient of x2 on both sides is same i.e. 6]
vi) 3y2 = 192
Yes. It’s a quadratic equation.

Try this

Question 1.
Verify that 1 and [latex]\frac{3}{2}[/latex] are the roots of the equation 2x2 – 5x + 3 = 0. (Page No. 107)
Answer:
Let the given Q.E. be p(x) = 2x2 – 5x + 3
Now p(1) = 2(1)2 – 5(1) + 3
= 2 – 5 + 3 = 0
∴ 1 is a root of 2x2 – 5x + 3 = 0
also p[latex]\left(\frac{3}{2}\right)[/latex] = 2[latex]\left(\frac{3}{2}\right)^{2}[/latex] – 5[latex]\left(\frac{3}{2}\right)[/latex] + 3
= 2 × [latex]\frac{9}{4}[/latex] – [latex]\frac{15}{2}[/latex] + 3
= [latex]\frac{9}{2}[/latex] + 3 – [latex]\frac{15}{2}[/latex]
= [latex]\frac{9+6-15}{2}[/latex] = 0
∴ [latex]\frac{3}{2}[/latex] is also a root of 2x2 – 5x + 3 = 0.

Do this

Question 1.
Solve the equations by completing the square.  (Page No. 113)
i) x2 – 10x + 9 = 0
Answer:
Given: x2 – 10x + 9 = 0
⇒ x2 – 10x = -9
⇒ x2 – 2.x.5 = -9
⇒ x2 – 2.x.5 + 52 = -9 + 52
⇒ (x – 5)2 = 16
∴ x – 5 = ± 4
∴ x – 5 = 4 (or) x – 5 = -4
⇒ x = 9 (or) x = 1
⇒ x = 9 (or) 1

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions

ii) x2 – 5x + 5 = 0
Answer:
Given: x2 – 5x + 5 = 0
⇒ x2 – 5x = 5
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 1

iii) x2 + 7x-6 = 0
Answer:
x2 + 7x – 6 = 0
x2 + 7x = 6
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 3
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 2

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions

Think & Discuss

Question 1.
We have three methods to solve a quadratic equation. Among these three, which method would you like to use 7 Why? (Page No. 115)
Answer:
If the Q.E. has distinct and real roots, we use factorisation. If Q.E. has no real roots, we use quadratic formula.

Try these

Question 1.
Explain the benefits of evaluating the discriminant of a quadratic equation before attempting to solve it. What does its value signifies?  (Page No. 122)
Answer:
The discriminant b2 – 4ac of a Q.E.
ax2 + bx + c = 0 gives the clear idea about the nature of the roots of the Q.E.
If the discriminant D = b2 – 4ac > 0, the Q.E. has distinct and real roots.
If b2 – 4ac = 0, the Q.E. has equal roots.
If b2 – 4ac < 0, the Q.E. has no real roots.
By the value of the discriminant, we can state the nature of the roots of a Q.E. without actually finding them.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions

Question 2.
Write three quadratic equations one having two distinct real solutions, one having no real solution and one having exactly one real solution.  (Page No. 122)
Answer:
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Quadratic Equations InText Questions 4

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions

AP State Syllabus SSC 10th Class Maths Solutions 4th Lesson Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions

AP State Board Syllabus AP SSC 10th Class Maths Textbook Solutions Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions and Answers.

10th Class Maths 4th Lesson Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions and Answers

Question 1.
Solve the following systems of equations: i) x – 2y = 0; 3x + 4y = 20     (Page No. 79)
Answer:
i) x – 2y = 0;                                                                         3x + 4y = 20
-2y = -x                                                                               4y = 20 – 3x
y = [latex]\frac{x}{2}[/latex]                                                                                      y = [latex]\frac{20-3x}{4}[/latex]
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 1AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 2a
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 3
The two lines meet at (4, 2).
The solution set is {(4, 2)}

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions

ii) x + y = 2
2x + 2y = 4
Answer:
x + y = 2
2x + 2y = 4
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 4
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 5
These two are coincident lines.
∴ There are infinitely many solutions.

iii) 2x – y = 4
4x – 2y = 6
Answer:
2x – y = 4                                                                                4x – 2y = 6
⇒ y = 2x – 4                                                                           ⇒ 2y = 4x – 6 ⇒ y = 2x – 3

AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 6
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 7
These two are parallel lines.
∴ The pair of linear equations has no solution.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions

Question 2.
Two rails of a railway track are represented by the equations.
x + 2y – 4 = 0 and 2x + 4y – 12 = 0. Represent this situation graphically.    (Page No. 79)
Answer:
x + 2y – 4 = 0                                                                     2x + 4y – 12 = 0
2y = 4 – x                                                                         4y = 12 – 2x (or) 4y = 2 (6 – x)
y = [latex]\frac{4-x}{2}[/latex]                                                                                  y = [latex]\frac{6-x}{2}[/latex]
x + 2y – 4 = 0                                                                     2x + 4y – 12 = 0
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 8
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 9
These lines are parallel and hence no solution.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions

Question 3.
Check each of the given systems of equations to see if it has a unique solution, infinitely many solutions or no solution. Solve them graphically. (Page No. 83)
i) 2x + 3y = 1
3x – y = 7
Answer:
Let a1x + b1y – c1 = 0 ≃ 2x + 3y – 1 = 0
a2x + b2y + c2 = 0 ≃ 3x – y – 7 = 0
Now comparing their coefficients i.e., [latex]\frac{a_{1}}{a_{2}}[/latex] and [latex]\frac{b_{1}}{b_{2}}[/latex]
⇒ [latex]\frac{2}{3}[/latex] ≠ [latex]\frac{3}{-1}[/latex]
The given lines are intersecting lines.
2x + 3y = 1                                                                     3x – y = 7
3y = 1 – 2x                                                                      y – 3x = 7
y = [latex]\frac{1-2x}{3}[/latex]
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 10
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 11
The system of equations has a unique solution (2, – 1).

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions

ii) x + 2y = 6
2x + 4y = 12
Answer:
From the given pair of equations,
[latex]\frac{a_{1}}{a_{2}}[/latex] = [latex]\frac{1}{2}[/latex];
[latex]\frac{b_{1}}{b_{2}}[/latex] = [latex]\frac{2}{4}[/latex] = [latex]\frac{1}{2}[/latex];
[latex]\frac{c_{1}}{c_{2}}[/latex] = [latex]\frac{6}{12}[/latex] = [latex]\frac{1}{2}[/latex]
∴ [latex]\frac{a_{1}}{a_{2}}[/latex] = [latex]\frac{b_{1}}{b_{2}}[/latex] = [latex]\frac{c_{1}}{c_{2}}[/latex]
∴ The lines are dependent and have infinitely many solutions.
x + 2y = 6                                                                          2x + 4y = 12
2y = 6 – x                                                                          4y = 12 – 2x (or) 4y = 2(6 – x)
y = [latex]\frac{6-x}{2}[/latex]                                                                             y = [latex]\frac{12-2x}{4}[/latex] or y = [latex]\frac{6-x}{2}[/latex]
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 12
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 13

iii) 3x + 2y = 6
6x + 4y = 18
Answer:
From the given pair of equations,
[latex]\frac{a_{1}}{a_{2}}[/latex] = [latex]\frac{3}{6}[/latex] = [latex]\frac{1}{2}[/latex];
[latex]\frac{b_{1}}{b_{2}}[/latex] = [latex]\frac{2}{4}[/latex] = [latex]\frac{1}{2}[/latex];
[latex]\frac{c_{1}}{c_{2}}[/latex] = [latex]\frac{6}{18}[/latex] = [latex]\frac{1}{3}[/latex]
∴ [latex]\frac{a_{1}}{a_{2}}[/latex] = [latex]\frac{b_{1}}{b_{2}}[/latex]
∴ The lines are parallel and hence no solution.
3x + 2y = 6                                                                                   6x + 4y = 18
2y = 6 – 3x                                                                                    4y = 18 – 6x
y = [latex]\frac{6-3x}{2}[/latex]                                                                                    y = [latex]\frac{18-6x}{4}[/latex]
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 14
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 15

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions

Try these

(Page No. 75, 76)

Question 1.
Mark the correct option in the following questions:
Which of the following equations is not a linear equation?
a) 5 + 4x = y + 3
b) x + 2y = y – x
c) 3 – x = y2 + 4
d) x + y = 0
Answer:
[ c ]

Question 2.
Which of the following is a linear equation in one variable?
a) 2x + 1 = y – 3
b) 2t – 1= 2t + 5
c) 2x – 1 = x2
d) x2 – x + 1 =0
Answer:
[ b ]

Question 3.
Which of the following numbers is a solution for the equation 2(x + 3) = 18?
a) 5
b) 6
c) 13
d) 21
Answer:
[b]

Question 4.
The value of x which satisfies the equation 2x – (4 – x) = 5 – x is
a) 4.5
b) 3
c) 2.25
d) 0.5
Answer:
[ c ]

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Question 5.
The equation x – 4y = 5 has
a) no solution
b) unique solution
c) two solutions
d) infinitely many solutions
Answer:
[ d ]

Question 6.
In the example given above, can you find the cost of each bat and ball?    (Page No. 79)
Answer:
We can’t find the exact values for the costs of bat and ball as there are infinitely many possibilities.

Question 7.
For what value of ‘p’ the following pair of equations has a unique solution.     (Page No. 83)
2x + py = – 5 and 3x + 3y = – 6
Answer:
Given: 2x + py = – 5
3x 4- 3y = – 6
To have an unique solution we should have
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 19
∴ The pair has unique solution when p ≠ 2.

Question 8.
Find the value of ‘k’ for which the pair of equations 2x – ky + 3 = 0, 4x + 6y – 5 = 0 represent parallel lines.   (Page No. 83)
Answer:
Given: 2x – ky + 3 = 0
4x + 6y – 5 = 0
If the above lines are to be parallel, then
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 16
∴ k = – 3 is the required value for which lines are parallel.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions

Question 9.
For what value of ‘k’, the pair of equation 3x + 4y + 2 = 0 and 9x + 12y + k = 0 represent coincident lines.   (Page No. 83)
Answer:
Given: 3x + 4y + 2 = 0
9x + 12y + k = 0
If the lines are to be coincident with each other, then
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 17
∴ k = 2 × 3 = 6

Question 10.
For what positive values of ‘p’ the following pair of linear equations have infinitely many solutions?   (Page No. 83)
px + 3y – (p – 3) = 0
12x + py – p = 0
Answer:
Given: px + 3y – (p – 3) = 0
12x + py – p = 0
The above equations to have infinitely many solutions
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 18
p.p = 12 × 3
⇒ p2 = 36
⇒ p = ±6

Think & Discuss

Question 1.
Two situations are given below:
i) The cost of 1 kg potatoes and 2 kg tomatoes was Rs. 30 on a certain day. After two days, the cost of 2 kg potatoes and 4 kg tomatoes was found to be Rs. 66.
ii) The coach of a cricket team of M.K. Nagar High School buys 3 bats and 6 balls for Rs. 3900. Later he buys one more bat and 2 balls for Rs. 1300.
Identify the unknowns in each situation. We observe that there are two unknowns in each case. (Page No. 73)
Answer:
i) The unknowns in the first problem are
a) cost of 1 kg tomatoes
b) cost of 1 kg potatoes
ii) In the second problem, the unknowns are
a) cost of each bat
b) cost of each ball

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Question 2.
Is a dependent pair of linear equations always consistent? Why or why not? (Page No. 79)
Answer:
Reason: [latex]\frac{a_{1}}{a_{2}}[/latex] = [latex]\frac{b_{1}}{b_{2}}[/latex] = [latex]\frac{c_{1}}{c_{2}}[/latex] always holds. In other words, they have infinitely many solutions.

Do these

Solve each pair of equations by using the substitution method. (Page No. 88)
Question 1.
3x – 5y = -1
x – y = -1
Answer:
Given: 3x – 5y = -1 ……. (1)
x – y = -1 …….. (2)
From equation (2), x – y = – 1
x = y – 1
Substituting x = y – 1 in equation (1)
we get
3 (y – 1) – 5y = – 1
⇒ 3y – 3 – 5y = r 1
⇒ – 2y = – 1 + 3
⇒ 2y = – 2
⇒ y = -1
Substituting y = – 1 in equation (1) we get
3x – 5 (- 1) = -1
3x + 5 = – 1
3x = – 1 – 5
x = [latex]\frac{-6}{3}[/latex] = -2
∴ The solution is (-2, -1)

Question 2.
x + 2y = – 1
2x – 3y = 12
Answer:
Given: x + 2y = -1 ……. (1)
2x – 3y = 12 …….. (2)
From equation (1)x + 2y = -l
⇒ x = – 1 – 2y
Substituting x = – 1 – 2y in equation (2), we get
2 (- 1 – 2y) – 3y = 12
– 2 – 4y – 3y = 12
– 2 – 7y = 12
7y = – 2 – 12
∴ y = [latex]\frac{-14}{7}[/latex] = -2
Substituting y = – 2 in equation (1), we get
x + 2 (- 2) = – 1
x = – 1 + 4
x = 3
∴ The solution is (3, – 2)

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions

Question 3.
2x + 3y = 9
3x + 4y = 5
Answer:
Given: 2x + 3y – 9 …….. (1)
3x + 4y = 5 ……. (2)
From equation (1);
2x = 9 – 3y
x = [latex]\frac{9-3y}{2}[/latex]
Substituting x = [latex]\frac{9-3y}{2}[/latex] in equation (2)
we get
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 20
Substituting y = + 17 in equation (1) we get
2x + 3 (+ 17) = 9
⇒ 2x = 9 – 51
⇒ 2x = -42
⇒ x = -21
∴ The solution is (-21, 17)

Question 4.
x + [latex]\frac{6}{y}[/latex] = 6
3x – [latex]\frac{8}{y}[/latex] = 5
Answer:
Given:
x + [latex]\frac{6}{y}[/latex] = 6 …….. (1)
3x – [latex]\frac{8}{y}[/latex] = 5 …….. (2)
From equation (1) x = 6 – [latex]\frac{6}{y}[/latex]
Substituting x = 6 – [latex]\frac{6}{y}[/latex] in equation (2)
we get
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 21
Substituting y = 2 in equation (1) we get
x + [latex]\frac{6}{2}[/latex] = 6 ⇒ x + 3 = 6
∴ x = 3
∴ The solution is (3, 2)

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions

Question 5.
0.2x + 0.3y =1.3
0.4x + 0.5y = 2.3
Answer:
Given:
0.2x + 0.3y = 1.3
⇒ 2x + 3y = 13 …… (1)
0.4x + 0.5y = 2.3
⇒ 4x + 5y = 23 …… (2)
From equation (1)
2x = 13 – 3y
⇒ x = [latex]\frac{13-3y}{2}[/latex]
Substituting x = [latex]\frac{13-3y}{2}[/latex] equation (2) we get
[latex]\frac{13-3y}{2}[/latex] + 5y = 23
⇒ 26 – 6y + 5y = 23
⇒ -y + 26 = 23
⇒ y = 26 — 23 = 3
Substituting y = 3 in equaion (1) we get
2x + 3(3) = 13
⇒ 2x + 9 = 13
⇒ 2x = 13 – 9
⇒ 2x = 4
⇒ x = [latex]\frac{4}{2}[/latex] = 2
∴ The solution is (2, 3)

Question 6.
√2x + √3y = 0
√3x – √8y = 0
Answer:
Given:
√2x + √3y = 0 ……. (1)
√3x – √8y = 0 ……. (2)
Substitute x = 0 in (1),
√2(0) + √3y = 0
√3y = 0
∴ y = 0
∴ The solution is x = 0, y = 0
Note: a1x + b1y + c1 = 0
a2x + b2y + c2 = 0, if c1 = c2 = 0
then, x = 0, y = 0 is a solution.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions

Solve each of the following pairs of equations by the elimination method. (Page No. 89)
Question 7.
8x + 5y = 9
3x + 2y = 4
Answer:
Given: 8x + 5y = 9 ……. (1)
3x + 2y = 4 …….. (2)
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 23
∴ y = 5
Substituting y = 5 in equation (1) we get
8x + 5 × 5 = 9
⇒ 8x = 9 – 25
x = [latex]\frac{-16}{8}[/latex] = -2
∴ The solution is (- 2, 5)

Question 8.
2x + 3y = 8
4x + 6y = 7
Answer:
Given: 2x + 3y = 8 ……. (1)
4x + 6y = 7 …….. (2)
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 24
The lines are parallel.
∴ The pair of lines has no solution.

Question 9.
3x + 4y = 25
5x – 6y = -9
Answer:
Given: 3x + 4y = 25 ……. (1)
5x – 6y = -9 …….. (2)
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 25
Substituting y = 4 in equation (1) we get
3x + 4 × 4 = 25
3x = 25 – 16
⇒ x = [latex]\frac{9}{3}[/latex] = 3
∴ (3,4) is the solution for given pair of lines.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions

Question 10.
In a competitive exam, 3 marks are awarded for every correct answer and for every wrong answer, 1 mark will be deducted. Madhu scored 40 marks in this exam. Had 4 marks been awarded for each correct answer and 2 marks deducted for each incorrect answer, Madhu would have scored 50 marks. How many questions were there in the test? (Madhu attempted all the questions) .
Now use the elimination method to solve the above example – 9.
Answer:
The equations formed are
3x – y = 40 ……. (1)
4x – 2y = 50 …….. (2)
Substituting y = 5 in equation (1) we get
3x – 5 = 40
⇒ 3x = 40 + 5
⇒ x = [latex]\frac{45}{3}[/latex] = 15
Total number of questions = Number of correct questions + Number of wrong answers
= x + y
= 15 + 5 = 20

Question 11.
Mary told her daughter, “Seven years ago, I was seven times as old as you were then. Also, three years from now, I shall be three times as old as you will be.” Find the present age of Mary and her daughter. Solve example – 10 by the substitution method.
Answer:
The equations formed are
The equations formed are
x – 7y + 42 = 0 ……. (1)
x – 3y – 6 = 0 …….. (2)
From (1), x = – 42 + 7y
Substituting x = – 42 + 7y in equation (2) we get
-42 + 7y – 3y – 6 = 0
⇒ 4y – 48 = 0
⇒ y = [latex]\frac{48}{4}[/latex] = 12
Substituting y = 12 in equation (2) we get
x – 3 × 12 – 6 = 0
x – 36 – 6 = 0
x = 42

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions

Try this

Question 1.
Solve the given pair of linear equations, (a – b)x + (a + b)y = a2 – 2ab – b2
(a + b) (x + y) = a2 + b2 (Page No. 89)
Answer:
AP SSC 10th Class Maths Chapter 4 Pair of Linear Equations in Two Variables InText Questions 27
x(-2b) = – 2b(a + b)
⇒ x = (a + b)
Put this value of ‘x’ in eq (1) we get
(a – b) (a + b) + (a + b)y = a2 – 2ab – b2
a2 – b2 + (a + b)y = a2 – 2ab – b2
⇒ y = [latex]\frac{-2ab}{a+b}[/latex]
∴ Solution to given pair of linear equations x = a + b, y = [latex]\frac{-2ab}{a+b}[/latex]

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 4 कण-कण का अधिकारी

AP State Board Syllabus AP SSC 10th Class Hindi Textbook Solutions Chapter 4 कण-कण का अधिकारी Textbook Questions and Answers.

AP State Syllabus SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 4 कण-कण का अधिकारी

10th Class Hindi Chapter 4 कण-कण का अधिकारी Textbook Questions and Answers

InText Questions (Textbook Page No. 19)

प्रश्न 1.
गाँधीजी क्या – क्या करते थे ?
उत्तर:
गाँधीजी अपने आश्रम में सूत कातते थे। कपडे बुनते थे। अनाज के कंकर चुनते थे और चक्की पीसते थे।

प्रश्न 2.
गाँधीजी के अनुसार पूजनीय क्या है ?
उत्तर:
गाँधीजी के अनुसार श्रम ही पूजनीय है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 4 कण-कण का अधिकारी

प्रश्न 3.
हमारे जीवन में श्रम का क्या महत्व है?
उत्तर:
हमारे (मानव) जीवन में श्रम का बहुत बड़ा महत्व है। श्रम ही सफलता की कुंजी है। सफलता हासिल करने और सुखमय जीवन बिताने श्रम ही एकमात्र आधार है। श्रम करने से ही सभी काम संपन्न होते हैं।

InText Questions (Textbook Page No. 20)

प्रश्न 1.
भाग्यवाद का छल क्या है?
उत्तर:
दूसरों की संपत्ति को अपना भाग्य समझकर भोगना भाग्यवाद का छल है। भाग्यवाद के नाम पर धोखे बाज श्रम धन भोगते हैं। वे उसे छल से भोगते हैं।

प्रश्न 2.
नर समाज का भाग्य क्या है?
उत्तर:
श्रम करने का महान गुण और भुजबल ही नर समाज का भाग्य है। नर समाज का भाग्य श्रम और भुजबल है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 4 कण-कण का अधिकारी

प्रश्न 3.
श्रमिक के सम्मुख क्या – क्या झुके हैं?
उत्तर:
पृथ्वी पर श्रमिक का ही महत्वपूर्ण स्थान है। इस महान श्रमिक के सम्मुख सारीधरती और आसमान नतमस्तक हुए हैं।

प्रश्न 4.
श्रम जल किसने दिया?
उत्तर:
श्रम जल श्रमिक ने दिया।

प्रश्न 5.
मनुष्य का धन क्या है?
उत्तर:
प्रकृति में रखी हुई सारी संपत्ति मनुष्य का धन है।

प्रश्न 6.
कण – कण का अधिकारी कौन है?
उत्तर:

  • नर – समाज का भाग्य श्रम है। अर्थात् भुज बल है।
  • जो श्रम करता है वहीं कण – कण का अधिकारी है।
  • श्रम के हासिल पर जो जीता है वहीं कण – कण का अधिकारी है।

अर्थव्राह्यता-प्रतिक्रिया

अ) प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

प्रश्न 1.
भाग्य और कर्म में आप किसे श्रेष्ठ मानते हैं? क्यों?
उत्तर:
भाग्य और कर्म में मैं कर्म को ही श्रेष्ठ मानता हूँ। क्योंकि भाग्य पर कोई भरोसा नहीं है। भाग्य से आलसी बनजाते। असफल रहजाते। उससे कुछ भी हो सकता है। कर्म (श्रम) तो सफलता पाने का एकमात्र साधन है। इसका फल सदा अच्छा और सुखदायी ही होता है। श्रम करनेवाला कभी हारता नहीं है। लक्ष्य प्राप्ति अवश्य होती है। श्रम से ही संपत्ति, सुख, यश, स्वावलंबन, संतुष्टि, आत्मतृप्ति आदि ज़रूर प्राप्त होते हैं। कर्मशील व्यक्ति कभी किसी की परवाह भी नहीं करता है।

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प्रश्न 2.
श्रम के बल पर हम क्या – क्या हासिल कर सकते हैं?
उत्तर:
मानव जीवन में श्रम का ही महत्व अधिक है। श्रम से ही हम इच्छित फल प्राप्त कर सकते हैं। भाग्य की
अपेक्षा श्रम के बल पर जीत, सफलता, सुख,चैन, ओहदा, संपत्ति, यश आदि हासिल कर सकते हैं। असंभव को भी संभव बनाकर विजय हासिल कर सकते हैं। अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। जीवन को
उज्ज्वल बना सकते हैं।

आ) कविता पढकर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर लिखिए।

प्रश्न 1.
इस कविता के कवि कौन हैं?
उत्तर:
इस कविता (कण – कण का अधिकारी) के कवि हैं डॉ. रामधारी सिंह दिनकर।

प्रश्न 2.
कविता का यह अंश किस काव्य से लिया गया है?
उत्तर:
कविता का यह अंश “कुरुक्षेत्र” काव्य के सप्तम सर्ग से लिया गया है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 4 कण-कण का अधिकारी

प्रश्न 3.
सबसे पहले सुख पाने का अधिकार किसे है? ।
उत्तर:
खूब श्रम करनेवाले श्रमिक को ही सब से पहले सुख पाने का अधिकार है।

प्रश्न 4.
कण – कण का अधिकारी किन्हें कहा गया है और क्यों ? ।
उत्तर:
श्रम के बल पर मानव सब कुछ हासिल कर सकता है। श्रम (मेहनत) करनेवाले के लिए असंभव कुछ भी नहीं है। प्रकृति के कण – कण के पीछे उसी का श्रम है। भाग्य पर भरोसा न करके अपने श्रम पर ही वह निर्भर रहता है। अतः मेहनत (श्रम) करनेवालों को ही कण – कण का अधिकारी कहा गया है और यह सच ही है।

इ) निम्नलिखित भाव से संबंधित कविता की पंक्तियाँ चुनकर लिखिए।

प्रश्न 1.
धरती और आकाश इसके सामने नतमस्तक होते हैं।
उत्तर:
जिसके सम्मुख झुकी हुई,
पृथ्वी, विनीत नभ – तल है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 4 कण-कण का अधिकारी

प्रश्न 2.
प्रकृति में उपलब्ध सारे संसाधन मानव मात्र के हैं।
उत्तर:
जो कुछ न्यस्त प्रकृति में है,
वह मनुज मात्र का धन है

ई) नीचे दिया गया पद्यांश पढ़िए । प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

क़दम – क़दम बढ़ाए जा, सफलता तू पाये जा,
ये भाग्य है तुम्हारा, तू कर्म से बनाये जा,
निगाहें रखो लक्ष्य पर, कठिन नहीं ये सफ़र,
ये जन्म है तुम्हारा, तू सार्थक बनाये जा।

प्रश्न 1.
कवि के अनुसार सफलता किस प्रकार प्राप्त हो सकती है?
उत्तर:
कवि के अनुसार सफलता, मिलजुलकर आगे बढते हुए श्रम करने से ही सफलता प्राप्त हो सकती है।

प्रश्न 2.
हमारा सफ़र कब सरल बन सकता है?
उत्तर:
लक्ष्य पर निगाहें रखकर आगे बढने पर हमारा सफर सरल बन सकता है।

प्रश्न 3.
इस कविता के लिए उचित शीर्षक दीजिए।
उत्तर:
“कर्म का महत्त्व” इस कविता के लिए उचित शीर्षक है।

अभिव्यक्ति – सृजनात्मकता

अ) इन प्रश्नों के उत्तर तीन-चार पंक्तियों में लिखिए।

प्रश्न 1.
कवि मेहनत करनेवालों को सदा आगे रखने की बात क्यों कर रहे हैं?
उत्तर:
कवि दिनकर जी मनुष्य के श्रम का समर्थन करते हैं। वे स्पष्ट करना चाहते हैं कि प्रकृति कभी भी भाग्यवाद के सामने नहीं झुकती है। आलसी लोग ही भाग्यवाद पर विश्वास रखते हैं। परिश्रमी लोग अपने माथे के पसीने से सब कुछ हासिल कर सकते हैं। काल्पनिक जगत का साकार देनेवाला वही है। उनके सामने पृथ्वी, आकाश, पाताल तक झुक जाते हैं । अतः श्रम करनेवालों को ही सुख भोगने का मौका मिले। सुख भोगने का अधिकार भी उन्हीं को है। विजीत प्रकृति में स्थित कण – कण का अधिकारी वे हीहैं। इसीलिए कवि मेहनत करनेवालों को सदा आगे रखने की बात कर रहे हैं।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 4 कण-कण का अधिकारी

प्रश्न 2.
अनुचित तरीके से धन अर्जित करनेवाला व्यक्ति सही है या श्रम करनेवाला ? अपने विचार बताइए।
(या)
आप किसे श्रेष्ट व्यक्ति मानते हैं? अनुचित तरीके से धन अर्जित करनेवाले को या उचित तरीके से धन अर्जित करने वाले को? “कण – कण का अधिकारी’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
मानव जीवन में श्रम का महत्वपूर्ण स्थान है। श्रम करने से ही मानव इच्छित सुख जीवन बिता सकता है। जीवन यापन के लिए धन की तो आवश्यकता है। पर ऐसे अमूल्य धन को धर्म और न्याय मार्ग से अर्जन करना उत्तम है। इसके विपरीत अनुचित मार्ग से या अनुचित तरीके से धन अर्जित करना कभी भी न्यायोचित नहीं है। ये कानुनन के अपरध हैं। अनुचित तरीके से कमाये धन से सुख की अपेक्षा दुःख ही प्राप्त होता है। किसी भी हालत में यह सही नहीं है। श्रम करके कमानेवाला ही सच्चा और महान व्यक्ति है। अतः मेरे विचार में श्रम करके कमानेवाला और श्रम करनेवाला ही सही व्यक्ति है।

आ) कवि ने मजदूरों के अधिकारों का वर्णन कैसे किया है? अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
कविता का नाम : कण – कण का अधिकारी
कवि का नाम : डॉ. रामधारी सिंह दिनकर
उपाधि : राष्ट्र कवि
जीवन काल : 1908 – 1974
पुरस्कार : ज्ञानपीठ (उर्वशी पर)
रचनाएँ : कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी, रेणुका, परशुराम की प्रतीक्ष, रसवंती आदि।
पद्मश्री दिनकर की रचनाएँ देश भक्ति और राष्ट्रीय भावना से भरी हुई हैं। “कण – कण का अधिकारी” नामक कविता कुरुक्षेत्र से ली गयी है। इसमें आपने श्रम का महत्व स्पष्ट करते हुए मज़दूरों के अधिकारों पर प्रकाश डाला है।

1) कवि कहते हैं कि मेहनत और भुज बल ही मानव समाज के एक मात्र अधार हैं। मेहनत ही सफलता की कुंजी है। मेहनत करनेवाले व्यक्ति कभी नहीं हारते। वे हमेशा सफल होते हैं। सारा संसार उनका आदर करता है। उनके सम्मुख पृथ्वी और आकाश भी झुक जाते हैं।
2) श्रम ही जीवन की असली संपत्ति समझनेवाले मज़दूरों को सुखों से कभी ‘वंचित नहीं करना चाहिए खून, पसीना एक करनेवाले श्रमिकों को ही पहले सुख पाने का अधिकार है। इसलिए उनको पहले सुख प्राप्त करने देना है। उनको कभी पीछे नहीं रहने देना है। प्रकृति में जो भी वस्तु रखी हुयी है, वह समस्त मानवों की संपत्ति है।

प्रकृति के कण – कण पर मानव का ही अधिकार है। खासकर श्रम करनेवाले व्यक्तियों द्वारा ही संपत्ति संचित होती है। श्रम से बढ़कर कोई मूल्यवान धन नहीं है।

अतः श्रम करनेवाले मज़दूरों को कोई अभाव नहीं रहनी है। उनको कभी पीछे छोड़ना नहीं चाहिए। सारी संपत्ति पर सबसे पहले उनको ही सुख पाने का अधिकार है। यह अक्षरशः सत्य है। तभी मानवजाति सुख समृद्धियों से अक्षुण्ण रह सकती है।

विशेषता : इस कविता शक्ति के बारे में बताया गया है।

इ) नीचे दिये गये प्रश्नों के आधार पर सृजनात्मक कार्य कीजिए। |

1. कविता में समान अधिकारों की बात की गयी है। ‘समानता” से संबंधित कोई घटना या कहानी अपने शब्दों में लिखिए।
2. अपने शब्दों में लिखी गयी घटना या कहानी से कुछ मुख्यांशों का चयनकर लिखिए।
3. चयनित मुख्यांशों में से मूल शब्द पहचानकर लिखिए।
4. लिखे गये मूल शब्दों में से कुछ शब्दों का चयनकर उस पर छोटी सी कविता लिखिए।
5. लिखी गयी कविता का संदेश या सार एक वाक्य में लिखिए और उससे संबंधित कुछ नारे | बनाइए।
उत्तर:
1. लड़की की जीत (कहानी)
एक गाँव में सोमय्या नामक एक किसान रहता था। उसके दो लडके और एक लडकी थी। सोमय्या के नौ एकड़ की भूमि थी। वह अपने लडकों के सहारे खेतीबारी करके जीवन यापन करता था।

उसके दोनों लडके बडे हो गये। उन दोनों लडकों की शादी दो खूबसूरत लडकियों से धूम-धाम से की। कुछ सालों के बाद लडकी की शादी भी एक बड़ी होटेल के मेनेजर से करवाया।

जब वह बूढ़ा हो गया तब अपने नौ एकड भूमि को अपने तीनों बच्चों को समान रूप से तीन – तीन . – तीन एकड देकर बाँट दिया।

उसके दोनों बेटों को यह अच्छा नहीं लगा। उनकी राय में स्त्री को पिता की संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं है। इसलिए वे अपनी बहिन और बाप को खूब कष्ट देने लगे।

विवश होकर लडकी ने अदालत में न्याय के लिए मुकद्दमा पेश किया तो अदालत में उसकी जीत हुई। भारत संविधान के अनुसार स्त्री – पुरुष बिना भेद – भाव पिता की संपत्ति के समान अधिकारी हैं। स्त्रियों को भी पुरुषों के साथ समान अधिकार प्राप्त हुए हैं।

शासन की दृष्टि में स्त्री – पुरुषों को समान अधिकार हैं। पिता और बहिन दोनों को कष्ट देने के कारण दोनों लडकों को पाँच – पाँच साल कारावास की सज़ा दी गयी।

नीति : अपने पिता की संपत्ति पर जितना अधिकार बेटों का है उतना ही अधिकार बेटियों का भी हैं।

2. कहानी के मुख्यांश

  • संविधान के अनुसार स्त्री – पुरुषों के बीच में कोई भेदभाव नहीं। सब एक हैं।
  • स्त्री – पुरुषों को समान रूप से पिता की संपत्ति पर अधिकार हैं।
  • जब किसान बूढा हो गया तब उसने अपने तीनों संतान को समान रूप से तीन – तीन एकड़ की
  • भूमि बाँट दी। लडकी ने न्याय के लिए अदालत में मुकद्दमा पेश किया।
  • स्त्रियों को भी समान अधिकार प्राप्त हुए हैं।
  • पिता और बहिन को कष्ट देने के कारण दोनों लडकों को पाँच – पाँच साल कारावास की सज़ा दी गयी।

3. मूल शब्द
समानता, अधिकार, भेद – भाव, खेतीबारी, अदालत, संपत्ति, स्त्री – पुरुष, कारावास, संविधान, सज़ा आदि।

4. चयनित शब्द
समानता, अधिकार, स्त्री – पुरुष, संविधान, सज़ा, भेद – भाव, अदालत, कारावास आदि।
छोटी सी कविता
स्त्रियों को भी हैं आज
समानता का अधिकार
स्त्री भी आगे बढ़ती
सभी क्षेत्रों में इन्हें पाकर।
भेदभाव के बिना सब
सम अधिकारों को पाकर
जिएँ जग में स्त्री – पुरुष
सभी मिल – जुलकर ||

5. संदेश या सार स्त्री को भी पुरुषों के साथ ही पिता की संपत्ति में (पर) समान अधिकार है। नारे

  • आर्थिक समानता के बिना राजनीतिक समानता व्यर्थ है।
  • समानता का अधिकार – जनतंत्रता का आधार।
  • स्त्री – देश की उन्नति का आधार।
  • सामाजिक समानता उन्नति का सूचक है।
  • स्त्री और पुरुष दोनों बराबर हैं।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 4 कण-कण का अधिकारी

ई) ‘नर समाज का भाग्य एक है, वह श्रम, वह भुजबल है।’ जीवन की सफलता का मार्ग श्रम है। अपने विचार व्यक्त कीजिए।
(या)
श्रामिक कण – कण का अधिकारी है। अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर:

  • नर समाज का भाग्य एक है। वह श्रम है। वह भुजबल है।
  • हमारे जीवन की सफलता का मार्ग भी श्रम ही है।
  • श्रम के बल पर हम अपने जीवन को सुंदर बना सकते हैं।
  • श्रम के बल पर ही हम खूब कमा कर अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं।
  • श्रम करके हम दूसरों का भी पथ प्रदर्शन कर सकते हैं।
  • श्रमिक जीवन ही सच्चा जीवन है।
  • श्रम करनेवाले व्यक्तियों का सभी आदर करते हैं।
  • श्रम करनेवाले के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।
  • श्रम के बल पर ही हम अपने भाग्य को और विजयों को भी हासिल कर सकते हैं। इसलिए हम कह सकते हैं कि जीवन की सफलता का मार्ग श्रम है।

भाषा की बात

अ) कोष्टक में दी गयी सूचना पढ़िए और उसके अनुसार कीजिए।

प्रश्न 1.
जन, पृथ्वी, धन (एक – एक शब्द का वाक्य प्रयोग कीजिए और उसके पर्याय शब्द लिखिए।)
उत्तर:
वाक्य प्रयोग
जन – आम सभा में असंख्य जन उपस्थित हुए हैं।
पृथ्वी – भारत देश का पृथ्वी पर प्रमुख स्थान है।
धन – धन से ही सब कुछ होता नहीं है।

पर्याय शब्द
जन – लोग, जनता, प्रजा
पृथ्वी – भूमि, धरा, ज़मीन,
धन – संपत्ति, अर्थ, वित्त

प्रश्न 2.
पाप, सुख, भाग्य (एक – एक शब्द का विलोम शब्द लिखिए और उससे वाक्य प्रयोग कीजिए।)
उत्तर:
विलोम शब्द
सुख × पुण्य
पाप × दुख
भाग्य × दुर्भाग्य।

वाक्य प्रयोग
पाप – पुण्य कार्य करने से हमें सद्गति मिलती है।
सुख – धैर्यवान कभी दुःख से नहीं डरता है।
भाग्य – साधारणतः हर व्यक्ति अपने भाग्य पर इठलाते हैं और दुर्भाग्य पर दुखित होते हैं।

प्रश्न 3.
जन – जन, कण – कण (पुनरुक्ति शब्दों से वाक्य प्रयोग कीजिए।)
उत्तर:
जन – जन – वर्षा के कारण जन – जन का मन हर्ष से भर गया है।
कण – कण – कण – कण का अधिकारी जन – जन है।

प्रश्न 4.
मज़दूर मेहनत करता है। (वाक्य का वचन बदलिए।)
उत्तर:
मज़दूर मेहनत करते हैं।

प्रश्न 5.
मनुष्य, मज़दूर (भाववाचक संज्ञा में बदलकर लिखिए।)
उत्तर:
मनुष्यता, मज़दूरी

आ) सूचना पढ़िए। उसके अनुसार कीजिए।

प्रश्न 1.
अधिकार – अधिकारी, भाग्य – भाग्यवान (अंतर बताइए।)
उत्तर:

  • अधिकार का अर्थ है हक। यह भाववाचक संज्ञा है।
  • अधिकारी का अर्थ है अधिकार को भोगनेवाला (हकदार)। ‘ई प्रत्यय जुडा है। विशेषण है।
  • भाग्य का अर्थ है नसीब – यह भाववाचक संज्ञा शब्द है।
  • भाग्यवान का अर्थ है नसीबवाला, भाग्यवादी ‘वान’ प्रत्यय जुडने से भाग्यवान बना। यह विशेषण शब्द है।

प्रश्न 2.
यद्यपि – पर्यावरण (संधि विच्छेद कीजिए।)
उत्तर:
यदि + अपि, परि + आवरण

प्रश्न 3.
अंम – जल, नभ – तल, भुजबल (समास पहचानिए।)
उत्तर:

  • श्रम – जल → बहुव्रीहि समास
  • नभ – तल → द्वन्द्व समास
  • भुजबल → तत्पुरुष समास .

प्रश्न 4.
एक मनुज संचित करता है, अर्थ पाप के बल से, और भोगता उसे दूसरा, भाग्यवाद के छल से। (पद परिचय दीजिए।)
उत्तर:
एक – निश्चित संख्यावाचक विशेषण – पुंलिंग, एक वचन, मनुज का विशेष्य और – अव्यय, संयोजक, समुच्चय बोधक शब्द, दो वाक्यों को मिलाता है।

प्रश्न 5.
जिसने श्रम – जल दिया उसे पीछे मत रह जाने दो। (कारक पहचानिए।)
उत्तर:
ने, वह + को = उसे

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 4 कण-कण का अधिकारी

इ) इन्हें समझिए। सूचना के अनुसार कीजिए।

प्रश्न 1.
जाने दो, पाने दो, बढ़ने दो (संयुक्त क्रियाओं का प्रयोग समझिए।)
उत्तर:

  • यहाँ जाने दो, पाने दो, बढ़ने दो का प्रयोग आज्ञानार्थक शब्दों के रूप में प्रयोग किया गया है।
  • जाने दो, पाने दो, बढ़ने दो आदि शब्द संयुक्त क्रियाएँ हैं। जब दो क्रियाओं का संयोग होता हैं उन्हें संयुक्त क्रियाएँ कहते हैं।
  • ये अनुमति बोधक (आज्ञाबोधक) शब्द हैं।

प्रश्न 2.
एक – पहला, प्रथम, दो – दूसरा, द्वितीय (अंतर समझिए।)
उत्तर:

  • एक : पूर्णांक वाचक विशेषण है।
  • पहला : क्रम वाचक विशेषण है।
  • प्रथम : क्रम संख्यावाचक विशेषण है।
  • दो : पूर्णांक वाचक विशेषण है।
  • दूसरा : क्रम वाचक विशेषण है।
  • द्वितीय : क्रम संख्यावाचक विशेषण है।
  • एक, पहला, दो, दूसरा हिंदी के विशेषण शब्द हैं।
  • प्रथम तथा द्वितीय संस्कृत के विशेषण शब्द हैं।
  • एक और दो अंक के लिए प्रथम और द्वितीय श्रेणी के लिए और पहला, दूसरा स्थान के लिए प्रयोग । किया जाता है।

प्रश्न 3.
अभाग्य, दुर्भाग्य, सुभाग्य (उपसर्ग पहचानिए।)
उत्तर:
अभाग्य – अ
दुर्भाग्य – दुर
सुभाग्य – सु

प्रश्न 4.
प्राकृतिक, अधिकारी, भाग्यवान (प्रत्यय पहचानिए।)
उत्तर:
प्राकृतिक – इक
अधिकारी – ई
भाग्यवान – वान

प्रश्न 5.
पुरुष श्रमिक के रूप में मेहनत करते हैं। (लिंग बदलकर वाक्य लिखिए।)
उत्तर:
स्त्रियाँ श्रमिक के रूप में मेहनत करती हैं।

ई) नीचे दिया गया उदाहरण समझिए। उसके अनुसार दिये गये वाक्य बदलिए।

जैसे – जिसने श्रम – जल दिया उसे पीछे मत रह जाने दो।
श्रम जल देने वाले को पीछे मत रह जाने दो।

प्रश्न 1.
जो कुछ न्यस्त प्रकृति में है, वह मनुज मात्र का धन है।
उत्तर:
प्रकृति में न्यस्त धन मनुज मात्र का है।

प्रश्न 2.
जो मेहनत करता है वही कण – कण का अधिकारी है।
उत्तर:
मेहनत करनेवाला ही कण – कण का अधिकारी है।

प्रश्न 3.
जो परोपकार करता है वही परोपकारी कहलाता है।
उत्तर:
परोपकार करनेवाला ही परोपकारी कहलाता है।

परियोजना कार्य

विश्व श्रम दिवस (मई दिवस) के बारे में जानकारी इकट्ठा कीजिए। कक्षा में उसका प्रदर्शन कीजिए।
उत्तर:
पहली मई का दिन समूचे विश्व में ‘मई दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। मई दिवस यानी मज़दूरों का दिन। काम करने वाले, खासकर श्रम से जुड़े लोगों के लिए तो यह एक वार्षिक पर्व है इसलिए इसे ‘श्रम दिवस’ तथा ‘मज़दूर दिवस’ भी कहा जाता है।

मई दिवस के आयोजन के पीछे मज़दूरों के लम्बे संघर्ष व आंदोलन और सफलता की लम्बी दास्तान है। यह कहानी 19 वीं सदी की है जब अमेरिका में मजदूरों पर गोलियाँ बरसाई गई थीं। तथा बड़ी संख्या में निर्दोष मज़दूर मारे गये थे और जब मज़दूरों की काम के निश्चित घंटों की मांग पूरी हुई थी तब से उसी संघर्ष और उन्हीं मजदूरों की शहादत की याद में पूरे विश्व में मई दिवस मनाया जाने लगा।

इस संघर्ष की शुरुआत 1838 में हुई थी । उन दिनों अमेरिका सहित तमाम यूरोपीय देशों में कारखानों में मज़दूरों के लिए काम का निश्चित समय निर्धारित नहीं था। मज़दूरों से इतना काम लिया जाता था कि अक्सर मजदूर बेहोश होकर गिर पड़ते थे। यदा – कदा उसके विरुद्ध आवाज़ भी उठी पर लगभग दो दशक तक कारखानों के मालिकों का यही रवैया रहा। इस कारण मज़दूरों का धैर्य धीरे – धीरे चुकने लगा तथा उन्होंने संगठित होकर शोषण के खिलाफ आवाज़ उठानी शुरू कर दी।

अमेरिका की नैशनल लेबर यूनियन ने अगस्त 1866 में अपना अधिवेशन में पहली बार यह माँग रखी कि मज़दूरों के लिए दिन में सिर्फ आठ घंटे काम के रखे जाएँ। यूनियन की इस घोषणा से मज़दूरों के संघर्ष को बल मिला। धीरे – धीरे अमेरिका सहित अन्य देशों में भी यह माँग जोर पकड़ने लगी।

1886 को 3 मई के दिन शिकागो शहर में लगभग 45000 मज़दूर एक साथ सड़कों पर निकल आए। पुलिस ने हल्की झड़प के फौरन बाद मज़दूरों पर गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी जिससे तत्काल 8 मज़दूर मारे गये और अनेक घायल हो गए। भीड़ में से किसी ने पुलिस पर बम फेंक दिया जिससे एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई तथा कुछ घायल हो गए। इससे पुलिस वालों का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गोलियों से छलनी कर दी। आंदोलनकारी नेताओं को उम्र भर की सज़ा दी गई और कुछ को फाँसी पर लटका दिया गया। लेकिन इतना कुछ होने पर भी यह आंदोलन और तेज़ होता गया।

14 जुलाई 1889 को अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी मज़दूर कांग्रेस की स्थापना हुई। इसी दिन इसने काम के 8 घंटे की माँग को दोहरा दिया। अपनी माँग जारी रखने के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी मज़दूर कांग्रेस ने मई 1890 को विश्वभर में ‘मज़दूर दिवस’ मनाने का आह्वान दिया।

कण-कण का अधिकारी Summary in English

If one earns money and accumulates it by immoral and vicious ways, the other enjoys it on the name of fortune by deceiving him.

The fortune of the human society is nothing but toil i.e, hard work. This earth, the sky, and the abyss all of these will be modest to the hard work and salute it.

He who works hard should not be lagged behind. He alone should be allowed to have comforts in this triumphant nature.

What is available in this nature is nothing but the human being’s money. O Dharmaraja! The people are the masters of every particle of it. They who work hard alone have the right to enjoy it.

कण-कण का अधिकारी Summary in Telugu

ఒక మనిషి పాపము చేసి ధనమును సంపాదించి ప్రోగుచేస్తే దాన్ని మరొకడు అదృష్టము (భాగ్యవాదము) అనే ముసుగులో అనుభవిస్తున్నాడు.

శ్రమ, భుజబలమే మానవ సమాజ భాగ్యము (అదృష్టము). దాని ముందు భూమి, ఆకాశము కూడా తలవంచుతాయి. చెమటోడ్చి శ్రమపడేవారిని ఎన్నడూ నిరాశపరచకూడదు. (వెనకబడి ఉండనివ్వకూడదు) జయించబడిన ప్రకృతి నుండి ముందుగా వారినే సుఖాన్ని అనుభవించనివ్వాలి.

ఆ ప్రకృతిలో లభించే సంపద అంతా మానవునిదే. దాని అణువణువు మీద మానవునికే అధికారము ఉన్నది.

अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता

2 Marks Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो या तीन वाक्यों में लिखिए।

प्रश्न 1.
दिनकरजी ने श्रमिकों को सदा आगे रखने की बात क्यों कही है? लिखिए।
उत्तर:
यह प्रश्न ‘कण-कण का अधिकारी’ कविता पाठ से दिया गया है। इसके कवि श्री रामधारी सिंह दिनकर हैं। मेहनत करनेवाला सदा आगे बढ़ता है। सफलता प्राप्त करता है। वह समाज का निर्माता होता है। वही अन्नदाता है। सुखदाता है। उसी से विकास होता है। इसलिए प्राप्त सुखों में मेहनत करनेवालों को भागीदारी बनाना चाहिए। क्योंकि दाता न रहे तो, हम भी नहीं।

प्रश्न 2.
कविवर रामधारी सिंह दिनकर के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
डॉ. रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रसिद्ध कवियों में एक हैं। आपका जन्म सन् 1908 में बिहार के मुंगेर में हुआ। आप हिंदी के राष्ट्र कवि कहे जाते हैं।

रचनाएँ : उर्वशी, रेणुका, कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी, परशुराम की प्रतीक्षा, रसवंती आदि।
पुरस्कार : आपको उर्वशी काव्य ग्रंथ पर ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ।

अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता

4 Marks Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर छह पंक्तियों में लिखिए।

प्रश्न 1.
समाज में मेहनत करने वालों को दिनकर जी ने अग्रस्थान क्यों दिया हैं?
उत्तर:

  • समाज में मेहनत करनेवालों को दिनकर जी ने अग्रस्थान दिया हैं | क्योंकि
  • मेहनत ही सफलता की कुंजी है।
  • मेहनत करनेवाला व्यक्ति कभी नहीं हारता ।
  • जो मेहनत करता है वह हमेशा सफल होता है ।
  • काल्पनिक जगत को साकार रूप देनेवाला मेहनत करने वाला ही है ।

प्रश्न 2.
मेहनत करने से जीवन में क्या प्राप्त कर सकते हैं?
उत्तर:

  • मेहनत करने से हम जीवन में सब कुछ पा सकते हैं |
  • मेहनत सफलता की कुंजी है ।
  • मेहनत करने वाला कभी भी नहीं हारता |
  • भूतपूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी यही कहते हैं कि सपनों को साकार करने के लिए अधिक मेहनत करना है।
  • मेहनत करने से हम जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं ।
  • मेहनत के द्वारा ही हम अपने जीवन को बदल सकते हैं ।
  • जीवन को सुखमय बनाने के लिए मेहनत करना ही है ।
  • मेहनत करने से समाज का आदर भी हमें प्राप्त होता है ।

प्रश्न 3.
मेहनत करनेवाला कभी भी नहीं हारता – कवि ने ऐसा क्यों कहा होगा?
उत्तर:

  • मेहनत ही सफलता की कुंजी है | मेहनत करनेवाला व्यक्ति कभी नहीं हारता |
  • परिश्रम ता मेहनत करनेवाला हमेशा सफल होता है ।
  • जो मेहनत करते हैं वे ही काल्पनिक जगत को साकार रूप देने वाले हैं ।
  • हर कण के पीछे उसी का श्रम है।
  • जो मेहनत करता है वही कण – कण का अधिकारी है।
  • समाज ही नहीं पृथ्वी, विनीत नभ – तल भी मेहनत करने वाले के सामने झुकता है ।
  • मेहनत करने वालों को ही पहले सुख पाने का अधिकार है ।
  • उसे ही हर जगह आदर, सम्मान मिलता है।
    इसलिए कवि दिनकर जी ने ऐसा कहा होगा कि मेहनत करनेवाला कभी भी नहीं हारता |

प्रश्न 4.
मनुष्य का धन श्रम और भुजबल है । कैसे?
उत्तर:

  • मनुष्य का धन श्रम और भुजबल है ।
  • श्रम और भुज – बल के सहारे ही मानव का जीवन यापन होता है ।
  • श्रम करनेवाला कभी नहीं हारता | श्रम के सहारे ही मानव समाज में आदर पाता है |
  • काल्पनिक जगत का साकार रूप श्रम के द्वारा ही होता है ।
  • श्रम करनेवाला भाग्यवाद पर भरोसा न रखकर धन कमाता है ।
    इसलिए हम कह सकते हैं कि मनुष्य का धन श्रम और भुजबल है |

प्रश्न 5.
मेहनत ही सफलता की कुंजी है । अपने विचार व्यक्त कीजिए ।
उत्तर:

  • मेहनत ही सफलता की कुंजी है।
  • मेहनत करनेवाला व्यक्ति कभी भी नहीं हारता | मेहनत करनेवाला हमेशा सफल होता है ।
  • काल्पनिक जगत को साकार रूप देने वाला मेहनत करने वाला ही है ।
  • कण – कण के पीछे मेहनत करने वाले का ही श्रम निहित है ।
  • जो श्रम करेगा वही कण – कण का अधिकारी है ।

प्रश्न 6.
जीवन की सफलता श्रम पर निर्भर है। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:

  • जीवन की सफलता श्रम पर निर्भर है।
  • जो सुखमय जीवन चाहता है वह श्रम ज़रूर करता है ।
  • मेहनत ही सफलता की कुंजी है | श्रम और मेहनत करने वाला कभी नहीं हारता ।
  • श्रम के सहारे ही हम जीवित रहते हैं।
  • अपने – अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमारे जीवन में श्रम का ही सहारा लेना पडेगा |
  • हम श्रम के सहारे अपने जीवन में काल्पनिक जगत को साकार रूप दे सकेंगे।
  • श्रम करनेवाले भाग्यवाद पर विश्वास नहीं करते । अपने भुज – बल के द्वारा ही श्रम – जल देकर जीवन को सफल बनाते हैं।

प्रश्न 7.
दिनकर जी के अनुसार ‘काल्पनिक जगत को साकार रूप देनेवाला श्रमिक है’ – स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:

  • दिनकर जी के अनुसार ‘काल्पनिक जगत को साकार रूप देनेवाला श्रमिक ही है।
  • यह कथन बहुत सच है | मेहनत ही सफलता की कुंजी है।
  • श्रमिक अपने श्रम के कारण कभी नहीं हारता | श्रमिक हमेशा सफल ही होता रहता है ।
  • कण – कण के पीछे श्रमिक का ही श्रम है । श्रमिक ही कण – कण का अधिकारी है ।
  • श्रमिक अपने श्रम द्वारा काल्पनिक जगत को साकार रूप देता है।
  • श्रमिक भाग्यवाद पर विश्वास नहीं रखता ।
  • नर – समाज का भाग्य श्रम, भुजबल ही है – यह श्रमिक का विश्वास है ।

प्रश्न 8.
डॉ. रामधारी सिंह के बारे में आप क्या जानते हैं?
‘कण – कण का अधिकारी कविता के कवि के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:

  • डॉ. रामधारी सिंह ‘दिनकर’ हिन्दी के प्रसिद्ध कवियों में से एक हैं।
  • उनका जन्म सन् 1908 में बिहार के मुंगेर में हुआ तथा निधन सन् 1974 में हुआ।
  • इन्हें हिन्दी का राष्ट्रकवि भी कहा जाता है।
  • ‘उर्वशी’ कृति के लिए इन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • रेणुका, कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी, परशुराम की प्रतीक्षा, रसवंती आदि इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं।

अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता

8 Marks Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर आठ या दस पंक्तियों में लिखिए।

प्रश्न 1.
“कण – कण का अधिकारी” कविता का सारांश लिखिए।
उत्तर:
शीर्षक का नाम : “कण – कण का अधिकारी” है।
कवि का नाम : “डॉ. रामधारी सिंह दिनकर” है। प्रस्तुत कविता में भीष्म पितामह, कुरुक्षेत्र युद्ध से विचलित धर्मराज को कार्यरत होने के लिए उपदेश देते हुए कहते हैं –

  • हे धर्मराज ! एक मनुष्य पाप के बल से धन इकट्ठा करता है।
  • दूसरा उसे भाग्यवाद के छल से भोगता है।
  • मानव समाज का एक मात्र आधार या भाग्य “श्रम और भुजबल” है।
  • श्रमिक के समाने पृथ्वी और आकाश दोनों झुक जाते हैं।
  • जो परिश्रम करता है, उसे सुखों से कभी वंचित नहीं करना चाहिए।
  • जो पसीना बहाकर श्रम करता है, उसी को पहले सुख पाने का अधिकार है।
  • प्रकृति में जो भी वस्तु है, वह मानव मात्र की संपत्ति है।
  • प्रकृति के कण-कण का अधिकारी जन – जन हैं।

प्रश्न 2.
मेहनत करनेवाला ही ‘कण-कण का अधिकारी’ है । पाठ के आधार पर अपने विचार बताइए ।
उत्तर:
शीर्षक का नाम : “कण – कण का अधिकारी है।
कवि का नाम : “डॉ. रामधारी सिंह दिनकर” है।

  • मेहनत की सफलता की कुंजी है। मेहनत करनेवाला व्यक्ति कभी नहीं हारता। वह हमेशा सफल होता है क्योंकि काल्पनिक जगत् को साकार रूप देने वाला वही है। इसके कण – कण के पीछे उसी का श्रम है। इसलिए वही कण – कण का अधिकारी है।
  • कुछ लोग पाप करके धन कमाते हैं।
  • उस धन को कुछ लोग “भाग्यवाद” की आड़ में भोगते हैं। नर समाज का भाग्य श्रम और भुजबल ही है।
  • श्रमिक के सम्मुख भूमि और आकाश झुकते हैं।
  • प्रकृति में छिपी संपदा ही मनुष्य का धन है।
  • इस प्रकार हम कह सकते हैं कि मेहनत करनेवाला ही कण – कण का अधिकारी है।

प्रश्न 3.
‘कण – कण का अधिकारी’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि मेहनत ही सफलता की कुंजी है।
उत्तर:
श्रम और भुजबल ही मानव समाज का एक मात्र आधार है। भाग्य है। हमारे जीवन में, मानव समाज में श्रम का बड़ा महत्व है। जीवन में सफलता पाने के लिए श्रम करना अनिवार्य है। श्रम ऐसा प्रयास है जिससे असंभव कार्य को भी संभव में आसानी से बदला जा सकता है। हर प्रकार की प्रगति की जा सकती है। मानव समाज और देश को उन्नति के मार्ग में अग्रसर किया जा सकता है। श्रम करने वाला व्यक्ति ही श्रेष्ठ (उच्च) स्थान पाता है। हम कह सकते हैं कि मेहनत ही सफलता की कुंजी है। श्रम करने वाला कभी भी जीवन में हारता (पराजित) नहीं है। न ही कभी निराश होता है।

सदैव आत्म विश्वास के साथ निरंतर श्रम करते हुए (सर्वोच्च) सर्वश्रेष्ठ स्थान को प्राप्त करता है। श्रम करने वाला ही काल्पनिक जगत को साकार रूप देने में सक्षम होता है। इसलिए जो श्रम करता है वही प्रकृति के हर एक कण का अधिकारी है। मनुष्य का महान गुण है श्रम करना। श्रम करने से यश, संपत्ति, जीवन यापन के लिए आवश्यक सुख – सुविधाएँ, इज्जत (आदर), गौरव, मान – सम्मान आदि प्राप्त होते हैं। जो व्यक्ति कार्य को पूर्ण करने के लिए श्रम करता है वही सुख पाने का सच्चा अधिकारी है। श्रम करनेवाला आस्था के साथ प्रगति पथ पर बढ़ता ही चला जाता है। यह भाग्य पर विश्वास न करके कर्म पर श्रम पर विश्वास करता है। श्रम करनेवाला हर कठिनाई को अपने परिश्रम से अपने अनुकूल बना लेता है।

इसलिए श्रम का बड़ा महत्व है। श्रम ही सफलता की कुंजी है। जिसके सम्मुख पृथ्वी भी झुक जाती है।

प्रश्न 4.
परिश्रम करनेवाले व्यक्ति को प्रकृति से पहले सुख पाने का अधिकार क्यों मिलना चाहिए ?
उत्तर:
मानव जीवन बहुत मूल्यवान है। श्रम करके सफलता प्राप्त करना मानव का जन्म सिद्ध गुण है। श्रम के आगे कोई असंभव नहीं है। इसलिए आरंभ से ही मानव कर्मरत हो सफलता प्राप्त कर रहा है। मेहनत करनेवालों से ही सब लोगों को आवश्यक चीजें सुविधाएँ मिल रही हैं। सृष्टि में अनेक आवश्यक और जीवनोपयोगी चीजें निक्षिप्त हैं। निस्वार्थ भाव से श्रम करनेवालों को ही प्रकृति वशीभूत होती है। अतः वे लोग ही महान और भाग्यवान होते हैं। वे ही आदर्शवान और महत्वपूर्ण हैं। ऐसे लोगों को सदा आगे रखने की बात कवि कह रहे हैं।

प्रश्न 5.
डॉ. रामधारीसिंह दिनकर ने ‘कण – कण का अधिकारी’ कविता के माध्यम से आज के समाज को क्या संदेश दिया है?
उत्तर:
‘कण – कण का अधिकारी’ नामक कविता के कवि हैं श्री रामधारी सिंह दिनकर | यह कविता कुरुक्षेत्र से ली गयी है । आप इस कविता में श्रम तथा श्रामिक के बडप्पन तथा महत्व के बारे में बताते हैं । कवि ने इस कविता में मज़दूरों के अधिकारों का वर्णन किया है । कवि कहते हैं कि मेहनत ही सफलता की कुंजी है । मेहनत करनेवाला व्यक्ति कभी नहीं हारता वह हमेशा सफल होता है । सारा संसार उसे आदर भाव से देखता है । कवि कहते हैं कि एक मनुष्य अर्थ पाप के बल पर संचित करता है तो दूसरा भाग्यवाद के छल पर उसे भोगता है।

कवि कहते हैं कि नर समाज का भाग्य श्रम ही है । वह भुजबल है | श्रमिक के सम्मुख पृथ्वी और आकाश झुक जाते हैं । नतमस्तक हो जाते हैं।

कवि श्रम – जल देनेवाले को पीछे मत रहजाने को कहते हैं । वे कहते हैं कि विजीत प्रकृति से पहले श्रमिक को ही सुख पाने देना चाहिए | आखिर कवि बताते हैं कि इस प्रकृति में जो कुछ न्यस्त है वह मनुजमात्र का धन है । हे धर्मराज उस के कण – कण का अधिकार जन – जन हैं | मतलब यह है कि जो श्रम करेगा वही कण – कण का अधिकारी है।

संदेश : जो श्रम करेगा वही कण – कण का अधिकारी है।

प्रश्न 6.
श्रमिकों की उन्नति ही देश की उन्नति है । इस कथन पर प्रकाश डालिए ।
उत्तर:

  • श्रमिकों की उन्नति ही देश की उन्नति है । इसमें कोई संदेह नहीं है ।
  • इसके कई कारण इस कथन का समर्थन कर सकते हैं।
  • श्रमिक शक्ति के सहारे ही देश में वस्तुओं की उत्पत्ति होती है ।
  • उन वस्तुओं को देश-विदेशों में बेचें तो विदेशी मारक द्रव्य आता है।
  • विदेशी मारक द्रव्य से व्यक्तिगत आय बढ़ता है ।
  • व्यक्तिगत आय बढने से जातीय आय भी बढता है ।
  • देश की उन्नति में श्रामिकों का बडा हाथ है।
  • इसलिए श्रमिकों की उन्नति के लिए सरकार को विविध कार्यक्रम चलाना चाहिए |
  • श्रमिकों को ही पहले – पहल सुख पाने देना चाहिए ।
  • श्रमिकों का देख-रेख, स्वास्थ्य आदि पर सरकार को ध्यान रखना चाहिए ।
  • श्रमिक जो हैं वे काल्पनिक जगत को साकार करने वाले हैं ।
  • श्रमिकों को अच्छे – से अच्छे वेतन देना है।
  • श्रमिकों के बिना यह संसार में प्रगति अधूरी है । इसलिए हम कह सकते हैं कि श्रमिकों की उन्नति ही देश की उन्नति है । क्योंकि जिस देश में श्रमिक अच्छा जीवन बिताते हैं, उन्नति पाते हैं, उस देश की उन्नति होगी।

प्रश्न 7.
‘कण – कण का अधिकारी’ कविता से क्या संदेश मिलता है?
उत्तर:
कण – कण का अधिकारी कविता से हमें ये संदेश मिलते हैं –

  • श्रम और भुजबल नर समाज का भाग्य है ।
  • भाग्यवाद पर भरोसा मत रखना है ।
  • मेहनत ही सफलता की कुंजी है । ।
  • मेहनत करनेवाला कभी नहीं हारता |
  • काल्पनिक जगत को साकार रूप देनेवाला श्रामिक ही है ।
  • मेहनत करनेवाला ही कण – कण का अधिकारी है ।
  • श्रम के सम्मुख पृथ्वी, विनीत नभ – तल झुकते हैं ।
  • श्रम – जल देनेवाले को पहले सुख पाने देना चाहिए ।

प्रश्न 8.
हमारे समाज में परिश्रम करनेवालों का जीवन स्तर निम्न क्यों होता है?
उत्तर:
परिश्रम और भुजबल मानव समाज का एक मात्र आधार तथा भाग्य है। श्रम के सामने आसमान, पृथ्वी, सब आदर से झुक जाते हैं। श्रम से बढ़कर कोई मूल्यवान धन नहीं है। श्रम के द्वारा ही सारी संपत्ति, सुखसुविधाएँ संचित होती हैं। श्रम करने से किसी को अभाव की शंका नहीं रहती ।

एक मनुष्य के श्रम का फल दूसरा व्यक्ति अनुचित रूप से अर्जित करता है। भाग्यवाद के नाम पर पूँजीवादी उस श्रम धन को भोगता है। छल, कपट से पाप के बल से धन संचित करता है। शारीरिक श्रम न करना पूँजीवाद वाद की पहचान माना जाता है।

वास्तव में प्राकृतिक संपदा सब की है न कि कुछ ही लोगों की। श्रमिक ही प्राकृतिक संपदा का सर्व प्रथम अधिकारी है। लेकिन भाग्यवाद के बल पर पूँजीवादी श्रमिकों के श्रम का फल भोग रहे हैं। उनकी नजर में ये श्रमिक सिर्फ मेहनत करने के लिए पैदा हुए हैं। इसलिए यथा शक्ति श्रमिकों के अधिकार दूर करके उनको पीछे पड़े रहने की हालत पैदा करते हैं। नादान श्रमिक अपना भाग्य इतना ही समझकर उनके करतूतों की शिकार बन रहे हैं। अविद्या, ज्ञान की कमी से श्रमिक कष्ट झेल रहे हैं। इसी कारण से अपने अधिकार और सुख प्राप्त करने में वे पीछे रह जाते हैं। परिश्रम करनेवाले का स्तर हमारे मानव समाज में निम्न ही रह जाता है। श्रम करनेवाला कभी सुख सुविधाओं की ओर ध्यान देता ही कम है।

प्रश्न 9.
धर्मराज को भीष्म पितामह द्वारा दिये गये संदेश पर आज के समाज को दृष्टि में रखकर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर:
धर्मराज को भीष्म पितामह के द्वारा श्रम के महत्व के बारे में संदेश दिया गया है। आज के समाज़ को दृष्टि में रखकर इस पर मेरे ये विचार हैं –

  • भाग्यवाद से कर्मवाद अच्छा है।
  • नरसमाज का भाग्य केवल एक ही है – वह श्रम है। वह भुजबल है।
  • भुजबल या श्रम – जल के सम्मुख पृथ्वी, विनीत नभ – तल झुकते हैं।
  • श्रम के बल पर हम सब – कुछ हासिल कर सकते हैं।
  • श्रम जल देनेवाले को पीछे मत रहने दो।
  • विजीत प्रकृति से पहले उसे सुख पाने देना चाहिए।
  • न्यस्त प्रकृति में जो कुछ है वह मनुज मात्र का धन है।
  • कण – कण का अधिकारी श्रमिक ही है।

प्रश्न 10.
‘श्रमयेव जयते’ – इस कथन को दिनकर जी ने किस प्रकार समझाया?
उत्तर:
‘कण – कण का अधिकारी’ नामक कविता के कवि हैं श्री रामधारी सिंह दिनकर | यह कविता कुरुक्षेत्र से ली गयी है । आप इस कविता में श्रम तथा श्रामिक के बडप्पन तथा महत्व के बारे में बताते हैं । कवि ने इस कविता में मज़दूरों के अधिकारों का वर्णन किया है । कवि कहते हैं कि मेहनत ही सफलता की कुंजी है । मेहनत करनेवाला व्यक्ति कभी नहीं हारता वह हमेशा सफल होता है । सारा संसार उसे आदर भाव से देखता है।

कवि कहते हैं कि एक मनुष्य अर्थ पाप के बल पर संचित करता है तो दूसरा भाग्यवाद के छल पर उसे भोगता है।

कवि कहते हैं कि नर समाज का भाग्य श्रम ही है । वह भुजबल है | श्रमिक के सम्मुख पृथ्वी और आकाश झुक जाते हैं । नतमस्तक हो जाते हैं ।

कवि श्रम – जल देनेवाले को पीछे मत रहजाने को कहते हैं । वे कहते हैं कि विजीत प्रकृति से पहले श्रमिक को ही सुख पाने देना चाहिए |

आखिर कवि बताते हैं कि इस प्रकृति में जो कुछ न्यस्त है वह मनुजमात्र का धन है । हे धर्मराज उस के कण – कण का अधिकार जन – जन हैं । मतलब यह है कि जो श्रम करेगा वही कण – कण का अधिकारी है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 3 हम भारतवासी

AP State Board Syllabus AP SSC 10th Class Hindi Textbook Solutions Chapter 3 हम भारतवासी Textbook Questions and Answers.

AP State Syllabus SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 3 हम भारतवासी

10th Class Hindi Chapter 3 हम भारतवासी Textbook Questions and Answers

InText Questions (Textbook Page No. 13)

प्रश्न 1.
नदियाँ किसमें विलीन होती हैं?
उत्तर:
नदियाँ समुद्र में विलीन होती हैं।

प्रश्न 2.
इसमें किस – किसको एक बताया गया है?
उत्तर:
इसमें मानव जाति, मानव धर्म तथा सारी दुनिया को एक बताया गया है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 3 हम भारतवासी

प्रश्न 3.
‘मानव जाति एक है।’ इस पर अपने विचार बताइए।
उत्तर:
मानव जाति एक है। जिस प्रकार अनेक स्थानों से बहनेवाली नदियाँ अंत में समुद्र में मिलती हैं। उसी प्रकार अलग – अलग धर्म में जन्म लिये मनुष्य भी अंत में परमात्मा के पास पहुँचते हैं। इसलिए हम कह । सकते हैं कि मानव जाति एक है उददश्य छात्रों में कविता, गीत आदि की रचना शैली का विकास करना और उनमें देशभक्ति के साथ-साथ विश्वबंधुत्व, विश्वशांति, अहिंसा, त्याग, समर्पण आदि सद्गुणों का विकास करना तथा भारत को और भी सशक्त कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अग्रसर करने की प्रेरणा देना इस पाठ का मुख्य उद्देश्य है। विधा विशेष प्रस्तुत कविता देशभक्ति की भावना पर आधारित है। यह गेय कविता है। इसमें तुकांत शब्द प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया व सामान्य भविष्य में हैं। यह कविता बच्चों में सत्य, अहिंसा, त्याग और | समर्पण की भावना जागृत कर, उन्हें विश्वबंधुत्व की ओर कदम बढ़ाने की प्रेरणा देती है।

InText Questions (Textbook Page No. 14)

प्रश्न 1.
ऊँच – नीच का भेद मिटाने के लिए हम क्या – क्या कर सकते हैं?
उत्तर:
ऊँच – नीच का भेद मिटाना हमारा प्रथम आशय व कर्तव्य है। इसके लिए अपनी ओर से हम भी कुछ कर सकते हैं।

  • सब लोगों से मिलजुलकर रहते एकता की भावना बढानी है।
  • सबसे प्रेमपूर्वक व्यवहार करते नफ़रत की भावना को छोड देना है।
  • समानता का बीज बोते लोगों के दिलों में विश्वास भरना है।
  • जाति, धर्म, भाषा, प्रांत, जैसे भेद भावों को छोडते लोगों की सहायता करनी है।
  • सबका आदर – सम्मान करना है।
  • सबकी उन्नति में समान अवसर देना है।

प्रश्न 2.
हमें अपने जीवन में कैसा पथ अपनाना चाहिए?
उत्तर:
हमें जीवन में सदा सत्य और न्यायमार्ग पर चलना है। श्रद्धा और प्रेम का उत्तम भाव दिल में रखकर दीन – दुखियों की सेवा करनी है। खुद खुश रहते सब को सुखी रखने का न्याय पथ हमें अपनाना चाहिए। अहिंसा और धर्ममार्ग को अपनाना चाहिए। त्याग भावना को अपनाना चाहिए।

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प्रश्न 3.
हम भटकने वालों को राह कैसे दिखा सकते हैं?
(या)
बेराहों को राह कैसे दिखा सकते हैं?
उत्तर:
भटकने वाले लोगों को जीवन की वास्तविकता समझाने का प्रयत्न करना है। सही मार्गदर्शन करते उनको खुशियाँ पाने का ज्ञान अवगत कराना है। न्याय और सत्य मार्ग पर आगे बढने ज्ञानपूर्ण सलाह देते भटकनेवालों को राह दिखा सकते हैं।

प्रश्न 4.
सत्य, अहिंसा, त्याग और समर्पण की बगिया महकाने के लिए हम क्या – क्या कर सकते हैं?
(या)
हम खुशियों की बगिया कैसे महकायेंगे?
उत्तर:
मानव सामाजिक प्राणी है। हमारे मानव जीवन में सत्य, अहिंसा, त्याग, समर्पण, प्रेम आदि महान गुणों का विशेष महत्व है। ऐसे उत्तम गुणों की बगिया महकाने हम पहले दुनिया के सारे क्लेश मिटाने का प्रयत्न करेंगे। विश्व बंधुत्व का मूलमंत्र खुद अपनाते लोगों को श्रद्धा और प्रेम का अद्भुत दृश्य दिखायेंगे। इस तरह सत्य, अहिंसा, त्याग और समर्पण की बगिया महका सकते हैं। धरती को स्वर्ग बना सकते हैं।

अर्थग्राह्यता-प्रतिक्रिया

अ) प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
प्रश्न 1.
यह गीत आपको कैसा लगा ? अपनी पसंद और नापसंद का कारण बताइए।
उत्तर:
“हम भारतवासी” गीत मुझे बहुत पसंद आया। यह गीत सरल, सुबोध और प्रभावशाली है। देशभक्ति भावना जगाकर, विश्वबंधुत्व की ओर हमें अग्रसर होने की प्रेरणा देनेवाला है। भारतवासियों के सत्य, अहिंसा, त्याग, समर्पण आदि गुणों का समर्थन करते हुए दुनिया को पावन धाम बनाने की महत्वाकांक्षा रखती है। सारे विश्व के लोगों के विविध क्लेशों को मिटाकर एक धर्म कुटुंब बनने की प्रेरणा देनेवाला है। भारतीय संस्कृति की गरिमा बढाने वाला है। खासकर भारतीयों के धर्म, जाति, संप्रदाय रूपी विषमताओं को भगाकर सब में अपनापन जगानेवाला है।

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प्रश्न 2.
दुनिया को ‘पावन धाम’ बनाने के लिए हम क्या – क्या कर सकते हैं?
उत्तर:
दुनिया को पावन धाम बनाने के लिए

  • ऊँच – नीच का भेद मिटायेंगे।
  • निराशा की भावना भगाकर विश्वास जगायेंगे।
  • उलझे लोगों को वास्तविकता बतायेंगे। बेराहों को राह दिखायेंगे।
  • सत्य, अहिंसा, त्याग, समर्पण, विश्व बंधुत्व की भावना जगायेंगे।

आ) दिया गया पद्यांश पढ़िए और इसके मुख्य शब्द पहचान कर लिखिए।

मन में श्रद्धा और प्रेम का अद्भुत दृश्य दिखायेंगे।
सत्य, अहिंसा, त्याग, समर्पण की बगिया महकायेंगे।
जग के सारे क्लेश मिटाकर, धरती को स्वर्ग बनायेंगे।
विश्वबंधुत्व का मूल मंत्र हम, दुनिया में सरसायेंगे।

जैसे : श्रद्धा, …………………,
…………………………..,
…………………………..,
उत्तर:
प्रेम, सत्य, अहिंसा, त्याग, समर्पण, क्लेश, विश्वबंधुत्व के सहारे धरती को स्वर्ग बनाना।

इ) निम्नलिखित भाव से संबंधित कविता की पंक्तियाँ पहचानकर लिखिए।

प्रश्न 1.
संसार में व्याप्त सारे विवादों को मिटाकर, हम धरती को स्वर्ग बनायेंगे।
उत्तर:
जग के सारे क्लेश मिटाकर, धरती को स्वर्ग बनायेंगे।

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प्रश्न 2.
जीवन पथ से भटके लोगों को रास्ता दिखाएँगे।
उत्तर:
भटक रहे जो जीवन पथ से, उनको राह दिखायेंगे।

प्रश्न 3.
हम भेदभाव दूर करेंगे। हम सब मिलजुलकर रहेंगे।
उत्तर:
ऊँच – नीच का भेद मिटाकर, दिल में प्यार बसायेंगे।

ई) नीचे दिया गया पद्यांश पढ़कर सही उत्तर पहचानिए।
आज़ादी अधिकार सभी का जहाँ बोलते सेनानी,
विश्व शांति के गीत सुनाती जहाँ चुनरिया ये धानी,
मेघ साँवले बरसाते हैं, जहाँ अहिंसा का पानी,
अपनी माँगें पोंछ डालती, हँसते – हँसते कल्याणी,
ऐसी भारत माँ के बेटे मान गँवाना क्या जाने,
मेरे देश के लाल हठीले शीश झुकाना क्या जानें।

1. धानी रंग की चुनरी कौन – सा गीत सुना रही है?
अ) अधिकार का
आ) आज़ादी का
इ) विश्वशांति का
ई) अहिंसा का
उत्तर:
इ) विश्वशांति का

2. भारत के लाल कैसे हैं?
अ) सजीले
आ) साँवले
इ) हठीले
ई) निराले
उत्तर:
इ) हठीले

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3. सैनिक किसे सभी का अधिकार मानते हैं? ‘
अ) आज़ादी को
आ) शांति को
इ) अहिंसा को
ई) मान को
उत्तर:
अ) आज़ादी को

4. “मान” शब्द का विलोमार्थक है
अ) निरमान
आ) दुरमान
इ) अपमान
ई) स्वमान
उत्तर:
इ) अपमान

5. भारत माँ के बेटे क्या गाँवाना नहीं चाहते हैं?
अ) आज़ादी
आ) मान
इ) शीश
ई) अधिकार
उत्तर:
आ) मान

अभिव्यक्ति – सृजनात्मकता

अ) इन प्रश्नों के उत्तर तीन – चार पंक्तियों में लिखिए।

प्रश्न 1.
उलझनों से बचे रहने के लिए हमें कैसी सावधानियाँ लेनी चाहिए?
उत्तर:
उलझनों से बचे रहने के लिए

  • धार्मिक भेद – भाव न रखना चाहिए।
  • उत्तम मानवीय मूल्यों को बनाये रखना है।
  • पारस्परिक सहयोग की भावना होना है।
  • हमेशा सतर्क, जागरूक रहना है।
  • बौद्धिक विकास करना चाहिए।

प्रश्न 2.
निराशावादी और आशावादी के स्वभाव में क्या अंतर होता है?
उत्तर:
निराशावादी में निराशा की भावना होती है। वह निष्क्रिय होता है। जीवन दुखद होता है। उलझा रहता है। आशावादी में आशा की भावना होती है। वह सक्रिय होता है। जागरूक रहता है। सत्य, अहिंसा, त्याग समर्पण होती है।

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आ) गीत में ‘धरती को स्वर्ग’ बनाने की बात कही गयी है। हम इसमें क्या सहयोग दे सकते हैं?
(या)
पूरे विश्व को स्वर्ग का धाम कैसे बना सकते हैं?
उत्तर:
कविता का नाम : हम भारतवासी
कवि का नाम : आर.पी.निशंक
हिंदी के विख्यात कवि हैं आर.पी. निशंक| इस कविता के ज़रिये कवि छात्रों में देश भक्ति, विश्वबंधुत्व, विश्वशांति, सत्य, अहिंसा, त्याग, समर्पण आदि महान सद्गुणों का विकास करना चाहते हैं।

“हम भारतवासी” कविता में धरती को स्वर्ग बनाने की बात पर प्रकाश डाला गया है। सच्चे भारतीय होने के कारण हम भी अपना पूरा सहयोग दे सकते हैं।

  • हम मानवों में भरे जाति – धर्म, वर्ग – वर्ण, ऊँच – नीच, अमीर – गरीब जैसे भेदभावों को दूर कर
  • सकते हैं। इससे एकता की भावना बढकर सब लोग प्रेम से रह सकते हैं।
  • सत्य, अहिंसा, सेवा, त्याग, प्रेम आदि का महत्व समझाकर विश्व बंधुत्व की भावना जगा सकते हैं।
  • स्वार्थ भाव से भरे लोगों को स्वार्थरहित, पक्षपात रहित और सहनशील बनाकर देश प्रेमी बना सकते हैं।
  • दुःख में धीरज धर लेने का आत्मविश्वास उनमें भरकर निराशावाद दूर भगाकर आशावादी बना सकते हैं।
  • जीवन पथ से भटके लोगों को मार्गदर्शन करके उन्हें सक्रिय मार्ग पर लगा सकते हैं।
  • हर्ष – विषाद आपस में बाँटकर अपनापन बढा सकते हैं। – एक दूसरे के प्रति आदर का भाव रखते, प्रेमालू बना सकते हैं।

एक बात में कहे तो वसुदैक कुटुंबकम बना सकते हैं। ऐसा करके हम भी धरती को स्वर्ग बनाने में अपना पूरा सहयोग दे सकते हैं।

विशेषता : इस कविता में देश भक्ति और नैतिक मूल्य बताये गये हैं।

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इ) विश्वशांति की राह में समर्पित किस महान व्यक्ति का साक्षात्कार आप लेना चाहेंगे? साक्षात्कार में उनसे पूछे जाने वाले प्रश्नों की एक सूची तैयार कीजिए।
उत्तर:
विख्यात नेता से साक्षात्कार लेने के लिए मैं निम्न लिखित इस प्रश्नावली को तैयार करूँगा।
वे प्रश्न इस प्रकार हैं –

  • महोदय। विश्वशांति के लिए आप अविरल प्रयत्न कर रहे हैं। क्या आप यह बता सकते हैं कि विश्वशाँति माने क्या है? उसकी क्या आवश्यकता है?
  • आपको इस महत्वपूर्ण कार्य में पदार्पण करने का विचार क्यों और कैसे आया? इसके क्या कारण हो सकते हैं?
  • आपके इस पवित्र यज्ञ में किन-किन सज्जनों ने आपका सहयोग दिया ?
  • अपनी संकल्प सिद्धि के इस पावन काम में आपने कौनसे त्याग किये ? वे कहाँ तक फलदायी हुये हैं?
  • आपको इस काम में कहाँ तक सफलता मिली है?
  • आपके इस पुण्य कार्य में कौन-सी अडचनों का सामना करना पड़ा?
  • आगे आनेवाली पीढी को आपका संदेश क्या है?
  • सुना है कि इस विश्वशांति के पावन यज्ञ में सफल हुए व्यक्ति को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करते हैं। आपको यह पुरस्कार मिले तो आप कैसा अनुभव करते ?

ई) सत्य, अहिंसा, त्याग आदि भावनाओं का हमारे जीवन में क्या महत्व है?
उत्तर:
हमारे जीवन में सच्चाई से बढ़कर कोई तपस्या नहीं होती। सत्य से जीवन सुखद बनता है। इसके आचरण से सच्चरित्र और महान बनता है। समाज में वंदनीय और पूजनीय बनता है।

किसी को क्षमा करना और हर प्राणी पर दया करना मनुष्य का कर्तव्य होना चाहिए। अहिंसा से दया और भाईचारे का जन्म होता है।

त्याग भावना से प्रेम और भाईचारा भाव बढ़ता है। चारों ओर संतोष होता है। भोग से त्याग श्रेयस्कर होता है।

भाषा की बात

अ) कोष्ठक में दी गयी सूचना पढ़िए और उसके अनुसार कीजिए।

प्रश्न 1.
दुनिया, अमृत, पावन (वाक्य प्रयोग कीजिए। पर्याय शब्द लिखिए।)
(जैसे – यह दुनिया बड़ी निराली है। विश्व, जग, संसार)
उत्तर:
वाक्य प्रयोग
अमृत : देव जाति के लोगों ने अमृत का पान किया है।
पावन : बापूजी का यह पावन उदेदश्य आदर्शनीय है।

पर्याय शब्द
अमृत – सुधा, पीयूष
पावन – पवित्र, पुनीत

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प्रश्न 2.
निराशा, त्याग, प्यार (विलोम शब्द लिखिए। उससे वाक्य प्रयोग कीजिए।)
(जैसे – निराशा × आशा, हमें जीवन में आशा बढानी चाहिए।)
उत्तर:
विलोम शब्द
त्याग × स्वार्थ
प्यार × घृणा

वाक्य प्रयोग
त्याग : त्याग भावना उत्तम है, स्वार्थ भावना अधम है।
प्यार : प्यार से रहना चाहिए। ईर्ष्या या घृणा पाप है।

प्रश्न 3.
खुशी, बगीचा, भावना (वचन बदलिए। वाक्य प्रयोग कीजिए।)
(जैसे – खुशी – खुशियाँ, बच्चों को खेलों से बहुत सारी खुशियाँ मिलती हैं।)
वचन वाक्य प्रयोग
उत्तर:
खुशी – खुशियाँ : वे सब मिलकर खुशियाँ मना रहे हैं।

बगीचा – बगीचे : बैगलूर में कई सुंदर बगीचे हैं।
भावना – भावनाएँ : हमें अपने दिलों में सदा अच्छी भावनाएँ रखनी हैं।

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आ) सूचना पढ़िए और उसके अनुसार कीजिए।

प्रश्न 1.
पवन, पावन, निराशा (संधि विच्छेद कीजिए।)
उत्तर:
संधि विच्छेद
पवन = पो + अन
पावन = पौ + अन
निराशा = निः + आशा

प्रश्न 2.
भारतवासी, जीवनज्योत (समास पहचानिए।)
उत्तर:
भारतवासी : → तत्पुरुष समास (भारत के वासी)
जीवनज्योत → कर्मधारय समास(जीवन रूपी ज्योत)

इ) इन्हें समझिए और वाक्य प्रयोग कीजिए।
1. खुशी
2. खुशियाँ
3. खुशियों में
उत्तर:

  1. वह खुशी मनाती है। यह खुशी संज्ञा शब्द है।
  2. त्यौहार के दिन लोग खुशियाँ मनाते हैं। खुशी का बहुवचन खुशियाँ हैं।
  3. अच्छे लोग सदा खुशियों की दुनिया में रहते हैं। संबंध बोध कारक हैं।

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ई)1. नीचे दिया गया उदाहरण समझिए। उसके अनुसार दिये गये वाक्य बदलिए।
AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 3 हम भारतवासी 1
उत्तर:
AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 3 हम भारतवासी 2

2. कविता में आये मुहावरे पहचानिए और अर्थ लिखिकर वाक्य प्रयोग कीजिए।
उत्तर:
1. पावन धाम बनाना = पवित्र स्थल बनाना
हमें दुनिया को पावन धाम बनाना चाहिए।

2. अमृत रस सरसाना = प्रेम भावना जगाना
भारतवासी सभी लोगों के दिलों में अमृत रस सरसायेंगे।

3. विश्वास जगाना = यकीन दिलाना
निराशावादी लोगों में विश्वास जगाने की आवश्यकता है।

4. राह दिखाना = सही रास्ता दिखाना
अध्यापक छात्रों को राह दिखाते हैं।

5. दिल में प्यार बसाना = एकता बनाना
नेता लोगों के दिल में प्यार बसाते हैं।

6. तथ्य दीप समझाना = यथार्थ / वास्तव बताना
तथ्य दीप समझाने से अहित कार्य नहीं होते।

7. कुहासा तोडना = स्पष्ट करना
मन में व्याप्त कुहासा तोडने से सुखी रह सकते हैं ।

परियोजना कार्य

शांति के पथ पर समर्पित किसी महान व्यक्ति के बारे में जानकारी इकट्ठा कर कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
जिम्मी कार्टर जिम्मी कार्टर का पूरा नाम जेम्स अर्ल कार्टर जूनियर है। (जन्म अक्तूबर 1, 1924) एक अमेरिकी राजनेता हैं जो 1976 से 1980 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 39 वें राष्ट्रपति रहे। राष्ट्रपति बनने से पहले वे संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना में कार्यरत रहें, जॉर्जिया में सेनेटर रहे, और जॉर्जिया के गवर्नर भी रहे। राष्ट्रपति कार्यकाल के बाद वे मानव अधिकार संस्थाओं एवं परोपकारी संस्थाओं के साथ जुड़े रहे। उन्हें 2002 में नोबेल शान्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

प्रारंभिक जीवन :
जिम्मी कार्टर का जन्म जॉर्जिया के प्लेन्स नामक शहर में वाइस क्लीनिक अस्पताल में हुआ था जहाँ उनकी माँ लिलियन कार्टर नर्स थीं। उनके पिता अर्ल कार्टर का खेत था जिसमें वे कपास एवं मूंगफली उगाया करते थे। 1926 में जिम्मी की छोटी बहन ग्लोरिया, 1929 में रूथ, और 1937 में छोटे भाई बिली का जन्म हुआ। 1941 में जिम्मी ने प्लेन्स हाई स्कूल से दसवीं कक्षा पास की । 1941 में जिम्मी ने अमेरिकन्स शहर में स्थित जॉर्जिया साउथवेस्टर्न कॉलेज में पढ़ाई शुरू की। 1942 में उन्होंने यह कॉलेज छोड़ जॉर्जिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ टॅकनॉलोजी में दाखिला लिया। 1943 में उन्हें एनापोलिस , मैरीलैंड स्थित यू. एस नेवल अकैडमी में दाखिला मिल गया और वे 1946 में वहाँ से उत्तीर्ण हुए। उत्तीर्ण होने के पश्चात वे संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना की पहली परीक्षनात्मक पनडुब्बी में कार्यरत हुए।

जुलाई 7, 1947 को कार्टर ने बहन रूथ की सहेली एलानोर रोज़ालिन स्मिथ से विवाह कर लिया। 1947 में कार्टर के पुत्र जॉन विलियम का जन्म हुआ, 1950 में जेम्स अर्ल II का, 1952 में डॉनल जेफ़्फ़ी … का और 1967 में पुत्री एमी लिन का जन्म हुआ। 1953 में जिम्मी के पिता अर्ल की मृत्यु होने पर जिम्मी अपनी पत्नी के साथ जॉर्जिया वापिस लौट गए, पिता के खेती के कारोबार को संभालने के लिए।

कैरियर : 1962 में कार्टर को जॉर्जिया सेनेट में चुना गया। 1966 में उन्होंने जॉर्जिया को गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ा परन्तु जीत नहीं पाए। 1971 में वे फिर जार्जिया के गवर्नर पद के चुनाव में खड़े हुए और जीते। जिम्मी कार्टर, मेनाम बेगिन और अनवर अल-सदात 1978 में कैम्प डेविड में। 1977 में वे संयुक्त राज्य अमेरिका के 39 वे राष्ट्रपति बने। राष्ट्रपति के तौर पर इनके कार्यकाल में निम्न मुख्य घटनाएँ हुई।

1978 में कैम्प डेविड में कार्टर ने मिस्र के राष्ट्रपति अनवर अल – सदात और इजराइल के प्रधानमन्त्री मेनाखेम बेगिन के बीच समझौता करवाया जिसके नतीजे में 1979 में इज़राइल और मित्र के बीच में शान्ति कायम हुई।

1 जनवरी 1979 को संयुक्त राज्य अमेरिका ने चीनी जनवादी गणराज्य को राजनयिक मान्यता दी और दोनों के बीच में राजनयिक संबंध कायम हुए। इसी के साथ चीनी गणराज्य की राजनयिक मान्यता रद्द कर दी गयी और राजनयिक संबंध औपचारिक रूप से तोड़ दिए गए यद्यपि दोनों देशों ने अनौपचारिक रूप से राजनयिक संबंध जारी रखे।

1979 में हुई ईरान की इस्लामी क्रांति के दौरान नवंबर में तेहान में स्थित अमेरिकी दूतावास पर उग्रवादी छात्रों ने कब्जा कर लिया और 50 से अधिक अमेरिकी बंधी बना लिए गए। जब ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका कोई कूटनीतिक समाधान नहीं कर सके तो 1980 में सैन्य बल पर बंदियों को . छुड़ाने की नाकाम कोशिश की गई जिसमें अमेरिकी सैनिकों की जान गई। अंत में बंधी 1981 में 444 दिनों के पश्चात छोड़े गए।

सोवियत संघ के अफ़गानिस्तान पर हमला करने पर कार्टर ने आदेश दिया कि संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाड़ी मॉस्को में हो रहे 1980 ग्रीष्मकालीन ओलिम्पिक खेलों का बहिष्कार करेंगे। वे 1980 में राष्ट्रपति चुनाव में पुनः खड़े हुए परन्तु हार गए।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 3 हम भारतवासी

राष्ट्रपति कार्यकाल के पश्चात :
राष्ट्रपति कार्यकाल समाप्त होने के बाद कार्टर ने मानव अधिकार संबंधित अनेक संस्थाओं, एवं अनेक परोपकारी संस्थाओं के साथ काम किया है। 1982 में कार्टर ने अटलांटा, जॉर्जिया स्थित एमरी विश्वविद्यालय में कार्टर प्रेसिडेंशियल सेंटर की स्थापना की जो लोकतंत्र और मानव अधिकार संबंधित कार्य करता है।

कार्टर ने राष्ट्रपति कार्यकाल के पश्चात अनेक पुस्तकें भी लिखी हैं।
कार्टर को 2002 में नोबेल शान्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

हम भारतवासी Sunnary in English

We are Indians. We transform India into a holy heaven. We show the marvellous images of care and love in our hearts.

We fill our hearts with love discarding the feelings of high and low, rich and poor etc. We sprinkle the sap of ambrosia removing the mist patches like jealousy and hatred. We dispel the despair, fill hope and dispense confidence. We are Indians. We transform the world into a holy heaven.

We make the people who are extrapped in problems and difficulties realise the fact. We show the proper way to the people are led astray from the path of life. We enkindle the lights of life with the lamps of joy.

We are Indians. We transform India into a holy heaven.

We show the marvellous images of care and love in our hearts. We grow the groves of truth, non-violence, sacrifice, dedication and devotion. We remove all the adversities from the world and make it a heaven. We chant the spell of fraternity, universal rapport and make others chant.

We are Indians. We transform India into a holy heaven. We show the marvellous images of care and love in our hearts.

हम भारतवासी Summary in Telugu

మేము భారతీయులం. మేము ప్రపంచాన్ని పావనధామంగా తయారుచేస్తాం. మనస్సుల్లో శ్రద్ధ మరియు ప్రేమల అద్భుత దృశ్యాలను చూపుతాము.

ఉన్నవారు – లేనివారు (ఉన్నతమైన – నిమ్నమైన) అనే భేదభావాలు లేక హృదయాలలో ప్రేమను నింపుకుంటాము. ఈర్ష్యా – ద్వేషం అనే మంచు తెరలను తొలగించి అమృతరసాన్ని చిలికిస్తాం. నిరాశను దూరం చేసి ఆశను నింపి విశ్వాసాన్ని రేకెత్తిస్తాం, మేల్కొలుపుతాం. మేము భారతీయులం. ప్రపంచాన్ని పావనధామంగా తీర్చిదిద్దుతాం.

సమస్యలలో చిక్కుకుని ఊగిసలాడుతున్న ప్రజలకు యదార్థాన్ని తెలియజేస్తాం. జీవన పథం నుండి దారి మళ్ళి తిరుగుతున్నవారికి దారి చూపిస్తాం. సంతోష దీపాలతో జీవన జ్యోతులను వెలిగిస్తాం.

మేము భారతీయులం. ప్రపంచాన్ని పావనధామంగా తీర్చిదిద్దుతాం.

మనస్సుల్లో శ్రద్ధ, ప్రేమల అద్భుత దృశ్యాలను చూపుతాం. సత్యం, అహింస, త్యాగం, సమర్పణ మొదలైన తోటలను పెంచుతాం. ప్రపంచంలోని అన్ని కష్టాలను తొలగించి భూమిని స్వర్గంలా తీర్చిదిద్దుతాం. విశ్వబంధుత్వ మూలమంత్రాన్ని ప్రపంచంలో జపింపజేస్తాం, జపిస్తాం.

మేము భారతీయులం. ప్రపంచాన్ని పావనధామంగా తయారుచేస్తాం. మనస్సుల్లో శ్రద్ధ మరియు ప్రేమల అద్భుత దృశ్యాలను చూపుతాం.

अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता

2 Marks Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो या तीन वाक्यों में लिखिए।

प्रश्न 1.
दुनिया को ‘पावन धाम’ बनाने के लिए हम क्या – क्या कर सकते हैं?
उत्तर:
मैं सच्चे भारतीय होने के कारण सारी दुनिया को पावन धाम बनाना चाहता हूँ। यह मेरा प्रमुख कर्तव्य है। इसके लिए मैं पहले अपने दिल में निर्मल और उत्तम भावनाएँ भर लूंगा। सबके दिलों में एकता और सौभ्रातृत्व भावना जगाने का प्रयत्न करूँगा। प्रेम भाव का महत्व समझाते लोगों को भेद – भावों से दूर रहने का आग्रह करूँगा। सारी मानव जाति एक है – यह नारा देते भक्ति और धर्मयुक्त जीवन बिताने बाध्य करूँगा। खुद सत्य, अहिंसा, त्याग, आत्म समर्पण जैसे उत्कृष्ट गुणों का प्रचार करते लोगों को रास्ता दिखाऊँगा।

प्रश्न 2.
आर.पी. निशंकजी के बारे में आप क्या जानते हैं? लिखिए।
उत्तर:

  • आर.पी.निशंक आधुनिक हिंदी साहित्यकारों में विशिष्ट स्थान रखते हैं।
  • इनकी रचनाओं का मुख्य प्रतिपाद्य देश भक्ति है। समर्पण, नंवकुर, मुझे विधाता बनना है, तुम भी मेरे साथ चलो, जीवन पथ में, कोई मुश्किल नहीं आदि उनकी चर्चित काव्य रचनाएँ हैं।

अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता

4 Marks Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर छह पंक्तियों में लिखिए।

प्रश्न 1.
निराशा को दूर करने के क्या – क्या उपाय हैं?
उत्तर:
निराशा को दूर करने के लिए ये उपाय हैं –

  • मन में श्रद्धा और प्रेम का अद्भुत दृश्य दिखाने से निराशा दूर हो जाती है ।
  • दिल में प्यार बसाने से निराशा दूर कर सकेंगे |
  • हम दूसरों में विश्वास जगायें तो निराशा दूर हो जायेगा ।
  • ऊँच – नीच के भेद – भावों को मिटाने से भी निराशा दूर हो जायेगी।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 3 हम भारतवासी

प्रश्न 2.
विश्व बंधुत्व का अर्थ क्या है?
उत्तर:

  • एक ही परिवार के सभी लोग जिस प्रकार बंधुत्व भाव से रहते हैं, उसी प्रकार विश्व भर के लोगों से बंधु भावना से रहना ही विश्व बंधुत्व है । केवल भारतीयों और भारत देश में ही विश्व बंधुत्व की भावना प्राचीन काल से आज तक चल रही है।
  • हम हर हमेशा कहते भी हैं कि सर्वेजना सुखिनो भवंतु |
  • जिस प्रकार हम प्रांतीय एवं जातीय भावना से रहते हैं उसी प्रकार विश्व बंधुत्व की भावना से भी रहना है।
  • सारे विश्व की मंगल भावना ही विश्व बंधुत्व भावना है ।

प्रश्न 3.
ऊँच – नीच का भेद भाव मिटाने के लिए हमें क्या करना है?
उत्तर:

  • ऊँच – नीच का भेद मिटाने के लिए हमें सबके प्रति श्रद्धा और प्रेम को दिखाना है ।
  • सबके दिलों में प्यार बसाना है ।
  • नफ़रत के कुहासे को तोडना है ।
  • सामाजिक, आर्थिक , राजनीतिक एकता से हम ऊँच – नीच के भेद -भावों को मिटा सकते हैं ।
  • दूसरों के निराशा को दूर करने से भी कुछ हद तक भेद भाव मिटा सकेंगे।
  • हमारे पास जो कुछ आवश्यकता से अधिक है उसे ज़रूरतमंदों को दे देने से भी भेदभावों को हटा सकेंगे।

प्रश्न 4.
किसी काम को आत्मविश्वास के साथ क्यों करना है?
उत्तर:

  • हम जो भी करें आत्मविश्वास के साथ करें तो वह काम ज़रूर पूरा होगा | सफल होगा |
  • आत्मविश्वास में अद्भुत शक्ति निहित है ।
  • आत्मविश्वास से हम जितने भी कष्ट से कष्ट एवं मुश्किल काम को भी बहुत आसानी के साथ कर सकते हैं।
  • आत्मविश्वास हम में जीने की शक्ति को बढ़ाता है ।

प्रश्न 5.
जीवन पथ से भटकने वालों को हम कैसे राह दिखा सकते हैं?
उत्तर:

  • मन में श्रद्धा और प्रेम का अद्भुत दृश्य दिखाकर हम जीवन पथ में भटकने वालों को राह दिखा सकते हैं।
  • उलझन में उलझे लोगों को तथ्य दीप समझाकर राह दिखा सकेंगे |
  • हम खुशियों के दीप जलाकर जीवन ज्योत जलाकर जीवन पथ से भटकने वालों को राह दिखा सकते हैं।

प्रश्न 6.
विश्व शांति से आपका अभिप्राय क्या है?
उत्तर:

  • विश्व बंधुत्व भावना ही विश्वशांति है ।
  • सारी दुनिया भर में शांति स्थापना ही विश्व शांति है ।
  • देश भर के लोग मन में श्रद्धा तथा प्रेम के अद्भुत दृश्यों के साथ रहेंगे तो वही विश्व शांति है ।
  • सत्य, अहिंसा, त्याग, समर्पण आदि भावों से हम रहेंगे तो विश्वशांति अवश्य होगी।
  • युद्ध, दुख, लालच और सभी पीडाओं को मिटाने का एक मात्र साधन है – विश्वशांति ।
  • जहाँ शांति है वहाँ सुख है, जहाँ सुख है वही स्वर्ग है । यह सब विश्व शांति के द्वारा ही साध्य है।

अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता

8 Marks Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर आठ या दस पंक्तियों में लिखिए।

प्रश्न 1.
भारत की संस्कृति सारे विश्व को लुभाती है। इस कथन पर व्याख्या कीजिए|
उत्तर:
शीर्षक का नाम : “हम भारतवासी” है।
कवि का नाम : “आर.पी.निशंक’ है।

  • भारतीय संस्कृति की मुख्य विशेषताएँ ये हैं कि
  • भारतीय संस्कृति में ऊँच – नीच का भेद मिटाकर दिल में प्यार बसाने की शक्ति है।
  • सत्य, अहिंसा, त्याग, समर्पण जैसे सद्गुणों का विकास करने की शक्ति है।
  • जग के सारे क्लेशों को मिटाकर धरती को स्वर्ग बनाने की शक्ति है।
  • विश्व के सारे लोगों में प्रेम और शांति की स्थापना कर सकती है।
  • विश्व बंधुत्व रूपी मूलमंत्र दुनिया में सरसाने की शक्ति इस संस्कृति में है।
  • इस प्रकार हम कह सकते हैं कि भारत की संस्कृति सारे विश्व को लुभाती है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 3 हम भारतवासी

प्रश्न 2.
“भारतीय, विश्वशांति और विश्वबंधुत्व की पवित्र भावनाओं से दुनिया को पवित्र धाम बनायेंगे” हम भारतवासी कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
शीर्षक का नाम : “हम भारतवासी” है।
कवि का नाम : “आर.पी.निशंक” है।

  • हम भारतवासी दुनिया को पावन धाम बनायेंगे। मन में श्रद्धा और प्रेम का अद्भुत दृश्य दिखायेंगे।
  • हम सब में ऊँच-नीच का भेद मिटाकर दिल में प्यार बसायेंगे।
  • हम नफ़रत को दूर कर अमृत बरसायेंगे।
  • हम सत्य, अहिंसा, त्याग और समर्पण की बगिया को महाकायेंगे।
  • जग के सारे क्लेशों को मिटाकर धरती को स्वर्ग बनायेंगे।
  • विश्व बंधुत्व रूपी मूल मंत्र हम दुनिया में सरसायेंगे।
  • इस प्रकार भारतीय विश्वशांति, विश्व बंधुत्व की भावनाओं से दुनिया को पवित्र धाम बनायेंगे।

प्रश्न 3.
विश्वशांति और विश्वबंधुत्व की भावना भारतवासी कैसे फैलायेंगे?
उत्तर:

  • हम भारतवासी कविता के कवि श्री आर.पी. निशंक है।
  • ये महान हिंदी साहित्यकार है, इनकी कविताओं का मुख्य विषय देश भक्ति है।
  • प्रस्तुत कविता ‘मातृभूमि के लिए ‘संग्रह’ से लिया गया है।
  • इस कविता में भारतीयों के लक्षणों के बारे में बताया गया है।
  • भारतवासी दुनिया को पावन धाम बनायेंगे।
  • श्रद्धा और प्रेम से दुनिया का मार्ग निर्देशन करेंगे।
  • ऊँच – नीच का भेद मिटायेंगे, सब से प्यार करेंगे।
  • नफ़रत मिटाकर अमृत रस सरसायेंगे, निराशा दूर भगाकर विश्वास जगायेंगे।
  • उलझन में फंसे लोगों को राह दिखायेंगे, जीवन पथ से भटके लोगों को राह दिखायेंगे।
  • सत्य, अहिंसा, त्याग, समर्पण आदि भावों से भरा समाज बनायेंगे।
  • इस तरह विश्वशांति और विश्वबंधुत्व की भावना फैलायेंगे।

प्रश्न 4.
हम भारतवासी कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखिए।
आर.पी. निशंक कृत “हम भारतवासी” पाठ का सारांश अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
हम भारतवासी
कविता का नाम : हम भारतवासी
कवि का नाम : श्री आर. पी. निशंक
रचनाएँ : समर्पण, नवंकुर,जीवन पथ में, मुझे विधाता बनना हैं, तुम भी मेरे साथ चलो, कोई मुश्किल नहीं आदि।
पुरस्कार : पद्म श्री

सारांश :
आधुनिक हिंदी साहित्यकारों में आर.पी. निशंक जी विशिष्ट स्थान रखते हैं। अपनी इस कविता में आप छात्रों में देश भक्ति भावना के साथ विश्व बंधुत्व विश्वशांति, अहिंसा, त्याग, समर्पण आदि उत्तम गुणों का विकास करना चाहते हैं।

कवि कहते हैं कि हम भारतवासी दुनिया को पावन धाम बनायेंगे। हम अपने मन में श्रद्धा और प्रेम का अद्भुत दृश्य दिखायेंगे। सब में ऊँच – नीच का भेद मिटाकर दिल में प्यार बसायेंगे। नफ़रत को दूर भगाकर अमृत बरसायेंगे। निराशा को दूर करके लोगों में विश्वास जगायेंगे। उलझनों में उलझे लोगों को तथ्य दीप समझायेंगे।

जीवन पथ से भटकनेवालों को सच्चा राह दिखायेंगे। खुशियाँ रूपी दीप जलाकर जीवन ज्योत जलायेंगे। सत्य, अहिंसा, त्याग, और समर्पण की बगिया महकायेंगे।

जग के समस्त क्लेशों को मिटाकर शक्तिभर धरती को स्वर्ण बनायेंगे। वसुदैक कुटुबंम भावना हम दुनिया से सरसायेंगे।

ऐसे सच्चे आशय मन में रखकर हम दुनिया को पावन धाम बनाने में अपना पूरा जीवन लगा देंगे।

विशेषताएं:
1. इस कविता में देश भक्ति, विश्व बंधुत्व, विश्व शांति, अहिंसा, त्याग अदि भाव व्यक्त किये गये हैं।
2. यह प्रेरणादायक कविता है।

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प्रश्न 5.
“हम भारतवासी” कविता विश्व – बंधुत्व की ओर कदम बढाने की प्रेरणा देती है। – समझाइए।
उत्तर:
कवि : रमेश पोखरियाल निशांक’
जन्म : 15 अगस्त 1958
रचनाएँ : समर्पण, नवंकुर, मुझे विधाता बनाना है, तुम भी मेरे साथ चलो, जीवन पथ में, कोई मुश्किल नहीं आदि।
रचना का मुख्य विषय : देशभक्ति

एक ही परिवार के सभी लोग जिस प्रकार बंधुत्व भाव से रहते हैं उसी प्रकार विश्वभर के लोगों से बंधु भावना से रहना ही विश्व बंधुत्व है। सारे विश्व की मंगल कामना भारतीयों में आदिकाल से ही निहित है। इसी भावना के अन्तर्गत भारतवासी कहते हैं कि –

  • हम भारतवासी दुनिया को पवित्र स्थल बनाएँगे।
  • श्रद्धा और प्रेम से दुनिया का मार्गदर्शन करेंगे।
  • लोगों में ऊँच – नीच भेद मिठाकर सब में प्यार भरेंगे।
  • लोगों के बीच में हुई नफरत का भाव मिटाकर अमृत रस सरसाएँगे। उनके निराशा को दूर भगाकर उनमें विश्वास जगाएँगे।
  • उलझन में फसे और जीवन पथ से भटके लोगों को सही राह दिखाएँगे।
  • समाज को सत्य, अहिंसा, त्याग, समर्पण आदि भावों से भरेंगे।

इन भावनाओं से हमें पता चलता हैं कि यह कविता विश्व बंधुत्व की ओर कदम बढाने की प्रेरणा जरूर देती है।

प्रश्न 6.
धरती को स्वर्ग कैसे बना सकते हैं?
(या)
भारतवासी किन पवित्र भावनाओं से धरती को स्वर्ग बनाना चाहते हैं? विवरण दीजिए ।
उत्तर:

  • विश्वशांति से धरती को स्वर्ग बना सकते हैं।
  • आपस में प्रेम, श्रद्धा और प्यार आदि भावों को जगाकर धरती को स्वर्ग बना सकते हैं ।
  • दिल में ऊँच – नीच के भेदभावों को दूर करके धरती को स्वर्ग बना सकेंगे।
  • वैर भाव, ईर्ष्या, द्वेष आदि के बिना आपस में सहयोग के साथ रहकर धरती को स्वर्ग बना सकेंगे।
  • विश्व बंधुत्व भावना से रहकर धरती को स्वर्ग बना सकेंगे।
  • सत्य, अहिंसा, त्याग, समर्पण आदि सर्वोन्मत अंशों को प्रधानता देकर धरती को स्वर्ग बना सकेंगे ।
  • मनुष्यों में निराशा को दूर भगाकर आशा दीप जलाकर धरती को स्वर्ग बना सकेंगे ।

प्रश्न 7.
निशंक जी किन भावनाओं से दुनिया को पावन धाम बनाना चाहते हैं?
उत्तर:
“हम भारतवासी” नामक कविता के कवि हैं श्री आर. पी. निशंक | “हम भारतवासी” नामक कविता में कवि देश भक्ति के साथ – साथ विश्वबंधुत्व, विश्वशांति, सत्य, अहिंसा, त्याग, समर्पण आदि सद्गुणों का विकास छात्रों में करते हैं।

कवि कहते हैं कि हम भारतवासी दुनिया को पावन धाम बनायेंगे | मन में श्रद्धा और प्रेम का अद्भुत दृश्य दिखायेंगे । हम सबमें ऊँच – नीच का भेद मिटाकर दिल में प्यार बसायेंगे | नफ़रत नामक कुहासे को तोड़कर हम अमृत सरसायेंगे | हम खुशी में निराशा को दूर भगाकर विश्वास जयायेंगे ।

कवि और कहते हैं कि उलझनों में उलझे लोगों को तथ्य दीप समझायेंगे | जीवन पथ से भटकते रहने वालों को राह दिखायेंगे | हम खुशियों के दीप जलाकर जीवन ज्योत जलायेंगे ।

कवि और कहते हैं हम सत्य, अहिंसा, त्याग और समर्पण की बगिये को महकायेंगे | जग के सारे क्लेशों को मिटाकर धरती को स्वर्ग बनायेंगे | विश्वबंधुत्व रूपी मूलमंत्र को हम दुनिया में सरसायेंगे |

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 3 हम भारतवासी

प्रश्न 8.
‘वसुधैक कुटुंबम” की भावना को आर. पी. निशंक जी ने अपनी कविता में सुंदर ढंग से व्यक्त किया है – स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
“हम भारतवासी” नामक कविता के कवि हैं श्री आर. पी. निशंक | “हम भारतवासी” नामक कविता में कवि देश भक्ति के साथ – साथ विश्वबंधुत्व, विश्वशांति, सत्य, अहिंसा, त्याग, समर्पण आदि सद्गुणों का विकास छात्रों में करते हैं।

कवि कहते हैं कि हम भारतवासी दुनिया को पावन धाम बनायेंगे | मन में श्रद्धा और प्रेम का अद्भुत दृश्य दिखायेंगे | हम सबमें ऊँच – नीच का भेद मिटाकर दिल में प्यार बसायेंगे | नफ़रत नामक कुहासे को तोड़कर हम अमृत सरसायेंगे | हम खुशी में निराशा को दूर भगाकर विश्वास जयायेंगे ।

कवि और कहते हैं कि उलझनों में उलझे लोगों को तथ्य दीप समझायेंगे | जीवन पथ से भटकते रहने वालों को राह दिखायेंगे | हम खुशियों के दीप जलाकर जीवन ज्योत जलायेंगे ।

कवि और कहते हैं हम सत्य, अहिंसा, त्याग और समर्पण की बगिये को महकायेंगे । जग के सारे क्लेशों को मिटाकर धरती को स्वर्ग बनायेंगे । विश्वबंधुत्व रूपी मूलमंत्र को हम दुनिया में सरसायेंगे |

‘वसुधैक कुटुंबम’ का अर्थ है विश्व बंधुत्व की भावना । इस प्रकार आर. पी. निशंक अपनी कविता में “वसुधैक कुटुंबम’ की भावना को अपनी कविता “हम भारतवासी” में उभारा है |

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 2 ईदगाह

AP State Board Syllabus AP SSC 10th Class Hindi Textbook Solutions Chapter 2 ईदगाह Textbook Questions and Answers.

AP State Syllabus SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 2 ईदगाह

10th Class Hindi Chapter 2 ईदगाह Textbook Questions and Answers

InText Questions (Textbook Page No. 5)

प्रश्न .1
पथिकों को जलती दुपहर में सुख व आराम किससे मिलता है?
उत्तर :
पथिकों को जलती दुपहर में सुख व आराम पेडों से मिलता है। .

प्रश्न .2
खुशबू भरे फूल हमें क्या देते हैं?
उत्तर :
खुशबू भरे फूल हमें नव फूलों की माला देते हैं।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 2 ईदगाह

प्रश्न .3
‘हम भी तो कुछ. देना सीखें’ – कवि ने ऐसा क्यों कहा होगा?
उत्तर :
पथिकों को पेड दुपहर में छाया देते हैं। नव फूलों की माला में फूल हमें खुशबू देते हैं। वे परोपकारी हैं। उसी प्रकार हम भी उन्हें (पेड, फूलों को) देखकर त्याग भाव को अपनाकर दूसरों को कुछ देना है। इसीलिए कवि ने ऐसा कहा है कि “हम भी तो कुछ देना सीखें।

InText Questions (Textbook Page No. 6)

प्रश्न 1.
ईद के दिन का चित्रण अपने शब्दों में कीजिए।
(या)
ईदगाह पाठ में प्रकृति का चित्रण कैसे किया गया?
उत्तर:
रमज़ान के पूरे तीस रोजों के बाद आज ईद आयी है। आज का सवेरा मनोहर और सुहावना है। वृक्षों पर अजीब हरियाली है। खेतों में कुछ अजीब रौनक है। आसमान पर लालिमा है। सूरज बहुत प्यारा और शीतल है तथा सबको ईद की शुभकामनाएँ दे रहा है।

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प्रश्न 2.
हामिद गरीब है फिर भी वह ईद के दिन अन्य लडकों से अधिक प्रसन्न है, क्यों ?
उत्तर:
हामिद भोली सूरतवाला चार – पाँच साल का दुबला पतला लडका है। जो कुछ मिला है, उससे संतुष्ट रहनेवाला आशावादी लडका है। उसके माँ – बाप मर गये। उसकी दादी अमीना ही उसका पालन – पोषण कर रही है। दादी ने उससे कहा कि उसके अब्बाजान रुपये कमाने गये हैं और अम्मीजान अल्लाह मियाँ के घर से उसके लिए अच्छी चीजें लाने गयी है। आशा तो बडी चीज़ है। इसी आश में डूबे हामिद ईद के दिन अन्य लड़कों से अधिक प्रसन्न है।

प्रश्न 3.
हामिद के खुशी का कारण क्या है?
उत्तर:
हामिद चार – पाँच साल का भोला भाला लडका है। उसके माँ – बाप तो मर चुके हैं। दादी अम्मा ने उसे बताया कि उसके अब्बाजान रुपये कमाने गये हैं। अम्मीजान अल्लाह मियाँ के घर से उसके लिए बहुत सी चीजें लाने गयी है। हामिद का दिल निर्मल और खुश है। वह ईद का मेला भी देखने जा रहा है। यही हामिद की खुशी का कारण है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 2 ईदगाह

प्रश्न 4.
हामिद चिमटा क्यों खरीदना चाहता था?
(या)
हामिद ने दादी के लिए मिचटा खरीदा क्यों?
उत्तर:
हामिद अपनी दादी को बहुत चाहता है। हामिद की दादी के यहाँ चिमटा नहीं था। तवे से रोटियाँ उतारते वक्त उसके हाथ जल जाते थे। हामिद को ख्याल आया कि वह चिमटा ले जाकर दादी को दे देता तो उसके हाथ नहीं जलते। इसलिए अपनी दादी का कष्ट दूर करने हामिद चिमटा खरीदना चाहता था। खिलौनों की तुलना में चिमटा उपयोगी वस्तु है।

प्रश्न 5.
हामिद के हृदयस्पर्शी विचारों के प्रति दादी अम्मा की भावनाएँ कैसी थीं ?
उत्तर:
हामिद के हृदयस्पर्शी विचारों से दादी अम्मा बहुत प्रभावित हुई। उसका क्रोध तुरंत स्नेह में बदल गया। यह मूक स्नेह था, रस और स्वाद से भरा मार्मिक प्रेम था। हामिद के त्याग, सद्भाव, विवेक और खासकर दादी के प्रति अपार प्रेम की भावना याद कर दादी का मन गद्गद् हो गया । अपना आँचल फैलाकर हामिद को अनेक दुआएँ देने लगी। आँखों से खुशी की आँसू बहाने लगी।

अर्थग्राह्यता-प्रतिक्रिया :

अ) प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
प्रश्न 1.
“ईदगाह’ कहानी के कहानीकार कौन हैं? इनकी रचनाओं की विशेषता क्या है?
उत्तर:
ईदगाह कहानी के कहानीकार हैं मुंशी प्रेमचंद जी। आधुनिक हिंदी साहित्य में इनका महत्वपूर्ण स्थान है। ये । आदर्शोन्मुख यथार्थवादी कहानीकार हैं। इन्हें उपन्यास सम्राट भी कहा जाता है। इन्होंने लग भग एक दर्जन उपन्यास और तीन सौ से अधिक कहानियों की रचना की। इनकी कहानियों में भारत देश के ग्रामीण जीवन का जीता जागता चित्रण स्पष्ट नज़र आता है। नैतिक मूल्यों का विकास व जागरण ही इनकी रचनाओं का खास विषय है। आपकी कहानियाँ मानस सरोवर शीर्षक से आठ खंडों में संकलित हैं।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 2 ईदगाह

प्रश्न 2.
बालक प्रायः अलग – अलग स्वभाव के होते हैं। कहानी के आधार पर बताइए कि हामिद का स्वभाव कैसा है?
उत्तर:
यह मानी हुयी और सच्ची बात है बालक प्रायः विभिन्न स्वभाव के होते हैं। हामिद तो अपने उत्तम और आदर्शमय स्वभाव से महान ठहरा । यह तो भोली सूरत का, चार – पाँच साल का दुबला – पतला लडका था। इसके माँ – बाप तो चल बसे थे। लेकिन यह विषय न जाननेवाला हामिद उनके लौट आने की आशा में सदा खुश रहता था। अपनी दादी के प्रति इसे बहुत प्यार था। इसीलिए ईदगाह जाते समय अपनी दादी – माँ को धीरज बँधाता | यह आशावादी लडका था। इसके मन में त्याग, सद्भाव, विवेक, सहनशीलता संवेदनशीलता जैसी महान भावनाएँ घर कर बैठी थीं। मेले में सभी लड़कों ने अपने मनपसंद खाने और खेलने की चीजें खरीदीं तो हामिद ने अपनी दादी का ख्याल करके उसका कष्ट दूर करने अपने पास रहें पूरे तीन पैसे से चिमटा खरीदा। घर लौटकर उसे प्यार से दादी माँ को दिया। इस तरह हामिद मन में त्याग, सद्भाव, विवेक, संवेदनशील भवानाएँ रखनेवाला उत्तम बालक था।

आ) हाँ या नहीं में उत्तर दीजिए।
1. हामिद के पास पचास पैसे थे ।
उत्तर:
नहीं

2. अमीना हामिद की मौसी थी ।
उत्तर:
नहीं

3. मोहसिन भिश्ती खरीदता है।
उत्तर:
हाँ

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4. हामिद खिलौने खरीदता है।
उत्तर:
नहीं

इ) रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
1. अमीना का क्रोध तुरंत …………….. में बदल गया।
उत्तर:
स्नेह

2. क़ीमत सुनकर हामिद का दिल ……….. गया।
उत्तर:
बैट

3. हामिद ………… लाया ।
उत्तर:
चिमटा

4. महमूद के पास ………………. पैसे थे।
उत्तर:
बारह

ई) अनुच्छेद पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

बहुत समय पहले की बात है। श्रवण कुमार नामक एक बालक रहता था। उसके माता – पिता देख नहीं सकते थे। किंतु उन्हें इस बात का दुख नहीं था। उनका पुत्र सदैव उनकी सेवा में तत्पर रहता था। एक दिन माता – पिता ने अपने पुत्र से चारधाम यात्रा की इच्छा व्यक्त की। पुत्र काँवर में बिठाकर अपने माता – पिता को चारधाम की यात्रा पर ले गया। रास्ते में माता – पिता को प्यास लगी। उनके लिए पानी लाने के लिए श्रवण कुमार तालाब के पास पहुंचा। उसी समय राजा दशरथ तालाब के पास वाले जंगल में शिकार कर रहे थे। श्रवण द्वारा तालाब में लोटा डुबाने की ध्वनि सुनकर वे हाथी समझ बैठे। शब्दभेदी बाण चला दिया। इस बाण से श्रवण परलोक सिधार गया। माता – पिता की सेवा में आजीवन आगे रहने वाला श्रवण, इतिहास में सदैव अमर रहेगा।

प्रश्न 1.
माता – पिता की सेवा में कौन तत्पर था?
उत्तर:
माता – पिता की सेवा में श्रवण कुमार तत्पर था।

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प्रश्न 2.
श्रवण कुमार के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
श्रवण कुमार माता – पिता की सेवा में तत्पर रहनेवाला आदर्श पुत्र था।

प्रश्न 3.
रेखांकित शब्द का संधि विच्छेद कीजिए।
उत्तर:
सदा + एव = सदैव

प्रश्न 4.
अनुच्छेद के लिए उचित शीर्षक दीजिए।
उत्तर:
मातृ – पितृ भक्ति परायण श्रवण कुमार/आदर्श पुत्र।

अभिव्यक्ति – सृजनात्मकता

अ) इन प्रश्नों के उत्तर तीन – चार पंक्तियों में लिखिए।
प्रश्न 1.
हामिद के स्थान पर आप होते तो क्या खरीदते और क्यों?
उत्तर:
अपने लिए नहीं, अपनों के लिए सोचने का महान स्वभाव वाला था हामिद। इसी स्वभाव से अपनी दादी का कष्ट दूर करने का ख्याल करके उसने चिमटा खरीद लिया। ___ मेरा भी हामिद के जैसा ही स्वभाव है। अपने सुख की परवाह न करके अपनों को सुख पहुँचाना चाहता हूँ। मुझे भी दादी है। वह ठीक तरह से देख नहीं सकती। इसलिए उसे डाक्टर के पास ले जाता और ऐनक खरीदता | उसकी आँखों में रोशनी देखना चाहता हूँ।

प्रश्न 2.
अपनी दादी के प्रति हामिद की भावनाएँ कैसी थीं? अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
हामिद चार – पाँच साल का दुबला – पतल लडका था । वह अपनी दादी अमीना से बहुत प्यार करता था। सदा उसका ख्याल रखते उसे खुश रखना चाहता था। इसलिए जब मेले में भेजने वह डरने लगी तो हामिद ने मैं सबसे पहले आऊँगा बिलकुल न डरना कहकर धीरज बँधाया था। दादी ने उसे तीन पैसे दिये। मेले में मिठाइयों और खिलौनों की दुकानें थीं। सब लडके अपने मनपसंद चीजें खरीदकर खुश रहे। हामिद ने तो दादी माँ का कष्ट दूर करने चिमटा खरीदा। उसने सोचा कि चिमटा लेकर देने से दादी अम्मा बहुत खुश होंगी। उसके हाथ रोटियाँ उतारते कभी नहीं जलेंगे। वह मुझे हजारों दुआएँ देंगी। पडोसी औरतों को दिखाकर बहुत खुश होगी। कहेगी कि कितना अच्छा लड़का है।

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आ) ‘ईदगाह’ कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखिए।
(या)
ईदगाह कहानी मानवीय मूल्यों का प्रतिबिंब है। उसका सारांश अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
पाठ का नाम : ईदगाह
पाठ का लेखक : प्रेमचंद
पाठ की विधा : कहानी

सारांश :
हिंदी के उपन्यास सम्राट श्री प्रेमचंद की लिखी कहानी है ‘ईदगाह’ प्रेमचंद आदर्शोन्मुख यथार्थवादी कहानीकार हैं। इस कहानी के ज़रिए आप छात्रों में त्याग, सद्भाव, विवेक जैसे उत्तम गुणों का विकास करना चाहते हैं। साथ ही बडे बुजुर्गों के प्रति श्रद्धा व आदर की भावना रखने की बात पर ज़ोर देते हैं।

हामिद चार – पाँच साल का दुबला – पतला, भोला – भाला लडका है। उसके माँ – बाप चल बसे हैं, वह अपनी बूढी दादी अमीना की परिवरिश में रहता है। उससे कहा गया है कि उसके माँ – बाप उसके लिए बहुत अच्छी चीजें लायेंगे। हामिद एकदम अच्छा और आशावान लडका है। उसके पैरों में जूते तक नहीं है।

आज ईद का दिन है। सारी प्रकृति सुखदायी और मनोहर है। हामिद के महमूद, मोहसिन, नूरे, सम्मी दोस्त हैं। सब बच्चे अपने पिता के साथ ईदगाह जानेवाले हैं। आमीना डर रही है कि अकेले हामिद को कैसे भेजे? हामिद के धीरज बँधाने पर वह हामिद को भेजने राजी होती है। जाते वक्त हामिद को तीन पैसे देती है। सब तीन कोस की दूरी परी स्थित ईदगाह पैदल जाते हैं। वहाँ नमाज़ के समाप्त होते ही सब बच्चे अपने मनपसंद खिलौने और मिठाइयाँ खरीदकर खुश रहते हैं। हामिद तो खिलौनों को ललचायी आँखों से देखता है, पर चुप रहता है। बाद लोहे की दुकान में अनेक चीजों के साथ चिमटे भी रखे हुए हैं, चिमटे को देखकर हामिद को ख्याल आता है कि बूढी दादी अमीना के पास चिमटा नहीं है। इसलिए तवे से रोटियाँ उतारते उसके हाथ जल जाते हैं। चिमटा ले जाकर दादी को देगा तो वह बहुत प्रसन्न होगी और उसकी उंगलियाँ भी नहीं जलेंगी।

ऐसा सोचकर दुकानदार को तीन पैसे देकर वह चिमटा खरीदता है। सब दोस्त उसका मज़ाक उडाते हैं। हामिद तो इसकी परवाह नहीं करता। घर लौटकर दादी को चिमटा देते हैं तो पहले वह नाराज़ होती है। मगर हामिद के तुम्हारी उंगलियाँ तवे से जल जाती थीं। इसलिए मैं इसे लिवा लाया कहने पर उसका क्रोध तुरंत स्नेह में बदल जाता है। हामिद के दिल के त्याग, सद्भाव और विवेक गुण से उसका मन गद्गद् हो जाता है। हामिद को अनेक दुआएँ देती है और खुशी के आँसू बहाने लगती है।

नीति : ईदगाह कहानी में दादी और पोते का मार्मिक प्रेम दर्शाया गया है।

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इ) हामिद और उसके मित्रों के बीच हुई बातचीत की किसी एक घटना को संवाद के रूप में लिखिए।
उत्तर:
हामिद और उसके दोस्त मोहसिन, महमूद और सम्मी सब मिलकर ईदगाह जाते हैं। वहाँ मेले में वे कुछ चीजें खरीदते हैं और आपस में इस प्रकार संवाद करने लगते हैं। (खिलौनों की दुकानों के पास)
मोहसिन : अरे! यह देखो। यह भिश्ती कितना सुंदर है ?

महमूद : मेरे ये सिपाही और नूरे वकील को देखो। ये कितने अच्छे हैं और खूबसूरत हैं?

सम्मी . : हाँ! हाँ! मेरे इस धोबिन को देखिए। यह कैसा है ?

हामिद : (उन्हें ललचाई आँखों से देखते हुए) ये सब मिट्टी के तो हैं, गिरे तो चकनाचूर हो जायेंगे।
(वहाँ से मिठाइयों की दुकानों के यहाँ जाते हैं।)

मोहसिन : (रेवडी खरीदता है) “अरे! हामिद यह रेवडी ले ले कितनी खुशबूदार है।”

हामिद : “रखे रहो।, क्या मेरे पास पैसे नहीं हैं ?”

सम्मी : अरे, उसके पास तो तीन ही पैसे हैं, तीन पैसे से क्या – क्या लेगा?
(लोहे की दुकान के पास हामिद चिमटा खरीदता है।)

दोस्तों ने एक साथ सब
मज़ाक करते हुए : यह चिमटा क्यों लाया पगले! इसे क्या करेगा ?

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ई) बड़े-बुजुर्गों के प्रति आदर, श्रद्धा और स्नेह भावनाओं का महत्व अपने शब्दों में बताइए।
(या)
“हामिद में बड़े – बुजुर्गों के प्रति आदर, श्रद्धा और स्नेह की भावनाएँ थीं” – ईदगाह कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
पाठ का नाम : ईदगाह
पाठ का लेखक : प्रेमचंद
पाठ की विधा : कहानी

हमारे मानव जीवन में बडे – बुजुर्गों के प्रति आदर, श्रद्धा और स्नेह भावनाओं का बड़ा महत्व है। बडे – बुज़ुर्ग लोग हमारे जीवनदाता और हमारे सुखमय जीवन के मूल स्तंभ हैं। खासकर हमारी आमूल्य भारतीय संस्कृति हमें सुसंस्कार सिखाती है। बडे – बुज़ुर्ग लोग अनेक कष्ट – सुख झेलकर हमें सुख जीवन बिताने के योग्य बनाते हैं। वे बड़े अनुभवी और कर्तव्य परायण होते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण बडे बुजुर्गों का ख्याल रखना, आदर देते उनकी सेवा करना हमारा धर्म और कर्तव्य है। वे हमारे जीवन के मार्गदर्शक हैं।

वे बूढे होकर काम नहीं कर सकते हैं। ऐसी हालत में हमें आदर के साथ उनकी सहायता करनी चाहिए। उनकी हर आवश्यकता की पूर्ति अपना भाग्य और कर्तव्य समझना है। वे संतुष्ट होकर जो आशीश हमें देते हैं। वे बहुत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली होते हैं। उनके बताये अनुभव हमारे सुखमय जीवन के सोपान हैं। हमारे आदर और श्रद्धापूर्ण कार्यों से उनको नयी शक्ति मिलती है। वे कष्टदायी बुढापे को भी हँसते बिता सकते हैं। बड़ों का आदर करना हमारा कर्तव्य है। आज के बालक कल के नागरिक बनते हैं। उनमें भी बडे – बुज़ुर्गों के प्रति आदर – श्रद्धा ,स्नेह भावनाएँ जगानी चाहिए।

भाषा की बात

अ) कोष्ठक में दी गयी सूचना पढ़िए और उसके अनुसार कीजिए।
प्रश्न 1.
ईद, प्रभात, वृक्ष (एक – एक शब्द का वाक्य प्रयोग कीजिए और उसके पर्याय शब्द लिखिए।)
उत्तर:
वाक्य प्रयोग
ईद – ईद मुसलमानों का एक त्यौहार है। |
प्रभात – आज का प्रभात सुहावना है।
वृक्ष – वृक्ष मानव का परम मित्र हैं।

पर्याय शब्द
ईद – रमज़ान, पर्व, ईद – उल – फ़ितर, त्यौहार
प्रभात – प्रातःकाल, सवेरा
वृक्ष – पेड, तरु, पादप

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प्रश्न 2.
अपराधी, प्रसन्न (एक – एक शब्द का विलोम शब्द लिखिए और उससे वाक्य प्रयोग कीजिए।)
उत्तर:
विलोम शब्द
अपराधी x निरपराधी
प्रसन्न x अप्रसन्न

वाक्य प्रयोग अपराधी : अपराधी को ही दंड देना चाहिए। निरपराधी को दंड देना दंडनीति नहीं है।
प्रसन्न : वह हर दिन प्रसन्न रहता है लेकिन आज ही वह किसी कारण अप्रसन्न दिख रहा है।

प्रश्न 3.
मिठाई, चिमटा, सड़क (एक – एक शब्द का वचन बदलिए और वाक्य प्रयोग कीजिए।
उत्तर:
वचन
मिठाई – मिठाइयाँ
चिमटा – चिमटे
सड़क – सड़कें

वाक्य प्रयोग
मिठाई : मेरे दादाजी हर साल 15 अगस्त के दिन सबको मिठाइयाँ बाँटते हैं।
चिमटा : लोहे की दूकान में कई चिमटे हैं।
सड़क : भारत देश में तीन प्रकार की सड़कें हैं।

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आ) सूचना पढ़िए और उसके अनुसार कीजिए।
प्रश्न 1.
बेसमझ, सद्भाव, निडर (उपसर्ग पहचानिए।)
उत्तर:
बेसमझ – बे ; सद्भाव – सत् । निडर – नि

प्रश्न 2.
दुकानदार, भड़कीला, ग़रीबी (प्रत्यय पहचानिए।)
उत्तर:
दुकानदार – दार ; भड़कीला – ईला ; गरीबी – ई

प्रश्न 3.
मीठा, प्रसन्न, बूढ़ा (भाववाचक संज्ञा में बदलिए।)
उत्तर:
मीठा – मिठास ; प्रसन्न – प्रसन्नता; बूढा – बुढापा

इ) इन्हें समझिए और अभ्यास कीजिए।
प्रश्न 1.
हामिद के बाज़ार से आते ही अमीना ने उसे छाती से लगा लिया।
उत्तर:
यहाँ अपादान कारक “से” का प्रयोग किया गया है।

प्रश्न 2.
हामिद ने कहा कि घर की देखरेख दादी ने की।
उत्तर:
इस वाक्य में “कि’ का प्रयोग जोडनेवाले शब्द समुच्चयबोधक के रूप में हुआ। “की” का प्रयोग संबंध कारक और क्रिया रूप में हुआ।

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ई) 1. नीचे दिया गया उदाहरण समझिए। उसके आधार पर दिये गये वाक्य बदलिए।
AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 2 ईदगाह 1 AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 2 ईदगाह 2

2. पाठ में आये मुहावरे पहचानिए और अर्थ लिखकर वाक्य प्रयोग कीजिए।
1. आह भरना = कष्ट या दुख के कारण ठंडी साँस भरना।
ठंडी आह भरते हुए वह वहाँ से चला गया।

2. सिर झुकाना = नतमस्तक हो जाना।
बड़ों के सामने हमें विनय से सिर झुकाना चाहिए।

3. गले मिलना = प्यार से गले लिपटना/आलिंगन करना
राम ने लक्ष्मण को गले मिला लिया।

4. मज़ाक करना = उपहास करना, परिहास करना
हमें कभी किसी का मज़ाक करना नहीं चाहिए।

5. धावा बोलना = आक्रमण करना
सब बच्चे मिठाई दुकानों पर धावा बोल देते हैं।

6. मन ललचाना = इच्छा करना
मिठाइयों को देखकर बच्चों का मन ललचाना स्वाभाविक ही है।

7. दिल कचोटना = दिल में वेदना होना/दुःखित होना
बूढी दादी अमीना का दिल कचोट रहा है।

8. गदगद हो जाना = प्रसन्नता से फूले न समाना
बूढ़ी माँ को देखकर बेटे का मन गद्गद हो गया ।

9. दिल बैठ जाना निराश होना
कीमत जानकर उसका दिल बैठ गया।

10. भेंट होजाना = मर जाना
गाडी बहुत तेज़ चलाने से चालक की भेंट हुई।

11. छाले पड़ना . = धिक्कत होना (चलते समय)
चप्पल के बिना चलने से छाले पडती हैं।

12. माथे पर हाथ रखना = शोक करना
पिता की मृत्यु पर उसने माथे पर हाथ रखा।

13. पीली पडना – = बीमार पड़ना
हरी सब्ज़ी न खाने से पीले पडजाते हैं।

14. परलोक सिधारना मरजाना
बीमारी के कारण उसने परलोक सिंधारा|

परियोजना कार्य:

वरिष्ठ नागरिकों (वयोवृद्धों) के प्रति आदर – सम्मान की भावना से जुड़ी कोई कहानी ढूँढकर लाइए। कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
“पित्रु भक्त बालक’
श्रवण कुमार का नाम इतिहास में मातृभक्ति और पितृभक्ति के लिए अमर रहेगा। ये कहानी उस समय की है जब महाराज दशरथ अयोध्या पर राज किया करते था बहुत समय पहले त्रेतायुग में श्रवण कुमार नाम का एक बालक था। श्रवण के माता – पिता अंधे थे। श्रवण अपने माता – पिता को बहुत प्यार करता था। उसकी माँ ने बहुत कष्ट उठाकर श्रवण को पाला था। जैसे – जैसे श्रवण बड़ा होता गया, अपने माता – पिता के कामों में अधिक से अधिक मदद करता गया।

सुबह उठकर श्रवण माता – पिता के लिए नदी से पानी भरकर लाता। जंगल से लकड़ियाँ लाता। चूल्हा जलाकर खाना बनाता। माँ उसे मना करतीं।

“बेटा श्रवण, तू हमारे लिए इतनी मेहनत क्यों करता है? भोजन तो मैं बना सकती हूँ। इतना काम करके तू थक जाएगा।”

“नहीं माँ, तुम्हारे और पिताजी का काम करने में मुझे जरा भी थकान नहीं होती। मुझे आनंद मिलता है। तुम देख नहीं सकतीं।रोटी बनाते हुए, तुम्हारे हाथ जल जाएँगे।”

“हे भगवान! हमारे श्रवण जैसा बेटा हर माँ – बाप को मिले। उसे हमारा कितना खयाल है।” माता – पिता श्रवण को आशीर्वाद देते न थकते।

श्रवण के माता – पिता रोज भगवान की पूजा करते। श्रवण उनकी पूजा के लिए फूल लाता, बैठने के लिए आसन बिछाता। माता – पिता के साथ श्रवण भी पूजा करता।

माता – पिता की सेवा करता श्रवण बड़ा होता गया। घर के काम पूरे कर, श्रवण बाहर काम करने जाता। अब उसके माता – पिता को काम नहीं करना होता।

एक दिन श्रवण के माता – पिता ने कहा –
“बेटा, तुमने हमारी सारी इच्छाएँ पूरी की हैं। अब एक इच्छा बाकी रह गई है।”

“कौन – सी इच्छा माँ? क्या चाहते हैं पिताजी? आप आज्ञा दीजिए। प्राण रहते आपकी इच्छा पूरी करूँगा।”

“हमारी उमर हो गई अब हम भगवान के भजन के लिए तीर्थ यात्रा पर जाना चाहते हैं बेटा। शायद भगवान के चरणों में हमें शांति मिले।”

“श्रवण सोच में पड़ गया। उन दिनों आज की तरह बस या रेलगाड़ियाँ नहीं थी। वे लोग ज्यादा चल भी नहीं सकते थे। माता-पिता की इच्छा कैसे पूरी करूँ, यह बात सोचते-सोचते श्रवण को एक उपाय सूझ गया। श्रवण ने दो बड़ी – बड़ी टोकरियाँ लीं। उन्हें एक मज़बूत लाठी के दोनों सिरों पर रस्सी से बाँधकर लटका दिया। इस तरह एक बड़ा काँवर बन गया। फिर उसने माता – पिता को गोद में उठाकर एक – एक टोकरी में बिठा दिया। लाठी कंधे पर टाँगकर श्रवण माता-पिता को तीर्थ यात्रा कराने चल पड़ा।

श्रवण एक – एक कर उन्हें कई तीर्थ स्थानों पर ले जाता है। वे लोग गया, काशी, प्रयाग सब जगह गए। माता – पिता देख नहीं सकते थे इसलिए श्रवण उन्हें तीर्थ के बारे में सारी बातें सुनाता। माता – पिता बहुत प्रसन्न थे। एक दिन माँ ने कहा -“बेटा श्रवण, हम अंधों के लिए तुम आँखें बन गए हो। तुम्हारे मुँह से तीर्थ के बारे में सुनकर हमें लगता है, हमने अपनी आँखों से भगवान को देख लिया है।”

“हाँ बेटा, तुम्हारे जैसा बेटा पाकर, हमारा जीवन धन्य हुआ। हमारा बोझ उठाते तुम थक जाते हो, पर कभी उफ़ नहीं करते।” पिता ने भी श्रवण को आशीर्वाद दिया।

“ऐसा न कहें पिताजी, माता – पिता बच्चों पर कभी बोझ नहीं होते। यह तो मेरा कर्तव्य है। आप मेरी चिंता न करें।”

एक दोपहर श्रवण और उसके माता – पिता अयोध्या के पास एक जंगल में विश्राम कर रहे थे। माँ. को प्यास लगी। उन्होंने श्रवण से कहा – बेटा, क्या यहाँ आसपास पानी मिलेगा? धूप के कारण प्यास लग रही है।

“हाँ, माँ। पास ही नदी बह रही है। मैं जल लेकर आता हूँ।”

श्रवण कमंडल लेकर पानी लाने चला गया।
अयोध्या के राजा दशरथ को शिकार खेलने का शौक था। वे भी जंगल में शिकार खेलने आए हुए थे। श्रवण ने जल भरने के लिए कमंडल को पानी में डुबोया। बर्तन में पानी भरने की आवाज़ सुनकर राजा दशरथ को लगा कोई जानवर पानी पीने आया है। राजा दशरथ आवाज़ सुनकर, अचूक निशाना लगा सकते थे। आवाज के आधार पर उन्होंने तीर मारा। तीर सीधा श्रवण के सीने में जा लगा। श्रवण के मुँह से ‘आह’ निकल गई।

राजा जब शिकार को लेने पहुंचे तो उन्हें अपनी भूल मालूम हुई। अनजाने में उनसे इतना बड़ा अपराध हो गया। उन्होंने श्रवण से क्षमा माँगी।

“मुझे क्षमा करना ए भाई। अनजाने में अपराध कर बैठा। बताइए मैं आपके लिए क्या कर सकता हूँ?” “राजन, जंगल में मेरे माता – पिता प्यासे बैठे हैं। आप जल ले जाकर उनकी प्यास बुझा दीजिए। मेरे विषय में उन्हें कुछ न बताइएगा। यही मेरी विनती है।” इतना कहते – कहते श्रवण ने प्राण त्याग दिए।

दुखी हृदय से राजा दशरथ, जल लेकर श्रवण के माता – पिता के पास पहुँचे। श्रवण के माता – पिता अपने पुत्र के पैरों की आहट अच्छी तरह पहचानते थे। राजा के पैरों की आहट सुन वे चौंक गए।

“कौन है? हमारा बेटा श्रवण कहाँ है?” बिना उत्तर दिए राजा ने जल से भरा कमंडल आगे कर, उन्हें पानी पिलाना चाहा, पर श्रवण की माँ चीख पड़ी-

“तुम बोलते क्यों नहीं, बताओ हमारा बेटा कहाँ है?”
“माँ, अनजाने में मेरा चलाया बाण श्रवण के सीने में लग गया। उसने मुझे आपको पानी पिलाने भेजा है। मुझे क्षमा कर दीजिए।” राजा का गला भर आया।

“हाँ श्रवण, हाय मेरा बेटा” माँ चीत्कार कर उठी। बेटे का नाम रो – रोकर लेते हुए, दोनों ने प्राण त्याग दिए। पानी को उन्होंने हाथ भी नहीं लगाया। प्यासे ही उन्होंने इस संसार से विदा ले ली। सचमुच श्रवण कुमार की माता – पिता के प्रति भक्ति अनुपम थी। जो पुत्र माता-पिता की सच्चे मन से सेवा करते हैं, उन्हें श्रवण कुमार कहकर पुकारा जाता है। सच है, माता – पिता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है।

कहा जाता है कि राजा दशरथ ने बूढे माँ-बाप से उनके बेटे को छीना था। इसीलिए राजा दशरथ को भी पुत्र वियोग सहना पड़ा रामचंद्र जी चौदह साल के लिए वनवास को गए। राजा दशरथ यह वियोग नहीं सह पाए। इसीलिए उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए।

ईदगाह Summary in English

It was the day of ‘Eid festival, after the completion of Ramzan month. That day was pleasant and wonderful with enchanting nature. In that village the arrangements to go to Idgah were being made with much enthusiasm and fervour. The atmosphere of the village is luminous with religious righteousness.

The children were happier than others. They wanted to enjoy the celebration themselves. Of them, Mahmood had got 12 paise with him and Mohasin had got 15 paise with him. The children wanted to buy toys, eatables etc., with the money they had. A boy named Haamid seemed very happy on that day. He was a poor and innocent boy. He was a thin, five – year old boy. His father died of cholera whereas his mother died while absconding for some reason. Haamid was living with his grandmother Ameena. He would think that his father had gone for earning money and his mother had gone to bring some good things from Allahmiya. So he was very happy. He had no sandals for his feet. He wore an old and dirty cap. Yet, he was happy.

On that day, his grandmother Ameena who was left destitute sat in her small room and was weeping. There were no food grains to cook. She felt sorry for her grandson Haamid. Every child in the village was taking part in the celebrations along with his father. She too wanted to take Haamid to see the celebrations but she stayed at home thinking who would cook Semiya if she didn’t stay at home.

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 2 ईदगाह

The procession started from the village towards the idgah. Haamid convinced his grandmother and went along with other children. The crowds, clad in new clothes, reached the place where the ‘Eid’ celebration was to be held. No sooner did they finish Namaz, than they ran towards toyshops. Mohasin, Mahamood, Noore and Sammee bought toys they liked. But Haamid was observing the toys with desirous looks. He had got only 3 paise with him. Later, the children bought eatables for them. They asked Haamid if he had got any money with him and made fun of him. Haamid kept quiet.

Passing by the utensil shops, Haamid wanted to buy a spatula for his grandmother with the intention that her fingers wouldn’t burn while taking rotis from the pan. He asked the shopkeeper what its price was. The shopkeeper said that its price was 6 paise, Haamid got disappointed. Yes, he bargained with the shopkeeper over the price of it and bought it with 3 paise that he had got with him. He felt proud of buying the spatula and came to his friends keeping it on his shoulders like a gun. On seeing this his friends laughed at him.

When Haamid reached home, Ameena fondled him with affection. She was startled on seeing a spatula in this hand. She asked him why he had bought it without drinking or eating with the money he had. He said that he had bought it for her sake because she was burning her fingers while taking rotis from the pan. Her anger disappeared and she felt very happy that her grandson showed a great concern for her safety. She shed tears for the sacrifice he had done even at a tender age.

ईदगाह Summary in Telugu

రంజాన్ పూర్తి నెల రోజుల తర్వాత ఈ రోజే ఈద్ పండుగ వచ్చింది. ఎంత మనోహరం, ఎంత ఆహ్లాదకరమైన ప్రభాతం (ఉదయం). చెట్లపై అద్భుతమైన పచ్చదనం ఉన్నది. పంట పొలాలలో అద్భుతమైన కాంతి ఉన్నది. ఆకాశంలో అద్భుతమైన ఎర్రదనం ఉంది. ఈ రోజు సూర్యుణ్ణి చూడండి, ఎంత అందంగా, ఎంత చల్లగా ఉన్నాడో. ప్రపంచానికి ఈద్ శుభాకాంక్షలు తెలియజేయుచున్నట్లున్నాడు. ఈద్ గాహ్ కు వెళ్ళడానికి ఏర్పాట్లు జరుగుచున్నవి.

పిల్లలు అందరికంటే సంతోషంగా ఉన్నారు. మాటమాటకి జేబుల్లోని ఖజానా తీసి లెక్కలేసుకుంటున్నారు. మహమూద్ లెక్క వేసుకుంటున్నాడు – ఒకటి – రెండు – పది – పన్నెండు. అతని వద్ద 12 పైసలు కలవు. మొహసిన్ వద్ద 15 పైసలు కలవు. దీంతో లెక్కలేనన్ని వస్తువులు తెస్తా – బొమ్మలు, మిఠాయిలు, ఈలలు, బంతి మరియు లెక్కలేనన్ని. వీరందరికంటే హామిద్ చాలా సంతోషంగా ఉన్నాడు. అతడు అమాయక ముఖం కల 4 – 5 సం||ల బక్కపలుచని బాలుడు. తన తండ్రి గత సం||రం కలరా వల్ల చనిపోయెను. తల్లి కారణం తెలియకుండా ఎందుకో పాలిపోతూ ఒక రోజు చనిపోయింది. చివరికి ఇలా ఎందుకు జరిగిందో ఎవరికీ తెలియదు. ఆమె కూడా పరలోక ప్రాప్తి చెందినది.

ఇప్పుడు హామిద్ తన పేద అమీనా నానమ్మ ఒళ్ళో నిద్రపోతూ అంతే సంతోషంగా ఉన్నాడు. తన అబ్బాజాన్ డబ్బు సంపాదించడానికి వెళ్ళాడు. అమ్మీజాన్ అల్లామియా ఇంటి నుండి అతనికి చాలా మంచి మంచి వస్తువులను తేవడానికి వెళ్ళింది. అందుకే హామిద్ చాలా సంతోషంగా ఉన్నాడు. హామిద్ కాళ్ళకు చెప్పులు లేవు. తలపై ఒకపాత టోపి ఉంది. అది కూడా నల్లగా మాసిపోయి ఉంది. అయినప్పటికీ అతడు సంతోషంగా ఉన్నాడు.

అభాగ్యురాలైన (నిర్భాగ్యురాలు) అమీనా తన చిన్న గదిలో కూర్చుని ఏడుస్తూ ఉంది. ఈ రోజే ఈద్ పండుగ రోజు. తన ఇంటిలో తిండి గింజలు కూడా లేవు. కానీ హామిద్ ! అతని లోపల ప్రకాశం ఉంది. బయట ఆశాకిరణం ఉంది. హామిద్ లోపలికి వెళ్ళి నానమ్మతో ఈ విధంగా అంటున్నాడు నీవేమి భయపడవద్దమ్మా ! నేను అందరి కంటే ముందలే వస్తా. ఏమీ భయపడవద్దు”.

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 2 ईदगाह

అమీనా హృదయం చివుక్కుమంటోంది. గ్రామంలోని పిల్లలు తమ తండ్రులతో వెళ్ళుతున్నారు. హామిద్ కి అమీనా తప్ప ఎవరున్నారు ? గుంపులో నుండి పిల్లవాడు ఎక్కడన్నా తప్పిపోతే ఏమవుతుంది? మూడు కోసుల దూరం ఎలా నడుస్తాడు ? పాదాలకు బొబ్బలెక్కుతాయి. చెప్పులు (బూట్లు) కూడా లేవాయె. పోనీ నేను కొంచెం దూరం వెళ్ళి, కొంచెం దూరం ఎత్తుకుని నడిస్తే బాగానే ఉంటుంది. కానీ ఇక్కడ సేమియా వండేది ఎవరు ? డబ్బులుంటే తిరిగి వచ్చేటప్పుడు అన్ని సరుకులు తీసుకువచ్చి, తయారుచేయవచ్చు.

గ్రామం నుండి తిరునాల (ఉత్సవం, ఊరేగింపు) బయలుదేరింది. పిల్లలతో హామిద్ వెళ్ళుచున్నాడు. పట్టణానికి చెందిన పర్వత శిఖర దిగువభాగం వచ్చింది. రోడ్డుకిరువైపులా ధనవంతుల తోటలున్నాయి. పెద్ద – పెద్ద ఇళ్ళు (కట్టడాలు), కోర్టులు, కాలేజీ, క్లబ్బు, ఇళ్ళు మొదలగునవన్నీ కనబడుతున్నవి. ఈ గాహ్ కు వెళ్ళే గుంపులు కన్పిస్తున్నాయి. ఒకరిని మించి మరొకరు విలువైన (ఖరీదైన) వస్త్రాలను ధరించియున్నారు. ఒక్కసారిగా ఈద్ గాప్ కన్పించింది. అక్కడే ఈద్ తిరునాల (ఉత్సవం) కన్పించింది. నమాజు పూర్తి కాగానే పిల్లలందరూ మిఠాయిలు ఆటబొమ్మల దుకాణాలపై విరుచుకుపడ్డారు. హామిద్ దూరంగా నిలబడి ఉన్నాడు. అతని వద్ద కేవలం మూడు పైసలు మాత్రమే ఉన్నాయి.

మొహసిన్ నీళ్ళు మోసే అమ్మాయి బొమ్మ కొంటాడు, మహమూద్ సిపాయి బొమ్మ కొంటాడు, నూరే లాయర్ బొమ్మను, సమ్మీ “చాకలి” (బట్టలు ఉతికే మనిషి) బొమ్మను కొంటారు. హామిద్ ఆశాపూర్వక దృష్టితో ఆ బొమ్మలను చూస్తాడు. అతడు తన్ను తానే ఈ విధంగా నచ్చచెప్పుకుంటున్నాడు. “అవన్నీ మట్టి బొమ్మలేగా. క్రిందపడితే పగిలిపోతవి” తర్వాత మిఠాయి దుకాణాలు వస్తాయి. ఒకరు మిఠాయి ఒకరు సోహన్ హల్వా, ఒకరు గులాబ్ జామున్, మరొకరు నువ్వుల జీడి కొన్నారు. మొహసిన్ ఒరే హామిద్ నువ్వుల జీడీలు తీసుకోరా ఎంత సువాసనగా ఉన్నాయో అని అన్నాడు. అప్పుడు హామిద్ ఉంటే ఉండనీయి. నా దగ్గర డబ్బులు లేవా ఏంటి ? అని అన్నాడు. అప్పుడు సమ్మీ ‘అబ్బో నీ దగ్గర మూడు పైసలేగా ఉన్నాయి. “మూడు పైసలతో ఏమేమి కొంటావ్?” అని ప్రశ్నించాడు. హామిద్ మౌనంగా ఉండిపోయాడు.

మిఠాయిల తర్వాత లోహపు పాత్రలు అమ్మే దుకాణాలు వస్తాయి. అక్కడ ఎన్నో అట్లకాడలు ఉన్నాయి. వాటిని చూడగానే “నానమ్మ దగ్గర అట్లకాడ లేదు. రొట్టెలు కాల్చేటప్పుడు చేతివేళ్ళు కాలుతున్నాయి. అనే విషయం హామిదకు గుర్తుకు వస్తుంది. ఒకవేళ అట్లకాడ కొని తీసుకువెళ్ళి నానమ్మకు ఇస్తే ఎంత సంతోషిస్తుంది ? మరల తన వేళ్ళు ఎప్పటికీ కాలవు కదా! నానమ్మ ఈ అట్లకాడ చూడగానే పరుగున వచ్చి నా దగ్గర నుండి లాక్కుని “నా కొడుకు నా కోసం అట్లకాడ తెచ్చాడు అని అంటుంది. దాన్ని ఇరుగు – పొరుగు ఆడవాళ్ళకు చూపుతుంది. వేలకొలది దీవెనలిస్తుంది. గ్రామం అంతా ఈ విషయం పై చర్చ జరుగుతుంది. హామిద్ అట్లకాడ తెచ్చాడు. ఎంత మంచి పిల్లవాడు. పెద్దల దీవెనలు సరిగ్గా అల్లా కోర్టుకి చేరతాయి. వెంటనే దేవుడు వింటాడు.’ అని అనుకుంటాడు. హామిద్ దుకాణదారుణ్ణి అట్లకాడ వెల ఎంత అని అడుగుతాడు దాని ధర “6” (ఆరు) పైసలు అని విన్న హామిదకు గుండె జారిపోతుంది.
కోరులు ప్వత శిఖర దిగువభారం ఉత్సవం, ఊరేగింపు

గుండె ధైర్యం తెచ్చుకుని హామిద్ “3” పైసలకిస్తావా? అని అడుగుతాడు. దుకాణదారుడు అలానే ఇస్తాడు. హామిద్ దానిని తుపాకీలా భుజంపై పెట్టుకుని గర్వంతో తన స్నేహితుల దగ్గరకు వస్తాడు. అప్పుడు స్నేహితులంతా ఎగతాళిగా “ఈ అట్లకాడ ఎందుకు తెచ్చేవురా, పిచ్చివాడా, దీన్ని ఏం చేసుకుంటావ్?” అని అంటారు, ఎగతాళి (హేళన) చేస్తారు.
ఇంటికి రాగానే అమీనా, హామిద్ మాట విని పరుగెత్తుకుంటూ వచ్చి ఒడిలోకి తీసుకుంటుంది. ప్రేమతో, ఒక్కసారిగా అతని చేతిలోని అట్లకాడ చూసి ఉలిక్కిపడుతుంది. ‘ఈ అట్లకాడ ఎక్కడిది? “తిరునాలలో కొన్నానమ్మా’ – ఎన్ని పైసలకు? మూడు పైసలకు.
అమీనా తన తలపై చేయి పెట్టుకుని బాధతో ఈ తెలివి తక్కువ పిల్లగాడెక్కడోడమ్మా? మధ్యాహ్నమైంది. ఏమీ తినలేదు. త్రాగలేదు. అట్లకాడ తెచ్చాడట. తిరునాల్లో ఇంకా నీకు ఏమి కన్పించలేదటగా, ఈ ఇనుప అట్లకాడ తెచ్చావు? అని అంది. అప్పుడు అపరాధభావంతో హామిద్ “అమ్మా పెనం మీద నుండి రొట్టెలు తీసేటప్పుడు నీ వేళ్ళు కాలుతూ ఉంటే చూడలేకపోతున్నానమ్మా! అందుకే తెచ్చాను’ అని చెప్పెను.
అమీనా కోపం వెంటనే స్నేహంగా మారిపోయింది. అది మూగస్నేహం. పిల్లల్లో ఎంత త్యాగం, ఎంత సద్భావన, ఎంత వివేకం ఉంటుంది. ఇతరులు ఆటబొమ్మలు కొనడం, మిఠాయిలు తినడం చూసి తన మనస్సు ఎంత ఆశకు గురి అయి ఉంటుంది ? అప్పుడు కూడా ఈ ముసలి నానమ్మ గుర్తుకు వచ్చింది. అమీనా మనస్సు గద్గదమై పోయినది. చేతులు జోడించి హామీద ను ఆశీర్వదిస్తూ కళ్ళవెంబడి పెద్ద పెద్ద కన్నీటి బిందువులను రాలుస్తుంది. హామిదకు దీని రహస్యం ఏమి అర్థమవుతుంది?

अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता

2 Marks Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो या तीन वाक्यों में लिखिए।

प्रश्न 1.
मेले में हामिद द्वारा खरीदे गये चिमटे को देखकर अमीना ने क्या कहा?
उत्तर:
मेले में हामिद द्वारा खरीदे गये चिमटे को देखकर अमीना ने कहा “यह कैसा बेसमझ लडका है कि दोपहर हुई, कुछ खाया न पिया । लाया, क्या, चिमटा ! सारे मेले में तुझे और कोई चीज़ न मिली, जो यह लोहे का चिमटा उठा लाया।”

प्रश्न 2.
लेखक ‘प्रेमचंद’ के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
लेखक प्रेमचंद का हिंदी साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान है। आपका जन्म 31 जुलाई 1880 को काशी में हुआ। गरीब परिवार के प्रेमचंद ने कई कष्टों को झेलते अपना विद्याध्ययन पूरा किया। हिंदी में आपने लगभग एक दर्जन उपन्यास और तीन सौ से अधिक कहानियों की रचना की। इनकी कहानियाँ प्रभावशाली और रोचक हैं। उनमें पंचपरमेश्वर, बड़े घर की बेटी, कफ़न आदि प्रमुख हैं। अपने उपन्यासों में आपने सामाजिक कुरीतियों का खंडन किया। हिंदी साहित्य में आप उपन्यास सम्राट के नाम से मशहूर हुए हैं।

प्रश्न 3.
त्यौहार के दिन बच्चे अधिक खुश होते हैं। क्यों?
उत्तर:
त्यौहारों के समय बच्चे निम्नलिखित कारणों से अधिक खुश होते हैं –

  • बच्चों के माँ – बाप उनके लिए नये – नये कपडे लेते हैं।
  • घरों में अच्छे – अच्छे पकवान बनाते हैं। मित्र, बंधु – बांधव आदि से घर भर जाते हैं।
  • त्यौहारों के समय मेले – उत्सव आदि मनाये जाते हैं। इनमें भाग लेने के लिए बच्चे बहुत उत्सुक रहते हैं।

प्रश्न 4.
अमीना, हामिद का पालन – पोषण कैसे करती होगी?
उत्तर:
यह प्रश्न ईदगाह नामक कहानी पाठ से दिया गाय है। इसके लेखक मुंशी प्रेमचंद है। अमीना, हामिद को अपनी गोदी में सुलाती है। वह हामिद को बहुत प्रेम से देखा करती थी। वह अपनी असहायता से चिंतित थी। भीड़ में हामिद को अकेले भेजने पर डरती थी। घर में दाना तक न होने पर भी, हामिद को मेले में खरीदने के लिए तीन पैसे दिये। उसे अपने से भी.ज्यादा हामिद पर प्रेम था। वही उसके लिए माँ – बाप बन चुकी थी।

प्रश्न 5.
हामिद का चिमटा खरीदना कहाँ तक उचित है? – अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर:
हामिद का चिमटा खरीदना उचित है। क्योंकि उसकी दादी बूढ़ी हो गयी है। तवे से रोटियाँ उतारते समय उसकी उँगलियाँ जल जाती थीं। इससे दादी को बहुत पीड़ा होती थी। उन्हें इस पीड़ा से बचाने के लिए ही हामिद ने चिमटा खरीदा।

प्रश्न 6.
ईद के दिन हामिद बहुत खुश था। क्यों?
उत्तर:
हामिद भोली सूरत का चार – पाँच साल का दुबला – पतला लडका था। उसके माँ – बाप बीमारी के कारण चल बसे थे। वह अपनी बूढ़ी दादी अमीना के लालन – पालन में था। उससे कहा गया था कि उसके बाप’ रूपये कमाने गये हैं और माँ अल्लाह मियाँ के घर से उसके लिए बहुत सी अच्छी चीजें लाने गयी है। आशा तो बडी चीज है और प्यारी होती है। हामिद अपने मित्रों के साथ ईदगाह जाना चाहता था। इसलिए ईद के दिन हामिद बहुत खुश था।

प्रश्न 7.
प्रेमचंद के जीवन के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
प्रेमचंद का जन्म काशी में 31 जुलाई, 1880 को एक गरीब परिवार में हुआ। इनके बचपन का नाम धनपतराय श्रीवास्तव था। उन्हें उपन्यास सम्राट और कहानी सम्राट भी कहते हैं। गोदान, गबन, सेवासदन, निर्मला, कर्म भूमि, कायकल्प, प्रतिज्ञा और मंगल सूत्र आदि उपन्यास हैं। । पंचपरमेश्वर, बड़े घर की बेटी, कफ़न आदि कहानियाँ हैं।

प्रश्न 8.
मेले में तरह – तरह की चीज़ों को देखकर भी हामिद ने चिमटा ही क्यों खरीदा?
उत्तर:
मेले में तरह – तरह की चीज़ों को देखकर भी हामिद ने चिमटा ही खरीद लिया । क्योंकि उन्हें अपनी दादी अमीना का ख्याल आता है कि जब वह रोटियाँ तवे पर से उतारती तब उसकी उंगलियाँ जल जाने लगीं। उसे देखकर वह नहीं रह और सह सका । उसका दिल कोमल है।

प्रश्न 9.
ईद के मेले में कौन – कौन सी चीजें बालकों के मन को छूगयी?
उत्तर:
ईद के मेले में भिश्ती, सिपाही वकील, धोबिन आदि खिलौने जो मिट्टी से बने हैं और लोहे से बने हैं वे बालकों के मन को छू गयी। उसी प्रकार खाने की चीज़ रेवडियाँ गुलाबजामुन, सोहन हलवा आदि छूगयी।

प्रश्न 10.
हामिद के स्थान पर दादी होती तो क्या खरीदती?
उत्तर:
हामिद के स्थान पर दादी होती तो हामिद के लिए जूते खरीदती । क्योंकि हामिद के पैरों में जूते नहीं हैं। जब वह बाहर चलता है तो उसके पैरों में चप्पल न होने के कारण पैरों में छाले पडते हैं ।

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प्रश्न 11.
हामिद के पास और ज्यादा पैसे होते तो क्या – क्या खरीदता?
उत्तर:
हामिद के पास और ज्यादा पैसे होते तो वह अपने लिए खिलौने, खाने के लिए मिठाइयाँ आदि अन्य लडकों की तरह खरीदता | इतना ही नहीं कि सिर पर पहनने सफ़ेद टोपी, पैरों के लिए जूते आदि भी खरीदता।

प्रश्न 12.
हामिद के हाथ में चिमटा देखकर दादी ने क्या कहा?
उत्तर:
हामिद अपनी बूढी दादी अमीना के लिए मेले में तीन पैसों से चिमटा खरीद लाया । हामिद के हाथ में चिमटा देखकर दादी ने पूछा कि यह चिमटा कहाँ से लाये हो? बालक हामिद ने जवाब दिया कि मैं इसे मोल कर लाया हूँ अम्मा । तब उसे दुख हुआ कि कुछ खाये न पिये हामिद दोपहर तक खाली पेट रहकर अपने लिए चिमटा लाया । अमीना का मन गदगद् हो गया और उसे दुआएँ दी।

प्रश्न 13.
चिमटे का दाम सुनकर हामिद का दिल क्यों बैठ गया?
उत्तर:
मेले में हामिद अपनी बूढ़ी दादी अमीना के लिए लोहे की चीजों की दुकान में चिमटा खरीदना चाहा । उस के पास केवल तीन ही पैसे थे । दुकानदार से चिमटे का दाम पूछने पर उसने बताया कि चिमटे का दाम ‘छः पैसे हैं । इसलिए कीमत सुनकर हामिद का दिल बैठ गया ।

प्रश्न 14.
हामिद के स्थान पर आप होते तो दादी से कैसा व्यवहार करते?
उत्तर:
हामिद चार – पाँच साल का दुबला – पतला भोला – भाला लडका है। उसके माँ – बाप चल बसे है। बूढ़ी दादी अमीना ही उसकी देखभाल करने लगी है। हामिद बडों के प्रति आदर भाव रखनेवाला अच्छा लडका है। अपनी दादी के प्रति वह बडी श्रद्धा दिखाता है। ऐसे हामिद के स्थान पर मैं होता तो दादी से नम्र व्यवहार करता। उस की हर बात मान लेता। उसके कहे अनुसार चलने की कोशिश करता। उसे किसी प्रकार का कष्ट न पहुँचाने का प्रयत्न करके | उसे खुश और सुंतष्ट रखता।

अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता

4 Marks Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर छह पंक्तियों में लिखिए।

प्रश्न 1.
हामिद के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:

  • हामिद चार – पाँच साल का दुबला – पतला लडका हैं।
  • उसके माँ – बाप दोनों मर जाते हैं।
  • वह अपनी दादी अमीना का गोद में बढ़ता है।
  • उस में त्याग, सेवा, निस्वार्थ, बड़े बुजुर्गों के प्रति आदर भाव, स्नेह भाव, श्रद्धा भाव आदि भरपूर हैं।
  • वह अपनी बूढ़ी दादी अमीना के लिए एक चिमटा खरीदता है।
  • उस में सद्भाव और विवेक भी है।

प्रश्न 2.
हामिद के ईदगाह जाने के विषय को लेकर अमीना क्यों परेशान थी?
उत्तर:

  • हामिद चार – पाँच साल का दुबला – पतला लडका था।
  • हामिद के माँ – बाप मर गये थे। * वह गरीब लडका था।
  • वह बेसमझ लडका था। उसके सिर पर पुरानी फटी टोपी थी।
  • उसके पाँवों में जूते भी नहीं थे। मेला जाने तीन कोस पैदल चलना था।
  • उसके पैरों में छाले पड़ जायेंगे। गाँव के बच्चे अपने पिता के साथ जा रहे हैं।
  • हामिद का अमीना के सिवा कौन है? * भीड़ में बच्चा कहीं खोगया तो क्या होगा?
  • उपर्युक्त इन सारे अंशों के कारण अमीना परेशान थी ।

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प्रश्न 3.
अमीना का मन क्यों गद्गद् हो गया?
उत्तर:

  • हामिद बूढ़ी दादी अमीना के लिए मेले में तीन पैसों से चिमटा खरीदकर लाता है।
  • उसके पास केवल तीन ही पैसे हैं । उनके सारे दोस्त तरह – तरह के खिलौने और मिठाइयाँ खरीदते हैं।
  • हामिद अपनी दीदी अमीना रोटियाँ तवे से उतारते वक्त जलती उंगलियों को याद करके उसके लिए
  • चिमटा खरीदकर ले जाता है । * वह दुपहर तक खाली पेट रहता है । वह कुछ खाता – पीता तक नहीं ।
  • इसलिए अपने प्रति हामिद का प्यार, श्रद्धा, प्रेम और निस्वार्थ भावना को देखकर बूढी दादी अमीना का मन गद्गद् हो गया ।

प्रश्न 4.
मेले में कौन – कौन सी चीजें बिकती हैं?
उत्तर:

  • मेले में तरह – तरह की चीजें बिकती हैं।
  • मेले में खेलने खिलौने बिकती हैं । मिट्टी के खिलौने, लकडी के खिलौने, लोहे के खिलौने आदि कई प्रकार के खिलौने बिकती हैं।
  • इनके अलावा खाद्य पदार्थ जैसे रेवडियाँ, हलवा, तरह – तरह की मिठाइयाँ, गुलाबजामून आदि भी बिकती हैं।
  • मेले में इनके अलावा लोहे के सामान बेचनेवाले दूकान भी हैं जहाँ लोहे के सामान बिकते हैं ।
  • इनके अलावा बच्चों के लिए ‘हिमक्रीम’ (आईसक्रीम) भी बिकती है |

प्रश्न 5.
हामिद की निस्वार्थ भावना को कहानी के आधार पर बताइए ।
उत्तर:

  • हामिद भोला – भाला चार – पाँच साल का दुबला बालक है।
  • उसमें बड़ों के प्रति आदर की भावना है ।
  • बुजुर्गों के प्रति आदर, श्रद्धा, भक्ति, प्रेम, निस्वार्थ भावना, सेवा की प्रेरणा आदि हम हामिद में देख सकते हैं ।
  • हामिद में बड़ों के प्रति प्रेम तथा श्रद्धा के साथ – साथ नम्र भाव भी हैं ।
  • मेले में जब सारे दोस्त तरह – तरह के खिलौने खरीदते हैं और तरह – तरह की मिठाइयाँ खरीदकर खाते हैं तब हामिद उन्हें देखते भी ललचाता नहीं बल्कि अपने पास के तीन पैसों से बूढी दादी अमीना के लिए चिमटा खरीदकर ले जाता है ।
  • उसे ख्याल आता है कि उसकी बूढ़ी दादी अमीना जब तवे पर से रोटियाँ उतारती तब उसकी उंगलियाँ जल जाती है । इसे देख वह नहीं रह सकता और सह सकता ।
  • इससे हमें मालूम होता है कि हामिद में निस्वार्थ भावना है ।

अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता

8 Marks Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 8-10 पंक्तियों में लिखिए।

प्रश्न 1.
“नैतिक मूल्य भारतीय जीवन के प्रतिबिंब है।” ईदगाह कहानी के द्वारा स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:

  • भारतीय जीवन में नैतिक मूल्यों की महत्त्व है।
  • ईदगाह एक कहानी है। उसके लेखक प्रेमचंद है।
  • इस कहानी में एक छोटे से बालक हामिद के बारे में मार्मिक चित्रण है।
  • ईद के दिन हामिद ईदगाह जाता है।
  • दादी अमीना हामिद को तीन पैसे देती है।
  • हामिद मेले में मोल – तोल कर चिमटा खरीदता है।
  • हामिद को दादी की याद आती है।
  • दादी की उँगलियाँ जल जाती हैं तो वह देख नहीं पाता। – सहानुभूति, करुणा, त्याग आदि भावों से उसका दिल भरा हुआ है।
  • पोते के संस्कारों को देखकर दादी पुलकित हो जाती है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 2 ईदगाह

प्रश्न 2.
‘ईदगाह’ कहानी नैतिक मूल्यों का प्रतिबिंब है। सिद्ध कीजिए।
(या)
ईदगाह के मेले को दृष्टि में रखकर बताइए कि हामिद अपने साथियों से किस तरह अलग स्वभाव का लड़का है?
उत्तर:
उपन्यास सम्राट प्रेमचंद जी की सफल एवं असरदार कहानी है ईदगाह। यह आदर्शयुक्त, यथार्थवादी भावनाओं से भरपूर है। मानव जीवन में नैतिक मूल्यों का विकास करना इस कहानी का खास आशय है। बडे बुजुर्गों के प्रति आदर भाव रखने पर जोर दिया गया है।

हामिद चार – पाँच साल का दुबला – पतला – भोला भाला लडका है। उसके माँ – बाप चल बसे हैं। अपनी बूढी दादी अमीना की देखभाल वह करने लगा है। हामिद एकदम अच्छा और आशावान लडका है। उसके पैरों में जूते तक नहीं है।

आज ईद का दिन है। सारा वातावरण सुंदर और सुखदायी है। महमूद, मोहसिन ,नूरे, सम्मी हामिद के दोस्त हैं। सब बच्चे अपने पिता के साथ ईदगाह जानेवाले हैं। हामिद भी ईद की खुशियाँ मना रहा है। हामिद भी ईदगाह जाना चाहता है तो अमीना उसे अकेले भेजने डरने लगती है। इस पर हामिद उसे जल्दी आने की बात कहकर उसे धीरज बँधाता है। तब अमीना उसे तीन पैसे देकर ईदगाह भेजने राजी होती है।

सब लडके तीन कोस की दूरी पर स्थित ईदगाह पैदल जाते हैं। वहाँ नमाज़ के समाप्त होते ही सब बच्चे अपने मनपसंद खिलौने और मिठाइयाँ खरीदकर खुश रहते हैं। हामिद तो मिठाइयों को ललचाई आँखों से देखता है, मगर चुप रह जाता है। बाद लोहे की दूकान में अनेक चीजों के साथ चिमटे भी रखे हुए हैं। चिमटे को देखकर हामिद को अपनी दादी का ख्याल आता है। क्योंकि दादी के पास चिमटा नहीं है इसलिए रोज़ तवे से रोटियाँ उतारते उसके हाथ जल जाते हैं। वह सोचता है कि चिमटा ले जाकर दादी को देगा तो वह बहुत प्रसन्न होगी और उसके हाथ भी नहीं जलेंगे।

ऐसा सोचकर वह दुकानदार को तीन पैसे देकर चिमटा खरीदता है। सब दोस्त उसका मजाक उडाते हैं। इसकी परवाह न करके वह गर्व के साथ घर आकर दादी को चिमटा देता है तो पहले दादी नाराज़ होती है मगर हामिद के तुम्हारी उंगलियाँ जलती थी न इसलिए मैं इसे लिया लाया कहने पर उसका क्रोध प्रेम में बदल जाता है। हामिद के दिल के त्याग, सद्भाव और वियेकगुण से उसका मन गदगद होता है। खुशी के आँसू बहाती हामिद को दुआएँ देती हैं।

इस तरह ईदगाह के मेले की इस घटना दृष्टि में रखकर हम कह सकते हैं कि हामिद छोटा है फिर भी विवेक में, प्रेम में अपने साथियों से अलग स्वभाव का लडका है।

प्रश्न 3.
निर्धन लोग ईद – त्यौहार कैसे मनाते हैं? ‘ईदगाह’ कहानी को दृष्टि में रखकर उत्तर दीजिये।
उत्तर:
ईदगाह कहानी के कहानीकार श्री प्रेमचंद है। इनका जन्म सन् 1880 में हुआ। इन्होंने एक दर्जन उपन्यास और तीन सौ से अधिक कहानियों की रचना की।

त्यौहार मानव जीवन में खुशी और सजगता लाते हैं। खुशियाँ बाँटने में धनी और निर्धन का भेद – भाव नहीं। लेकिन अपने – अपने स्थाई के अनुसार वे त्यौहार मनाते हैं।

ईद का मूलमंत्र यह है कि ईद केवल खुशी मनाने का नहीं बल्कि खुशियाँ बाँटने और लोगों को खुशी में शामिल करने का दिन है। खुशी में पूरे समाज विशेष रूप से उन लोगों को शामिल किया जाना ” चाहिए। जो इसे खुशी के रूप में मनाने में असमर्थ होते हैं। इसलिए ईदगाह कहानी में हामिद निर्धन होने पर भी अधिक प्रसन्न था।

ईद का त्यौहार माने नये कपडे पहनकर खुशबू लगाकर ईदगाह के लिए घर से निकलना, नमाज़ के बाद एक-दूसरे से गले मिलना, ईद की मुबारक बात देना, अपने परिवार और मित्रों के साथ सैर – सपाटे पर निकल जाना ईद के दिन की यह परंपरा वर्षा से नहीं। सदियों से चला आ रहा है। कहानी में भी हामिद नमाज़ के बाद अपने मित्रों से गले मिलकर, सैर – सपाटे पर निकले तो उसके मित्र तरह – तरह के खिलौने खरीदते हैं।

यह त्यौहार भाईचारे का प्रतीक है। सभी इस दिन गले मिलते हैं। शतृता भूलकर मित्र बन जाते हैं। इस दिन न कोई छोटा होता है न बडा, न कोई धनी होता है। और न निर्धन। इस दिन बच्चे अपने निर्धनता पर ख्याल नहीं रखते । लेकिन हामिद जैसे कुछ बच्चे अपने निर्धनता को ख्याल में रखकर खेल – तमाशों तथा झूले का आनंद लेना, खिलौने खरीदना और भांति – भांति की मिठाइयों का आनंद लेते हैं। नये वस्त्र सिलवाते हैं।

ईद भ्रातृभाव का त्यौहार है। ईद-उल-फ़ितर के दौरान नमाज़ पढ़ने के बाद मीठी सेवाइयाँ खाई जाती हैं। इसलिए हामिद की दादी घर में कुछ पकाने का सामान न होने से सेवाइयाँ लाने के बारे में सोचती है।

ईद के दिन हर मुसलमान ईदगाह जाने के पहले “फ़ित्रा “के रूप में एक निश्चित राशी अल्लाह के राह में खर्च करता है ताकि निर्धन व असहाय लोग भी ईद के खुशियों में शामिल हो सकें।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 2 ईदगाह

प्रश्न 4.
अपने मित्रों द्वारा तरह- तरह के खिलौने और मिठाइयाँ खरीदे जाने पर भी हामिद ने चिमटा ही क्यों खरीदा?
उत्तर:
अपने मित्रों द्वारा तरह – तरह के खिलौने और मिठाइयाँ खरीदे जाने पर भी हामिद ने चिमटा ही खरीदता है – क्योंकि हामिद की दादी के पास चिमटा नहीं है। जब तवे से रोटियाँ उतार थी तो हाथ जल जाते थे। अगर वह चिमटा खरीदकर दादी के लिए ले जाता, तो वह बहुत प्रसन्न होगी। उनकी उँगलियाँ .. भी नहीं जलेंगी। उसकी प्रशंसा करके उसे दुआएँ देगी। ऐसा सोचकर वह चिमटा खरीदा। हामिद के. अंदर त्याग, सद्भाव और विवेक, प्रेम जैसे गुण विद्यामान थे। बड़ों के प्रति आदर भाव भी था। इसिलिए । वह अपने साथियों को खिलौने खरीदते या मिटाइयाँ खरीदते देखकर भी उसका मन नहीं ललचाया है। बल्कि बह तीन पैसों से चिमटा खरीदता है, उसमें निस्वार्थ भाव था। इसिलिए वह चिमटा ही खरीदा।

प्रश्न 5.
दादी और पोते के मार्मिक प्रेम को दर्शानेवाली कहानी के बारे में आप क्या जानते हैं?
(या) अपनी
पाठ्यपुस्तक में से मानवीय मूल्यों को प्रतिबिंबित कहानी के बारे में लिखिए ।
उत्तर:
रमज़ान के पूरे तीस रोज़ों के बाद आज ईद आयी है । ईदगाह जाने की तैयारियाँ हो रही हैं । लडके सबसे ज़्यादा प्रसन्न हैं । हामिद भी ज़्यादा प्रसन्न है । वह भोली सूरत का चार – पाँच साल का दुबला – पतला लडका है । उसके माँ – बाप दोनों चल बसे ।

हामिद अपनी बूढी दादी अमीना के लालन – पोषण में रहता है । ईद का दिन होने के नाते हामिद आज बहुत प्रसन्न है । आज वह मेले के साथ ईदगाह जाना चाहता है । उसके पैरों में जूते तक नहीं । तीन कोस पैदल ही चलना पडता है । इसलिए दादी अमीना को बडा दुख हुआ ।

हामिद कैसा ठहर सकता है । वह ईदगाह की ओर चल पडा । उसके जेब में केवल तीन पैसे हैं । नमाज़ खत्म हो गयी । लोग आपस में गले मिल रहे हैं। सब मिठाई और खिलौनों के दूकानों पर धावा करने लगे।

हामिद के दोस्त मिठाइयाँ और खिलौने खरीदते उसे ललचाने पर भी वह चुप रह गया । उसके पास केवल तीन ही पैसे हैं । वह लोहे की चीज़ों के दुकान के पास ठहर जाता है । उसे ख्याल आता है कि दादी के पास चिमटा नहीं है । तवे से रोटियाँ उतारती है तो हाथ जल जाते हैं |

अगर वह चिमटा ले जाकर दादी को दे दे-तो वह कितनी प्रसन्न होगी ? यह सोचकर हामिद तीन पैसों से चिमटा खरीदकर दादी को देने तैयार होता है । हामिद के दोस्तों ने उसका मज़ाक किया ।

अमीना चिमटा देखकर हामिद के त्याग, सद्भाव और विवेक पर मुग्ध हो जाती है । वह प्रेम से गदगद हो जाती है । वह हामिद को दुआएँ देती है।

प्रश्न 6.
चिमटे के द्वारा प्रेमचंद ने दादी और पोते के मार्मिक प्रेम को किस प्रकार दर्शाया?
उत्तर:
चिमटे के द्वारा प्रेमचंद ने दादी और पोते के मार्मिक प्रेम को इस प्रकार दर्शाया :
रमज़ान के पूरे तीस रोज़ों के बाद आज ईद आयी है | ईदगाह जाने की तैयारियाँ हो रही हैं । लडके सबसे ज़्यादा प्रसन्न हैं । हामिद भी ज़्यादा प्रसन्न है । वह भोली सूरत का चार – पाँच साल का दुबला – पतला लडका है । उसके माँ – बाप दोनों चल बसे ।

हामिद अपनी बूढी दादी अमीना के लालन – पोषण में रहता है । ईद का दिन होने के नाते हामिद आज बहुत प्रसन्न है । आज वह मेले के साथ ईदगाह जाना चाहता है । उसके पैरों में जूते तक नहीं । तीन कोस पैदल ही चलना पडता है । इसलिए दादी अमीना को बडा दुख हुआ ।

हामिद कैसा ठहर सकता है । वह ईदगाह की ओर चल पडा | उसके जेब में केवल तीन पैसे हैं । नमाज़ खत्म हो गयी । लोग आपस में गले मिल रहे हैं । सब मिठाई और खिलौनों के दूकानों पर धावा करने लगे।

हामिद के दोस्त मिठाइयाँ और खिलौने खरीदते उसे ललचाने पर भी वह चुप रह गया । उसके पास केवल तीन ही पैसे हैं । वह लोहे की चीज़ों के दुकान के पास ठहर जाता है । उसे ख्याल आता है कि दादी के पास चिमटा नहीं है | तवे से रोटियाँ उतारती है तो हाथ जल जाते हैं ।

अगर वह चिमटा ले जाकर दादी को दे दे-तो वह कितनी प्रसन्न होगी ? यह सोचकर हामिद तीन पैसों से चिमटा खरीदकर दादी को देने तैयार होता है । हामिद के दोस्तों ने उसका मज़ाक किया ।

अमीना चिमटा देखकर हामिद के त्याग, सद्भाव और विवेक पर मुग्ध हो जाती है। वह प्रेम से गदगद हो जाती है । वह हामिद को दुआएँ देती है।

AP SSC 10th Class Hindi Solutions Chapter 2 ईदगाह

प्रश्न 7.
हामिद की निस्वार्थ भावना को पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
अपनी दादी के प्रति हामिद की भावनाएँ संवेदनशील थीं। हामिद चार – पाँच साल का भोली सूरत वाला बालक है। उसके माता – पिता इस दुनिया में नहीं है। उसका एक मात्र सहारा उसकी दादी है। जो कि बहुत ही गरीब है। ईद के दिन भी उसके घर में अन्न का एक दाना तक नहीं है। दादी बड़ी मुश्किल से तीन पैसे जुटा कर देती है हामिद को । ईदगाह जाकर सब बच्चे तरह – तरह के खिलौने, मिठाइयाँ आदि खरीदते हैं। हामिद का मन भी ललचाता है । किंतु वह तुरंत अपने मन को समझा लेता है कि ये मिट्टी के खिलौने हैं। जो गिरकर चकनाचूर हो जायेंगे और मिठाई खाने से क्षणिक खुशी मिलेगी। इससे कोई फायदा नहीं है। लोहे की दुकान पर चिमटों को देखकर हामिद को अपनी दादी का ख्याल आता है। क्योंकि उसके घर में चिमटा नहीं है। तवे से रोटियाँ उतारते समय दादी की उँगलियाँ जल जाती थीं। उन्हें बहुत पीडा होती थी। दादी की पीड़ा को दूर करने के लिए उनकी खुशी के लिए ही हामिद ने तीन पैसे देकर चिमटा खरीदा। ताकि दादी को खुशी हो और सुख मिले।

दादी के प्रति निस्वार्थ, त्याग, सद्भावना, प्रेम, विवेक, आदर, श्रद्धा, संवेदनशील, कर्तव्य परायण आदि भावनाएँ हामिद में हैं।

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 11 Trigonometry Optional Exercise

AP State Syllabus SSC 10th Class Maths Solutions 11th Lesson Trigonometry Optional Exercise

AP State Board Syllabus AP SSC 10th Class Maths Textbook Solutions Chapter 11 Trigonometry Optional Exercise Textbook Questions and Answers.

10th Class Maths 11th Lesson Trigonometry Optional Exercise Textbook Questions and Answers

Question 1.
Prove that
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 11 Trigonometry Optional Exercise 2
Answer:
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 11 Trigonometry Optional Exercise 1
Hence Proved.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 11 Trigonometry Optional Exercise

Question 2.
Prove that [latex]\frac{\sin \theta-\cos \theta+1}{\sin \theta+\cos \theta-1}[/latex] = [latex]\frac{1}{\sec \theta-\tan \theta}[/latex] using the identity sec2 θ = 1 + tan2 θ.
Answer:
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 11 Trigonometry Optional Exercise 3
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 11 Trigonometry Optional Exercise 4
From (1) and (2), we get L.H.S. = R.H.S.
Hence Proved.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 11 Trigonometry Optional Exercise

Question 3.
Prove that (cosec A – sin A) (sec A – cos A) = [latex]\frac{1}{\tan A+\cot A}[/latex]
Answer:
L.H.S. = (cosec A – sin A) (sec A – cos A)
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 11 Trigonometry Optional Exercise 5
Now
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 11 Trigonometry Optional Exercise 6
From (1) and (2), we get
L.H.S. = R.H.S.
∴ (cosec A – sin A) (sec A – cos A) = [latex]\frac{1}{\tan A+\cot A}[/latex]

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 11 Trigonometry Optional Exercise

Question 4.
Prove that [latex]\frac{1+\sec A}{\sec A}[/latex] = [latex]\frac{\sin ^{2} A}{1-\cos A}[/latex]
Answer:

Question 5.
Prove that [latex]\left(\frac{1+\tan ^{2} A}{1+\cot ^{2} A}\right)[/latex] = [latex]\left(\frac{1+\tan A}{1+\cot A}\right)^{2}[/latex] = tan2 A
Answer:
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 11 Trigonometry Optional Exercise 8
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 11 Trigonometry Optional Exercise 9

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 11 Trigonometry Optional Exercise

Question 6.
Prove that [latex]\left(\frac{\sec A-1}{\sec A+1}\right)[/latex] = [latex]\left(\frac{1-\cos A}{1+\cos A}\right)[/latex]
Answer:
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 11 Trigonometry Optional Exercise 10
∴ L.H.S. = R.H.S.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 10 Mensuration Optional Exercise

AP State Syllabus SSC 10th Class Maths Solutions 10th Lesson Mensuration Optional Exercise

AP State Board Syllabus AP SSC 10th Class Maths Textbook Solutions Chapter 10 Mensuration Optional Exercise Textbook Questions and Answers.

10th Class Maths 10th Lesson Mensuration Optional Exercise Textbook Questions and Answers

Question 1.
A golf ball has diameter equal to 4.1 cm. Its surface has 150 dimples each of radius 2 mm. Calculate total surface area which is exposed to the surroundings. (Assume that the dimples are all hemispherical) [π = [latex]\frac{22}{7}[/latex]]
Answer:
Area exposed = surface area of the ball – total area of 150 hemispherical with radius 2 mm
∴ C.S.A of hemisphere = 2πr2
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 10 Mensuration Optional Exercise 1
= 52.831 – 37.71 = 15.12 cm2.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 10 Mensuration Optional Exercise

Question 2.
A cylinder of radius 12 cm. contains water to a depth of 20 cm. A spherical iron ball is dropped into the cylinder and thus the level of water is raised by 6.75 cm. Find the radius of the ball. [π = [latex]\frac{22}{7}[/latex]]
Answer:
Rise in the water level is seen as a cylinder of radius ‘r’ = 12 cm
Height, h = 6.75 cm.
Volume of the rise = Volume of the spherical iron ball dropped
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 10 Mensuration Optional Exercise 3
= 9 × 12 × 6.75
= 108 × 6.75
= 729
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 10 Mensuration Optional Exercise 2
r3 = 9 × 9 × 9
∴ 729 = (3 × 3) × (3 × 3) × (3 × 3)
∴ Radius of the ball r = 9 cm.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 10 Mensuration Optional Exercise

Question 3.
A solid toy is in the form of a right circular cylinder with a hemispheri¬cal shape at one end and a cone at the other end. Their common diameter is 4.2 cm. and height of the cylindrical and conical portion are 12 cm. and 7 cm. respectively. Find the volume of the solid toy. [π = [latex]\frac{22}{7}[/latex]]
Answer:
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 10 Mensuration Optional Exercise 4
Volume of the toy = volume of the hemisphere + volume of the cylinder + volume of the cone.
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 10 Mensuration Optional Exercise 5
Hemisphere:
Radius = [latex]\frac{d}{2}[/latex] = [latex]\frac{4.2}{2}[/latex] = 2.1 cm
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 10 Mensuration Optional Exercise 6
Cylinder:
Radius, r = [latex]\frac{d}{2}[/latex] = [latex]\frac{4.2}{2}[/latex] = 2.1 cm
height, h = 12 cm
V = πr2h
= [latex]\frac{22}{7}[/latex] × 2.1 × 2.1 × 12
= 166.32 cm3
Cone: Radius, r = [latex]\frac{d}{2}[/latex] = [latex]\frac{4.2}{2}[/latex] = 2.1 cm
Height, h = 7 cm
Volume = [latex]\frac{1}{3}[/latex]πr2h
= [latex]\frac{1}{3}[/latex] × [latex]\frac{22}{7}[/latex] × 2.1 × 2.1 × 7
= 32.34 cm3
∴ Total volume = 19.404 + 166.32 + 32.34 = 218.064 cm3.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 10 Mensuration Optional Exercise

Question 4.
Three metal cubes with edges 15 cm., 12 cm. and 9 cm. respectively are melted together and formed into a simple cube. Find the diagonal of this cube.
Answer:
Edges l1 = 15 cm, l2 = 12 cm, l3 = 9 cm.
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 10 Mensuration Optional Exercise 7
Volume of the resulting cube = Sum of the volumes of the three given cubes
L3 = l13 + l23 + l33
L3 = 153 + 123 + 93
L3 = 3375 + 1728 + 729
L3 = 5832 = 18 × 18 × 18
∴ Edge of the new cube l = 18 cm
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 10 Mensuration Optional Exercise 9

Question 5.
A hemispherical bowl of internal diameter 36 cm. contains a liquid. This liquid is to be filled in cylindrical bottles of radius 3 cm. and height 6 cm. How many bottles are required to empty the bowl?
Answer:
Let the number of bottles required = n
Then total volume of n bottles = volume of the hemispherical bowl
n. πr12h = πr22h
Bottle:
Radius, r = 3 cm; Height, h = 7 cm
Volume, V = πr2h
= [latex]\frac{22}{7}[/latex] × 3 × 3 × 7
= 198 cm3
∴ Total volume of n bottles = 198 . n cm3.
Bowl:
Radius, r = [latex]\frac{d}{2}[/latex] = [latex]\frac{36}{2}[/latex] = 18 cm
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 10 Mensuration Optional Exercise 8
∴ 62 bottles are required to empty the bowl.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise

AP State Syllabus SSC 10th Class Maths Solutions 9th Lesson Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise

AP State Board Syllabus AP SSC 10th Class Maths Textbook Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise Textbook Questions and Answers.

10th Class Maths 9th Lesson Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise Textbook Questions and Answers

Question 1.
Prove that the angle between the two tangents drawn from an external point to a circle is supplementary to the angle subtended by the line – segment joining the points of contact at the centre.
Answer:
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise 1
Given: A circle with centre ‘O’.
Two tangents [latex]\overleftrightarrow{\mathrm{PQ}}[/latex] and [latex]\overleftrightarrow{\mathrm{PT}}[/latex] from an external point P. Let Q, T be the points of contact.
R.T.P: ∠P and ∠QOT are supplementary.
Proof: OQ ⊥ PQ
[∵ radius is perpendicular to the tangent at the point of contact] also OT ⊥ PT
∴ ∠OQP + ∠OTP = 90° + 90° = 180° Nowin oPQOT,
∠OTP + ∠TPQ + ∠PQO + ∠QOT
= 360° (angle sum property)
180° + ∠P + ∠QOT = 360°
∠P + ∠QOT = 360°- 180° = 180° Hence proved. (Q.E.D.)

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise

Question 2.
PQ is a chord of length 8 cm of a circle of radius 5 cm. The tangents at P and Q intersect at a point T (See figure). Find the length of TP.
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise 3
Answer:
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise 4
Given: PQ = 8
⇒ PR = 4
⇒ PO2 = PR2 + OR2
⇒ 25 = 16 + OR2
⇒ OR = 3
Now let RT = x and PT in △OPT, ∠P = 90°
∴ OT is hypotenuse.
∴ OT2 = OP2 + PT2
(Pythagoras theorem)
(3 + x)2 = 52 + y2 …….. (1)
and in △PRT, ∠R = 90°
∴ [latex]\overline{\mathrm{PT}}[/latex] is hypotenuse.
∴ PT2 = PR2 + RT2
y2 = 42 + x2 …….. (2)
Now putting the value of y2 = 42 + x2 in equation (1) we got
(3 + x)2 = 52 + x2 + 42
9 + x2 + 6x = 25 + 16 + x2
6x = 25 + 16 – 9 = 25 + 7 = 32
⇒ x = [latex]\frac{32}{6}[/latex] = [latex]\frac{16}{3}[/latex]
Now from equation (2), we get
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise 5

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise

Question 3.
Prove that opposite sides of a quadrilateral circumscribing a circle subtend supplementary angles at the centre of the circle.
Answer:
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise 6
Given: Let a circle with centre ‘O’ touches the sides AB, BC, CD and DA of a quadrilateral ABCD at the points P, Q, R and S respectively.
R.T.P: ∠AOB + ∠COD = 180°
∠AOD + ∠BOC = 180°
Construction: Join OP, OQ, OR and OS.
Proof: Since the two tangents drawn from an external point of a circle subtend equal angles.
At the centre,
∴ ∠1 = ∠2
∠3 = ∠4 (from figure)
∠5 = ∠6
∠7 = ∠8
Now, ∠1 + ∠2 + ∠3 + ∠4 + ∠5 + ∠6 + ∠7 + ∠8 = 360°
[∵ Sum of all the angles around a point is 360°]
So, 2 (∠2 + ∠3 + ∠6 + ∠7) = 360°
and 2 (∠1 + ∠8 + ∠4 + ∠5) = 360°
(∠2 + ∠3) + (∠6 + ∠7) = [latex]\frac{360}{2}[/latex] = 180°
Also, (∠1 + ∠8) + (∠4 + ∠5) = [latex]\frac{360}{2}[/latex] = 180°
So, ∠AOB + ∠COD = 180°
[∵ ∠2 + ∠3 = ∠AOB;
∠6 + ∠7 = ∠COD
∠1 + ∠8 = ∠AOD
and ∠4 + ∠5 = ∠BOC [from fig.]]
and ∠AOD + ∠BOC = 180°

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise

Question 4.
Draw a line segment AB of length 8 cm. Taking A as centre, draw a circle of radius 4 cm and taking B as centre, draw another circle of radius 3 cm. Construct tangents to each circle from the centre of the other circle.
Answer:
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise 2
Steps of construction:

  1. Draw a line segment AB of length 8 cm.
  2. With A and B as centres and 4 cm, 3 cm as radius draw two circles.
  3. Draw the perpendicular bisectors [latex]\stackrel{\leftrightarrow}{\mathrm{XY}}[/latex] of AB. Let [latex]\stackrel{\leftrightarrow}{\mathrm{XY}}[/latex] and AB meet at M.
  4. Taking M as centre and MA or MB as radius draw a circle which cuts the circle with centre A at P and Q and circle with centre B at R, S.
  5. Join BP, BQ and AR, AS.

Question 5.
Let ABC be a right triangle in which AB = 6 cm, BC = 8 cm and ∠B = 90°. BD is the perpendicular from B on AC. The circle through B, C, D is drawn. Construct the tangents from A to this circle.
Answer:
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise 7
Steps of construction:

  1. Draw AABC such that AB = 6 cm; ∠B = 90° and BC – 8 cm.
  2. Drop a perpendicular BD from B on AC.
  3. Draw the circumcircle to ABCD. Let ‘E’ be its centre.
  4. Join AE and draw its perpendicular bisector [latex]\stackrel{\leftrightarrow}{\mathrm{XY}}[/latex]. Let it meet AE at M.
  5. Taking M as centre and MA or ME as radius draw a circle, which’ cuts the circumcircle of △BCD at P and B.
  6. Join AP and extend AB, which are the required tangents.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise

Question 6.
Find the area of the shaded region in the figure, given in which two circles with centres A and B touch each other at the point C. If AC = 8 cm. and AB = 3 cm.
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise 8
Answer:
Given: Two circles with centres A and B, whose radii are 8 cm and 5 cm.
[∵ AC = 8 cm, AB = 3 cm ⇒ BC = 8 – 3 = 5 cm]
Area of the shaded region = (Area of the larger circle) – (Area of the smaller circle)
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise 9

Question 7.
ABCD is a rectangle with AB = 14 cm. and BC = 7 cm. Taking DC, BC and AD as diameters, three semicircles are drawn as shown in the figure. Find the area of the shaded region.
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise 10
Answer:
Given AB = 14 cm, AD = BC = 7 cm Area of the shaded and unshaded region
= (2 × Area of the semi-circles with AD as diameter) + Area of the rectangle
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 9 Tangents and Secants to a Circle Optional Exercise 11

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 8 Similar Triangles Optional Exercise

AP State Syllabus SSC 10th Class Maths Solutions 8th Lesson Similar Triangles Optional Exercise

AP State Board Syllabus AP SSC 10th Class Maths Textbook Solutions Chapter 8 Similar Triangles Optional Exercise Textbook Questions and Answers.

10th Class Maths 8th Lesson Coordinate Geometry Optional Exercise Textbook Questions and Answers

Question 1.
In the given figure, [latex]\frac{QT}{PR}[/latex] = [latex]\frac{QR}{QS}[/latex] and ∠1 = ∠2. Prove that △PQS ~ △TQR.
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 8 Similar Triangles Optional Exercise 1
Answer:
Given: [latex]\frac{QT}{PR}[/latex] = [latex]\frac{QR}{QS}[/latex]
∠1 = ∠2
R.T.P : △PQS ~ △TQR
Proof: In △PQR; ∠1 = ∠2 Thus, PQ = PR
[∵ sides opp. to equal angles are equal]
[latex]\frac{QT}{PR}[/latex] = [latex]\frac{QR}{QS}[/latex] ⇒ [latex]\frac{QT}{PQ}[/latex] = [latex]\frac{QR}{QS}[/latex]
i.e., the line PS divides the two sides QT and QR of △TQR in the same ratio.
Hence, PS // TR.
[∵ If a line join of any two points on any two sides of triangle divides the two sides in the same ratio, then the line is parallel to the third side]
Hence, PS // TR (converse of B.P.T)
Now in △PQS and △TQR
∠QPS = ∠QTR
[∵ ∠P, ∠T are corresponding angles for PS // TR]
∠QSP = ∠QRT
[∵ ∠S, ∠R are corresponding angles for PS // TR]
∠Q = ∠Q (common)
∴ △PQS ~ △TQR (by AAA similarity)

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 8 Similar Triangles Optional Exercise

Question 2.
Ravi is 1.82 m tall. He wants to find the height of a tree in his backyard. From the tree’s base he walked 12.20 m. along the tree’s shadow to a position where the end of his shadow exactly overlaps the end of the tree’s shadow. He is now 6.10 m from the end of the shadow. How tall is the tree?
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 8 Similar Triangles Optional Exercise 2
Answer:
Given:
Height of Ravi ‘BC’ = 1.82 m.
Distance of Ravi from the foot of the tree BD = 12.2 m.
Length of the shadow of Ravi = AB = 6.10 m
Let DE represent the tree.
From the figure, △ABC ~ △ADE.
Thus, [latex]\frac{AB}{AD}[/latex] = [latex]\frac{BC}{DE}[/latex] = [latex]\frac{AC}{AE}[/latex]
Ratio of corresponding sides of two similar triangles are equal]
[latex]\frac{6.10}{6.10+12.20}[/latex] = [latex]\frac{1.82}{\mathrm{DE}}[/latex]
DE = [latex]\frac{1.82 \times 18.30}{6.10}[/latex] = 5.46 m
Thus the height of the tree = 5.46 m.

Question 3.
The diagonal AC of a parallelogram ABCD intersects DP at the point Q, where ‘P’ is any point on side AB. Prove that CQ × PQ = QA × QD.
Answer:
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 8 Similar Triangles Optional Exercise 3
Given: □ ABCD is a parallelogram.
P is a point on AB.
DP and AC intersect at Q.
R.T.P.: CQ . PQ = QA . QD.
Proof: In △CQD, △AQP
∠QCD = ∠QAP
∠CQD = ∠AQP
∴ ∠QDC = ∠QPA
(∵ Angle sum property of triangles)
Thus, △CQD ~ △AQP by AAA similarity condition.
[latex]\frac{CQ}{AQ}[/latex] = [latex]\frac{QD}{QP}[/latex] = [latex]\frac{CD}{AP}[/latex]
[∵ Ratio of corresponding sides of similar triangles are equal]
[latex]\frac{CQ}{AQ}[/latex] = [latex]\frac{QD}{QP}[/latex]
CQ . PQ = QA . QD [Q.E.D]

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 8 Similar Triangles Optional Exercise

Question 4.
△ABC and △AMP are two right triangles right angled at B and M respectively. Prove that (i) △ABC ~ △AMP (ii) [latex]\frac{CA}{PA}[/latex] = [latex]\frac{BC}{MP}[/latex]
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 8 Similar Triangles Optional Exercise 4
Answer:
Given: △ABC; ∠B = 90°
AAMP; ∠M = 90°
R.T.P : i) △ABC ~ △AMP
Proof: In △ABC and △AMP
∠B = ∠M [each 90° given]
∠A = ∠A [common]
Hence, ∠C = ∠P
[∵ Angle sum property of triangles]
∴ △ABC ~ △AMP (by A.A.A. similarity)
ii) △ABC ~ △AMP (already proved)
[latex]\frac{AB}{AM}[/latex] = [latex]\frac{BC}{MP}[/latex] = [latex]\frac{CA}{PA}[/latex]
[∵ Ratio of corresponding sides of similar triangles are equal]
[latex]\frac{CA}{PA}[/latex] = [latex]\frac{BC}{MP}[/latex]

Question 5.
An aeroplane leaves an airport and flies due north at a speed of 1000 kmph. At the same time another aeroplane leaves the same airport and flies due west at a speed of 1200 kmph. How far apart will the two planes be after 1[latex]\frac{1}{2}[/latex] hour?
Answer:
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 8 Similar Triangles Optional Exercise 5
Given: Speed of the first plane due north = 1000 kmph.
Speed of the second plane due west = 1200 kmph.
Distance = Speed × Time
Distance travelled by the first plane in
1[latex]\frac{1}{2}[/latex] hrs = 1000 × 1[latex]\frac{1}{2}[/latex] = 1000 × [latex]\frac{3}{2}[/latex] = 1500 km.
Distance travelled by the second plane
in 1[latex]\frac{1}{2}[/latex] hrs = 1200 × [latex]\frac{3}{2}[/latex] = 1800 km.
From the figure, △ABC is a right triangle; ∠A = 90°.
AB2 + AC2 = BC2
[Pythagoras theorem]
15002 + 18002 = BC2
2250000 + 3240000 = BC2
∴ BC = √5490000
= 100 × √549 m
≅ 100 × 23.43
≅ 2243km.

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 8 Similar Triangles Optional Exercise

Question 6.
In a right triangle ABC right angled at C. P and Q are points on sides AC and CB respectively which divide these sides in the ratio of 2:1. Prove that
i) 9AQ2 = 9AC2 + 4BC2
ii) 9BP2 = 9BC2 + 4AC2
iii) 9(AQ2 + BP2) = 13AB2
Answer:
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 8 Similar Triangles Optional Exercise 6
Given: In △ABC; ∠C = 90°
R.T.P.: i) 9AQ2 = 9AC2 + 4BC2
Proof: In △ACQ; ∠C = 90°
AC2 + CQ2 = AQ2
[side2 + side2 = hypotenuse2]
AQ2 = AC2 + [latex]\left(\frac{2}{3} \mathrm{BC}\right)^{2}[/latex]
[∵ Q divides CB in the ratio 2 : 1
CQ = [latex]\frac{2}{3}[/latex]BC]
AQ2 = AC2 + [latex]\frac{4}{9} \mathrm{BC}^{2}[/latex]
AQ2 = [latex]\frac{9 \mathrm{AC}^{2}+4 \mathrm{BC}^{2}}{9}[/latex]
⇒ 9AQ2 = 9AC2 + 4BC2

ii) 9BP2 = 9BC2 + 4AC2
Proof: In △PCB,
PB2 = PC2 + BC2 [Pythagoras theorem]
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 8 Similar Triangles Optional Exercise 7
⇒ PB2 = AC2 + 9BC2
[!! If we take P on CA, in the ratio 2 : 1 then we get
BP2 = PC2 + BC2
BP2 = [latex]\left(\frac{2}{3} \mathrm{A}\right)^{2}[/latex] + BC2
BP2 = [latex]\frac{4}{9} \mathrm{AC}^{2}[/latex] + BC2
BP2 = [latex]\frac{4 \mathrm{AC}^{2}+9 \mathrm{BC}^{2}}{9}[/latex]
9BP2 = 4AC2 + 9BC2

AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 8 Similar Triangles Optional Exercise

iii) 9 (AQ2 + BP2) = 13 AB2
Proof: In △ABC,
AC2 + BC2 = AB2
[Pythagoras theorem]
Also, from (i) and (ii),
AP SSC 10th Class Maths Solutions Chapter 8 Similar Triangles Optional Exercise 8